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Malhar

Hindi Textbook13 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Malhar

A quick revision map of Malhar — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

Matribhumi

Chapter 1 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Matribhumi' (मातृभूमि), कवि सोहनलाल द्विवेदी की एक देशभक्ति कविता है, जिसमें कवि ने हिमालय, गंगा-यमुना-त्रिवेणी, झरनों और अमराइयों का वर्णन करते हुए राम, कृष्ण और बुद्ध की इस धरती को पुण्य-भूमि, मातृभूमि और बुद्ध-भूमि कहा है।

  • 1विधा एवं कवि: यह एक देशभक्ति कविता है, जिसके कवि सोहनलाल द्विवेदी (1906–1988) हैं — हिंदी के प्रसिद्ध देशभक्त कवि जिनका सबसे प्रिय विषय 'देशभक्ति' था।
  • 2केंद्रीय भाव: अपनी जन्मभूमि भारत के प्रति गहरा प्रेम और गर्व — भारत को माँ के समान पूजनीय बताया गया है।
  • 3प्रकृति चित्रण: हिमालय, गंगा-यमुना-त्रिवेणी, पहाड़ी झरने, चिड़ियाँ, घनी अमराइयाँ, कोयल और सुगंधित मलय पवन का जीवंत वर्णन है।
  • 4महापुरुषों का उल्लेख: रघुपति (राम), सीता, श्रीकृष्ण (वंशी-गीता) और गौतम बुद्ध (दया व प्रकाश) का उल्लेख भारत के धार्मिक गौरव को दर्शाता है।
  • 5काव्य-सौंदर्य: "वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी" की टेक (refrain) और 'भूमि' से बने अनेक विशेषण — पुण्य, स्वर्ण, धर्म, कर्म, युद्ध, बुद्ध — कविता को संगीतात्मक और अर्थपूर्ण बनाते हैं।
02

Gol

Chapter 2 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Gol' (गोल), 'हॉकी के जादूगर' मेजर ध्यानचंद की आत्मकथा का एक संस्मरण-अंश है, जिसमें वे अपने हॉकी जीवन की यादें, खेल भावना और सफलता का रहस्य साझा करते हैं।

  • 1विधा — संस्मरण; यह मेजर ध्यानचंद की आत्मकथा का एक अंश है।
  • 2लेखक — मेजर ध्यानचंद (1905–1979), जिन्हें 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है।
  • 3केंद्रीय भाव — सच्ची खेल भावना, लगन और साधना से सफलता मिलती है; बुराई का बदला बुराई से नहीं, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन से लेना चाहिए।
  • 4प्रमुख घटना — सन् 1933 में विरोधी खिलाड़ी ने सिर पर हॉकी स्टिक मारी; ध्यानचंद ने पट्टी बाँधकर वापस लौटकर छह गोल किए।
  • 51936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद की कप्तानी में भारत को स्वर्ण पदक मिला।
03

Pahli Boond

Chapter 3 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Pahli Boond' (पहली बूँद), बाल साहित्यकार गोपालकृष्ण कौल द्वारा रचित एक कविता है, जो वर्षा की पहली बूँद के धरती पर पड़ने से जागती प्रकृति के उल्लास का अद्भुत चित्रण प्रस्तुत करती है।

  • 1कवि: गोपालकृष्ण कौल (1923–2007) — बाल साहित्यकार; प्रकृति, देश-प्रेम और जीव-जंतुओं पर मनोरम कविताएँ लिखने के लिए प्रसिद्ध।
  • 2विधा: कविता — पावस (वर्षा ऋतु) के पहले दिन धरती पर गिरती पहली बूँद को केंद्र में रखकर प्रकृति का सजीव चित्रण।
  • 3केंद्रीय भाव: वर्षा की पहली बूँद से सूखी-प्यासी धरती को नव-जीवन मिलता है और संपूर्ण प्रकृति में उत्साह एवं आनंद जाग उठता है।
  • 4प्रमुख काव्य-सौंदर्य: '-सी/-सा/-से' से तुलना — 'गिरी बूँद अमृत-सी', 'नीले नयनों-सा यह अंबर', 'काली पुतली-से ये जलधर'; बादलों को मानव की तरह चित्रित किया गया है — नगाड़े बजाना और करुणा से अश्रु बहाना।
  • 5कठिन शब्दार्थ: पावस = वर्षा ऋतु; अधर = होंठ; वसुंधरा = पृथ्वी; रोमावलि = रोम/रोएँ की पंक्ति।
04

Haar ki Jeet

Chapter 4 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Haar ki Jeet' (हार की जीत), लेखक सुदर्शन द्वारा लिखी एक प्रसिद्ध कहानी है, जो बताती है कि सच्ची दयालुता और मानवता में विश्वास अंततः डाकू के हृदय को भी बदल देता है।

