Summary
Chapter 11 of the Class 12 Hindi NCERT textbook (Antra), 'Sumirini Ke Manke' (सुमिरिनी के मनके), पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा रचित तीन लघु निबंधों — बालक बच गया, घड़ी के पुर्जे और ढेले चुन लो — का संग्रह है, जो शिक्षा, धर्म-जिज्ञासा और लोक-अंधविश्वास जैसी समाज की मूल समस्याओं पर व्यावहारिक एवं विचारोत्तेजक दृष्टि डालता है।
- रटन्त शिक्षा पर व्यंग्य — 'बालक बच गया' — वार्षिकोत्सव में आठ वर्षीय बालक से उम्र से परे कठिन प्रश्न पूछे जाते हैं, पर वह इनाम में केवल 'लूं' माँगकर अपनी स्वाभाविक बाल-प्रवृत्ति बचा लेता है — लेखक इसे जीवित वृक्ष का मधुर मर्मर कहते हैं।
- धर्म पर एकाधिकार का विरोध — 'घड़ी के पुर्जे' — धर्म के रहस्य को केवल वेदशास्त्रज्ञों तक सीमित रखकर आम जन की जिज्ञासा दबाने की प्रवृत्ति पर, घड़ी के पुर्जों के दृष्टांत द्वारा गुलेरी जी तीखा किंतु सहज व्यंग्य करते हैं।
- अंधविश्वास पर तार्किक प्रश्न — 'ढेले चुन लो' — वैदिक काल की मिट्टी-ढेलों द्वारा पत्नी-वरण की परंपरा की तुलना 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' की पेटियों से करते हुए, कबीर की साखी के सहारे लेखक लोक-अंधविश्वास पर प्रश्न उठाते हैं।
- गुलेरी की निबंध-शैली — तीनों लघु निबंध सरल, बोलचाल की भाषा में भी विषय को गंभीरता से प्रवर्तित करते हैं; बहुभाषाविद् एवं 'इतिहास दिवाकर' गुलेरी जी की विद्वता उनकी सहज शैली पर हावी नहीं होती।
Key points & formulas
- 01लेखक परिचय: पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी (1883–1922), जन्म पुरानी बस्ती, जयपुर; बहुभाषाविद् — संस्कृत, पाली, प्राकृत, अपभ्रंश, ब्रज, अवधी, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, पंजाबी, बाँग्ला के साथ अंग्रेजी, लैटिन, फ्रेंच के भी ज्ञाता; 'इतिहास दिवाकर' की उपाधि से सम्मानित; काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राच्य विभाग के प्राचार्य।
- 02विधा: तीन लघु निबंध; भाषा-शैली स्रोत-ग्रंथ के अनुसार 'सरल, बोलचाल की होते हुए भी गंभीर ढंग से विषय प्रवर्तन करने वाली।'
- 03'बालक बच गया': पाठशाला के वार्षिकोत्सव में आठ वर्षीय बालक को 'मिस्टर हादी के कोल्हू की तरह दिखाया जा रहा था'; उससे धर्म के दस लक्षण, नौ रसों के उदाहरण, पानी के चार डिग्री नीचे फैलने का कारण, चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक समाधान, हेनरी अष्टम की स्त्रियों के नाम आदि पूछे गए; इनाम में उसने 'लूं' माँगा — लेखक ने इसे 'जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर' कहा।
- 04'घड़ी के पुर्जे': धर्म के रहस्य जानने की जिज्ञासा को केवल वेदशास्त्रज्ञ धर्माचार्यों का अधिकार बताकर आम जन की जिज्ञासा बंद करने की प्रवृत्ति पर घड़ी के पुर्जों के दृष्टांत द्वारा व्यंग्यात्मक प्रश्न।
- 05'ढेले चुन लो': शेक्सपियर के नाटक 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' की पोर्शिया की तीन पेटियों (सोने, चाँदी, लोहे) की तुलना वैदिक काल की मिट्टी-ढेले परंपरा से; वेदि, गौशाला, खेत, चौराहे और मसान की मिट्टी से बने ढेलों द्वारा पत्नी-वरण; कबीर की साखी द्वारा समापन — 'पत्थर पूजे हरि मिलें तो तू पूज पहार / इससे तो चक्की भली, पीस खाय संसार।'
- 06केंद्रीय भाव: बच्चे की स्वाभाविक प्रवृत्ति को रटन्त शिक्षा से बचाना; धर्म-जिज्ञासा पर एकाधिकार का विरोध; लोक-अंधविश्वास पर तार्किक प्रश्न।
- 07कठिन शब्दार्थ (स्रोत से): 'वार्षिकोत्सव' = सालाना जलसा; 'नुमाइश' = प्रदर्शनी, दिखावा; 'यावज्जन्म' = जीवनभर; 'दृष्टांत' = उदाहरण; 'घड़ीसाजी' = घड़ी बनाने/मरम्मत करने की कला; 'अकड़बाज' = अपने फैसले को ही सही मानने वाला।
Frequently asked questions
01सुमिरिनी के मनके के लेखक कौन हैं?
