Summary
Chapter 15 of the Class 6 Sanskrit NCERT textbook (Deepakam), 'Madhavasya Priyam Angam' (माधवस्य प्रियम् अङ्गम्), इस कथा में माधव के शरीर के अंग स्वप्न में एक-दूसरे से श्रेष्ठता पर चर्चा करते हैं और माधव सभी को समझाता है कि शरीर के सभी अंग समान रूप से उपकारक और उसे प्रिय हैं।
- अंगों की परस्पर चर्चा — माधव नामक बालक स्वप्न में देखता है कि उसके शरीर के अंग — पाद, हस्त, नयन, कर्ण, मुख और उदर — आपस में चर्चा कर रहे हैं कि उनमें कौन श्रेष्ठ है। प्रत्येक अंग अपनी-अपनी उपयोगिता बताता है।
- माधव का समाधान — अंत में माधव सभी को समझाता है कि उसके शरीर के सभी अंग उसके लिए उपकारक और समान रूप से प्रिय हैं; कोई भी अंग दूसरे से कम श्रेष्ठ नहीं है — सभी सहयोग से ही शरीर चलता है।
- अंगों के नाम एवं मधुराष्टकम् — पाठ शरीर के अंगों के संस्कृत नाम सिखाता है — ललाटम्, नासिका, कर्णः, मुखम्, उदरम्, हस्तः, पादः आदि। अंत में श्रीवल्लभाचार्य-कृत 'मधुराष्टकम्' (आठ श्लोक) पढ़ने व याद करने के लिए दिया गया है।
Key points & formulas
- 01इस पाठ में माधव नामक बालक स्वप्न में अपने शरीर के अंगों की परस्पर चर्चा देखता है।
- 02पाद, हस्त, नयन, कर्ण, मुख और उदर — प्रत्येक अंग अपनी विशेषता बताते हुए स्वयं को श्रेष्ठ बताता है।
- 03माधव सभी को समझाता है — उसके शरीर के सभी अंग उसके लिए उपकारक और प्रिय हैं; सभी श्रेष्ठ हैं।
- 04पाठ में शरीर के अनेक अंगों के संस्कृत नाम सिखाए गए हैं — ललाटम्, नासिका, कर्णः, मुखम्, उदरम्, हस्तः, पादः आदि।
- 05कठिन शब्द: स्वप्ने = स्वप्न में; अनुक्षणम् = उसी समय; उपकारकाणि = सहायता करने वाले; सबलाः = बलवान्।
- 06पाठ के अंत में श्रीवल्लभाचार्य-कृत 'मधुराष्टकम्' (आठ श्लोक) पढ़ने और याद करने के लिए दिया गया है।
Frequently asked questions
01Madhavasya Priyam Angam paath mein kya sikhaya gaya hai?
इस पाठ में माधव के शरीर के विभिन्न अंगों की कथा के माध्यम से यह सिखाया गया है कि शरीर के सभी अंग समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। साथ ही शरीर के अंगों के संस्कृत नाम और उनके कार्य भी सिखाए गए हैं।
02Madhavasya Priyam Angam ka arth kya hai?
'माधवस्य प्रियम् अङ्गम्' का अर्थ है — माधव का प्रिय अंग। पाठ के अंत में माधव कहता है कि उसके शरीर के सभी अंग उसे प्रिय हैं।
03माधव स्वप्न में क्या देखता है?
माधव स्वप्न में देखता है कि उसके शरीर के अंग — पाद, हस्त, नयन, कर्ण, मुख और उदर — आपस में चर्चा कर रहे हैं कि उनमें से कौन सबसे श्रेष्ठ है।
04पाठ में हस्त (हाथ) स्वयं को श्रेष्ठ क्यों बताता है?
हस्त कहता है — मेरे कारण माधव लिखता है, गृहकार्य करता है और वस्तुएँ लाता है, इसलिए मैं ही श्रेष्ठ हूँ।
05कर्ण (कान) ने अपनी श्रेष्ठता के लिए क्या कहा?
कर्ण ने कहा — जब माधव मार्ग पर जाता है तो पीछे से आने वाले वाहनों की ध्वनि मेरे कारण सुनता है और दुर्घटना से बचता है। मेरे कारण वह शिक्षक का उपदेश सुनकर ज्ञान बढ़ाता है और संगीत सुनकर आनन्द अनुभव करता है।
06माधवस्य प्रियम् अङ्गम् पाठ का नैतिक संदेश क्या है?
पाठ का संदेश है कि शरीर का प्रत्येक अंग महत्त्वपूर्ण है। माधव स्वयं कहता है — 'अतः भवन्तः सर्वेऽपि श्रेष्ठाः। भवन्तः सर्वेऽपि मम प्रियाः।' अर्थात् आप सभी श्रेष्ठ हैं और मुझे सभी प्रिय हैं।
07माधव ने सभी अंगों को क्या उत्तर दिया?
माधव ने कहा — मैं नयनों से देखता हूँ, कर्णों से सुनता हूँ, मुख से बोलता और खाता हूँ, उदर के पाचन से शक्ति प्राप्त करता हूँ और पादों से चलता हूँ। इसलिए मेरे शरीर के सभी अंग मेरे लिए उपकारक और प्रिय हैं।
08'स्वप्ने', 'अनुक्षणम्' और 'उपकारकाणि' के अर्थ क्या हैं?
'स्वप्ने' का अर्थ है — स्वप्न में। 'अनुक्षणम्' का अर्थ है — उसी समय। 'उपकारकाणि' का अर्थ है — सहायता करने वाले।
09पाठ में 'मधुराष्टकम्' क्या है और किसने लिखा है?
'मधुराष्टकम्' श्रीवल्लभाचार्य द्वारा रचित आठ श्लोकों की स्तुति है जो इस पाठ के अंत में 'पठन्तु स्मरन्तु च' (पढ़ो और याद करो) खंड में दी गई है। इसकी प्रत्येक पंक्ति में 'मधुरम्' शब्द आता है और अंत में 'मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्' की आवृत्ति होती है।
10इस पाठ में कौन-कौन से पात्र हैं?
इस पाठ में माधव (बालक) और उसके शरीर के अंग — पाद, हस्त, नयन, कर्ण, मुख और उदर — पात्र के रूप में वार्तालाप करते हैं।
11पाठ में कौन-कौन से शरीर के अंगों के संस्कृत नाम सिखाए गए हैं?
योग्यताविस्तर भाग में ललाटम्, भ्रूः, नासिका, कपोलः, चिबुकम्, ग्रीवा, स्कन्धः, कूर्परः, नाभिः, मणिबन्धः, अङ्गुल्यः, हस्तः, कटिः, ऊरुः, जानु, जङ्घा, गुल्फः, पादः आदि अनेक अंगों के संस्कृत नाम दिए गए हैं।
12क्या Madhavasya Priyam Angam अध्याय की PDF मुफ़्त है?
हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।
More chapters in Deepakam
Read Chapter 15 of Deepakam, the Class 6 Sanskrit NCERT textbook (2026-27 edition), online for free: the complete chapter as published by NCERT with every diagram, solved example and exercise, with a chapter summary, question answers and revision notes. Open the NCERT PDF above, or browse all NCERT Class 6 textbooks.
Read offline with notes, solutions & mock tests
CBSE Prepmaster — free on iOS & Android