  • 1लेखक: सुदर्शन (वास्तविक नाम: बदरीनाथ भट्ट, 1896–1983); विधा: कहानी
  • 2केंद्रीय भाव: सच्ची दयालुता और मानवता में अटूट विश्वास किसी भी कठोर हृदय को बदल सकता है
  • 3मुख्य पात्र: बाबा भारती (दयालु संत), खड्गसिंह (डाकू), सुलतान (घोड़ा)
  • 4बाबा भारती ने घोड़ा गँवाने के बाद भी केवल यह सोचा कि 'दुनिया से विश्वास न उठे' — यही उनकी असली जीत है
  • 5शब्दार्थ — लट्टू होना: किसी पर मोहित/दीवाना होना
05

Rahim ke Dohe

Chapter 5 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Rahim ke Dohe' (रहीम के दोहे), भक्तिकाल के कवि अब्दुर्रहीम खानखाना का दोहा-संग्रह है, जिसमें नीति, प्रेम, मित्रता और परोपकार पर सात दोहों के माध्यम से जीवन के व्यावहारिक सत्य प्रस्तुत किए गए हैं।

  • 1कवि: अब्दुर्रहीम खानखाना (रहीम) — भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि; जन्म 16वीं शताब्दी, मृत्यु 17वीं शताब्दी; अवधी और ब्रजभाषा में रचनाएँ कीं।
  • 2विधा: दोहे — नीति, भक्ति और प्रेम पर आधारित सात दोहों का संकलन।
  • 3केंद्रीय भाव: परोपकार, प्रेम की रक्षा, मान-सम्मान का महत्व, सच्ची मित्रता की पहचान और विवेकपूर्ण वाणी।
  • 4प्रमुख काव्य-सौंदर्य: प्रकृति के उदाहरणों (तरुवर, सरवर) से मानवीय गुणों का चित्रण; 'पानी' शब्द के एक ही स्थान पर तीन अर्थ — जल, सम्मान और चमक।
  • 5कठिन शब्दार्थ: तरुवर = वृक्ष/पेड़; सरवर = तालाब/सरोवर; सुजान = सज्जन/बुद्धिमान।
06

Meri Maa

Chapter 6 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Meri Maa' (मेरी माँ), क्रांतिकारी रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा 'निज जीवन की एक छटा' का एक अंश है, जिसमें बिस्मिल फाँसी से पूर्व जेल से अपनी माँ के प्रति असीम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके प्रोत्साहन ने उन्हें क्रांतिकारी जीवन जीने की शक्ति दी।

  • 1लेखक: रामप्रसाद 'बिस्मिल' (1897–1927) — क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, कवि एवं लेखक; 'सरफ़रोशी की तमन्ना' के रचनाकार
  • 2विधा: आत्मकथा का अंश — 'निज जीवन की एक छटा' से, जो जेल में चोरी-छिपे लिखी गई और प्रकाशित हुई
  • 3केंद्रीय भाव: माँ के प्रति असीम कृतज्ञता — माताजी के प्रोत्साहन ने बिस्मिल को साहस, सत्य और देश-सेवा के पथ पर दृढ़ रखा
  • 4माताजी की विशेषता: दादीजी-पिताजी का विरोध सहते हुए भी पुत्र के हर कार्य में सहायता की; ग्यारह वर्ष की आयु में अशिक्षित होकर बाद में स्वयं हिंदी पढ़ना सीखा
  • 5माताजी का सबसे बड़ा आदेश: अपने शत्रु को भी कभी प्राणदंड न देना — किसी की प्राणहानि न हो
07

Jalate Chalo

Chapter 7 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Jalate Chalo' (जलाते चलो), कवि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी द्वारा रचित एक प्रेरणादायक कविता है, जिसमें कवि स्नेह से भरे दीप जलाते रहने की प्रेरणा देते हैं ताकि संसार का अँधेरा मिटे और एक दिन निशा को सवेरा अवश्य मिले।

  • 1कवि: इस कविता के रचनाकार द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी (1916–1998) हैं, जो हिंदी बाल साहित्य के प्रसिद्ध कवि हैं; उनका गीत 'हम सब सुमन एक उपवन के' आज भी लोकप्रिय है।
  • 2विधा: यह एक प्रेरणादायक कविता है जिसमें नियमित लय एवं तुकबंदी है; कविता की प्रत्येक पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है।
  • 3केंद्रीय भाव: स्नेह से भरे दीप जलाते रहने से एक दिन संसार का अँधेरा मिटेगा — निराश न होकर भलाई के कार्य निरंतर करते रहना ही कविता का मूल संदेश है।
  • 4प्रतीक-योजना: दीप = भलाई/अच्छाई; तिमिर/अमावस = बुराई/निराशा/कठिनाई; विद्युत-दिये = बिना प्रेम की भौतिक प्रगति; निशा = अँधकार; सवेरा = उजाला/आशा।
  • 5काव्य-सौंदर्य: 'सा/सी/से' का प्रयोग तुलना के लिए — 'अमावस निशा-सी', 'स्वर्ण-सी जल रही' — कविता को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।
08