इस पाठ के लेखक पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी हैं, जिनका जन्म 1883 में पुरानी बस्ती, जयपुर में हुआ और निधन 1922 में हुआ।
02Sumirini Ke Manke mein kitne nibandh hain aur unke naam kya hain?
सुमिरिनी के मनके में तीन लघु निबंध हैं — (क) बालक बच गया, (ख) घड़ी के पुर्जे, और (ग) ढेले चुन लो।
03'बालक बच गया' निबंध का मुख्य विषय क्या है?
इस निबंध का मुख्य प्रतिपाद्य शिक्षा ग्रहण की सही उम्र है। लेखक मानता है कि शिक्षा मनुष्य के मानस के विकास के लिए प्रस्तुत होनी चाहिए, 'शिक्षा के लिए मनुष्य को नहीं।'
04बालक ने इनाम में क्या माँगा और लेखक ने सुख की साँस क्यों भरी?
बालक ने इनाम में 'लूं' माँगा। लेखक ने सुख की साँस इसलिए भरी क्योंकि यह उसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति की अभिव्यक्ति थी — स्रोत के अनुसार यह 'जीवित वृक्ष के हरे पत्तों का मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखाने वाली खड़खड़ाहट नहीं।'
05'घड़ी के पुर्जे' निबंध में लेखक का क्या तर्क है?
लेखक यह तर्क देता है कि धर्म का रहस्य जानना केवल वेदशास्त्रज्ञ धर्माचार्यों का काम नहीं होना चाहिए। घड़ी के दृष्टांत द्वारा वे दिखाते हैं कि जो घड़ीसाजी का इम्तहान पास कर आया हो उसे पुर्जे देखने दिए जाएँ — इसी तरह जिज्ञासु व्यक्ति को धर्म-रहस्य जानने का अधिकार होना चाहिए।
06Guleri ji ne 'Merchant of Venice' ka zikr kyun kiya?
'ढेले चुन लो' निबंध में गुलेरी जी ने शेक्सपियर के 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' की पोर्शिया द्वारा तीन पेटियों (सोने, चाँदी, लोहे) में से एक चुनने की कथा को वैदिक काल की मिट्टी-ढेलों वाली पत्नी-वरण परंपरा के समानांतर रखकर दोनों की तुलना की है।
07वैदिक काल में मिट्टी के ढेलों से पत्नी-वरण कैसे होता था?
स्नातक कन्या के सामने कई मिट्टी के ढेले रखता था — वेदि की मिट्टी, गौशाला की मिट्टी, खेत की मिट्टी, चौराहे की मिट्टी, मसान की धूल। कन्या जो ढेला उठाती उससे संतान का भविष्य जाना जाता। यह परंपरा आश्वलायन, गोभिल, भारद्वाज आदि गृह्यसूत्रों में वर्णित है।
08गुलेरी जी को कौन-कौन सी उपाधियाँ मिलीं?
गुलेरी जी को 'इतिहास दिवाकर' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वे 11 फरवरी 1922 को पं. मदन मोहन मालवीय के आग्रह पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राच्य विभाग के प्राचार्य बने।
09'ढेले चुन लो' में कबीर का दोहा क्यों उद्धृत है?
लेखक ने 'पत्थर पूजे हरि मिलें तो तू पूज पहार / इससे तो चक्की भली, पीस खाय संसार' — यह दोहा अंधविश्वास और बाह्य आडंबर की निरर्थकता को रेखांकित करने के लिए उद्धृत किया है।
10गुलेरी जी ने कितनी कहानियाँ लिखीं और सबसे प्रसिद्ध कौन सी है?
गुलेरी जी ने तीन कहानियाँ लिखीं — सुखमय जीवन, बुद्धू का काँटा और उसने कहा था। स्रोत के अनुसार 'उसने कहा था कहानी तो गुलेरी जी का पर्याय ही बन चुकी है।'
11'बालक बच गया' में बालक से कौन-कौन से विषयों पर प्रश्न पूछे गए?
आठ वर्षीय बालक से धर्म के दस लक्षण, नौ रसों के उदाहरण, पानी के चार डिग्री नीचे शीतता में फैल जाने के कारण, चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक समाधान, अभाव को पदार्थ मानने-न मानने का शास्त्रार्थ, और इंग्लैंड के राजा आठवें हेनरी की स्त्रियों के नाम पूछे गए।
12सुमिरिनी के मनके पाठ की भाषा-शैली कैसी है?
स्रोत के अनुसार इन निबंधों की 'भाषा-शैली सरल, बोलचाल की होते हुए भी गंभीर ढंग से विषय प्रवर्तन करने वाली है।'
13क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।
More chapters in Antra
Read Chapter 11 of Antra, the Class 12 Hindi NCERT textbook (2026-27 edition), online for free: the complete chapter as published by NCERT with every diagram, solved example and exercise, with a chapter summary, question answers and revision notes. Open the NCERT PDF above, or browse all CBSE Class 12 textbooks.
Read offline with notes, solutions & mock tests
CBSE Prepmaster — free on iOS & Android