Satriya aur Bihu Nritya

Chapter 8 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Satriya aur Bihu Nritya' (सत्रिया और बिहू नृत्य), जया मेहता की पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया एक कथा-निबंध है, जो लंदन की लड़की एंजेला की नज़र से असम के बिहू और सत्रिया नृत्य की समृद्ध परंपरा से परिचित कराता है।

  • 1लेखिका जया मेहता (जन्म 1977) नृत्यांगना, लेखिका और शिक्षिका हैं; यह पाठ उनकी पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया है; हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है।
  • 2विधा: कथा-निबंध — यात्रा-वृत्तांत शैली में लिखी गई कहानी, जिसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का क्रमबद्ध वर्णन है।
  • 3केंद्रीय भाव: एक विदेशी बच्ची एंजेला की आँखों से भारत की नृत्य परंपरा — बिहू और सत्रिया — की सुंदरता और विविधता का परिचय।
  • 4मुख्य पात्र: एंजेला (लंदन की दस वर्षीया लड़की), एलेसेंड्रा (माँ, डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता), अनु (असमी मित्र, रीना सेन की बेटी)।
  • 5बिहू असम का कृषि-आधारित त्योहार है — साल में तीन बार: रोंगाली/बोहाग (अप्रैल, बीज बोने पर), भोगाली/माघ (जनवरी, अनाज तैयार होने पर), कोंगाली/काटी (अक्तूबर, धान रोपने पर)।
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Maiya Main Nahin Makhan Khayo

Chapter 9 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Maiya Main Nahin Makhan Khayo' (मैया मैं नहीं माखन खायो), महाकवि सूरदास द्वारा ब्रजभाषा में रचित एक पद है, जिसमें बालक श्रीकृष्ण चतुराई से अपनी माँ यशोदा को एक-एक तर्क देकर मनाते हैं कि उन्होंने माखन नहीं खाया, और अंत में यशोदा हँसकर उन्हें गले लगा लेती हैं।

  • 1कवि: महाकवि सूरदास — जन्म 15वीं शताब्दी, निधन 16वीं शताब्दी; मथुरा, गोवर्धन और ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण के गुणगान में भजन गाए; दृष्टिबाधित होने पर भी उनकी कल्पना शक्ति और काव्य-कौशल असाधारण था
  • 2विधा: पद (कविता), ब्रजभाषा में रचित — पद की प्रत्येक पंक्ति '-ायो' तुक पर समाप्त होती है (अंत्यानुप्रास)
  • 3केंद्रीय भाव: बालक श्रीकृष्ण की बाल-सुलभ चतुराई और माँ यशोदा का अटूट वात्सल्य प्रेम
  • 4मुख्य पात्र: श्रीकृष्ण (बालक) और यशोदा (पालक माँ); ग्वाल-बाल (कृष्ण के साथी गोपालक बच्चे जिन्होंने माखन लगाया)
  • 5कठिन शब्दार्थ — छीका: छत से लटकाया जाने वाला रस्सी का जाल जिसमें दही-माखन रखते थे; बंसीवट: वह वट वृक्ष जहाँ कृष्ण गाय चराते और वंशी बजाते थे
10

Pariksha

Chapter 10 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Pariksha' (परीक्षा), प्रेमचंद द्वारा लिखी एक प्रसिद्ध कहानी है, जो सिद्ध करती है कि सच्ची योग्यता डिग्री या दिखावे में नहीं, बल्कि दया, आत्मबल और उदारता में होती है।

  • 1लेखक — प्रेमचंद (1880–1936); हिंदी के महान कथा-सम्राट, वास्तविक नाम धनपतराय
  • 2विधा — कहानी (गद्य)
  • 3केंद्रीय भाव — सच्ची योग्यता डिग्री या दिखावे में नहीं, बल्कि दया, आत्मबल और उदारता में होती है
  • 4मुख्य पात्र — दीवान सुजानसिंह (परीक्षक), युवक जानकीनाथ (विजेता उम्मीदवार), किसान
  • 5मुख्य घटना — जानकीनाथ चोट के बावजूद कोट उतारकर कीचड़ में घुटनों तक धँसकर किसान की गाड़ी निकालते हैं; शेष उम्मीदवार उदासीन बने रहते हैं
11

Chetek ki Veerta

Chapter 11 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Chetek ki Veerta' (चेतक की वीरता), कवि श्यामनारायण पाण्डेय की 'हल्दीघाटी' काव्यकृति (1939) का एक अंश है, जिसमें महाराणा प्रताप के वीर अश्व चेतक की रणभूमि में असाधारण फुर्ती, निर्भीकता और स्वामिभक्ति का वर्णन किया गया है।

  • 1कवि: श्यामनारायण पाण्डेय (1907–1991); वीर रस की कविताओं के लिए प्रसिद्ध।
  • 2विधा: वीर रस की तुकांत कविता; 'हल्दीघाटी' काव्यकृति (प्रकाशन 1939) का अंश।
  • 3केंद्रीय भाव: महाराणा प्रताप के अश्व चेतक की अदम्य वीरता, हवा से तेज गति और राणा के प्रति अटूट स्वामिभक्ति।
  • 4चेतक शत्रुओं के मस्तक पर से दौड़ता था; राणा की पलक हिलने से पहले ही उनका इशारा समझकर मुड़ जाता था।
  • 5प्रमुख काव्य-सौंदर्य: '-सा/-सी' से तुलना (बादल-सा, नद-सा, हवा-सी गति), वीर रस, तुकांत शैली।
12

Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan

Chapter 12 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan' (हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान), रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा लिखा एक यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें लेखक ने मॉरिशस की यात्रा का वर्णन करते हुए बताया है कि वहाँ के भारतीयों ने अत्याचार सहकर भी अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा की और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।

  • 1विधा और लेखक: यह यात्रा-वृत्तांत हिंदी के प्रसिद्ध लेखक रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) द्वारा रचित है; उनकी रचनाओं में वीरता, उत्साह और देशप्रेम का भाव प्रमुख है।
  • 2केंद्रीय भाव: मॉरिशस के भारतीयों ने अत्याचार सहकर भी अपने धर्म और संस्कृति को जीवित रखा और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।
  • 3यात्रा-मार्ग: लेखक दिल्ली (15 जुलाई) → मुंबई (16 जुलाई) → नैरोबी, केन्या (17 जुलाई) → मॉरिशस की यात्रा पर गए; नैरोबी के राष्ट्रीय उद्यान में सिंहों, हिरनों और जिराफ का दृश्य देखा।
  • 4मॉरिशस में भारतीयता: 67% आबादी भारतीय मूल की और 53% हिंदू हैं; पोर्टलुई में कलकत्ता, मद्रास, बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान जैसे नाम हैं; प्रत्येक प्रमुख ग्राम में शिवालय है।
  • 5शिवरात्रि उत्सव: वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पर्व शिवरात्रि है — सभी हिंदू श्वेत वस्त्र धारण कर काँवर लेकर परी-तालाब से जल भरते हैं और अपने गाँव के शिवालय में शिवजी को जल चढ़ाते हैं।
13

Ped ki Baat

Chapter 13 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Ped ki Baat' (पेड़ की बात), जगदीशचंद्र बसु द्वारा लिखा और शंकर सेन द्वारा बांग्ला से हिंदी में अनूदित एक वैज्ञानिक-साहित्यिक निबंध है, जिसमें पेड़-पौधों के बीज से मृत्यु तक के जीवन-चक्र, पोषण-प्रक्रिया और संतान के लिए आत्म-बलिदान का मार्मिक चित्रण है।

  • 1लेखक: जगदीशचंद्र बसु (1858–1937), प्रसिद्ध वैज्ञानिक; बांग्ला से हिंदी अनुवाद: शंकर सेन
  • 2विधा: वैज्ञानिक-साहित्यिक निबंध — विज्ञान के तथ्यों को सजीव साहित्यिक शैली में प्रस्तुत किया गया है
  • 3केंद्रीय भाव: पेड़ का जीवन-चक्र (बीज → अंकुर → पेड़ → फूल → बीज) और संतान के लिए आत्म-बलिदान; माँ की ममता की 'पारस मणि' से तुलना की गई है
  • 4जड़ सदैव नीचे और तना सदैव ऊपर की ओर बढ़ता है — गमले को उल्टा लटकाने के प्रयोग से यह सिद्ध किया गया
  • 5पेड़ जड़ द्वारा मिट्टी से तरल रस और पत्तों के अनगिनत सूक्ष्म मुखों द्वारा 'अंगारक वायु' ग्रहण करते हैं; सूर्य-प्रकाश के अभाव में पेड़-पौधे जीवित नहीं रह सकते

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