Class 12 Hindi

Chapter 9 — Chhota Mera Khet, Bangulo Ke Pankh

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Overview

Summary

Chapter 9 of the Class 12 Hindi NCERT textbook (Aroh), 'Chhota Mera Khet, Bangulo Ke Pankh' (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख), उमाशंकर जोशी की दो गुजराती कविताओं का हिंदी रूपांतरण है; 'छोटा मेरा खेत' खेती के रूपक से कवि-कर्म को चित्रित करता है और 'बगुलों के पंख' काले बादलों में उड़ते श्वेत बगुलों की दृश्य-कविता है।

  • कवि-कर्म का खेती-रूपक'छोटा मेरा खेत' में कागज का पन्ना चौकोर खेत है — अंधड़ से बीज बोया जाता है, कल्पना के रसायनों से विगलित होकर शब्दों के अंकुर फूटते हैं; रचना की रस-धारा 'रोपाई क्षण की, कटाई अनंतता की' अक्षय होती है।
  • दृश्य-सौंदर्य और माया'बगुलों के पंख' में कजरारे बादलों में पंक्तिबद्ध उड़ते श्वेत बगुले 'तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया' जैसे लगते हैं; यह दृश्य-सौंदर्य 'हौले हौले' कवि की आँखें चुराकर उन्हें अपनी माया में बाँध लेता है।
  • बिंब और रूपक की सर्जनादोनों कविताएँ आधुनिक गुजराती काव्य को नयी भंगिमा देती हैं — एक में साहित्य-सृजन का अमूर्त भाव खेती के मूर्त रूपक से साकार होता है, दूसरी में प्रकृति का शुद्ध बिंब सौंदर्य-बोध जगाता है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01कवि परिचय: उमाशंकर जोशी का जन्म सन् 1911 में गुजरात में हुआ और निधन सन् 1988 में; वे बीसवीं सदी की गुजराती कविता को नयी भंगिमा और नया स्वर देनेवाले प्रमुख आधुनिकतावादी कवि थे; उन्होंने सन् 1947 से 'संस्कृति' पत्रिका का संपादन किया।
  2. 02विधा: दोनों रचनाएँ कविताएँ हैं; गुजराती से हिंदी रूपांतरण रघुवीर चौधरी और भोलाभाई पटेल ने किया है।
  3. 03'छोटा मेरा खेत' का केंद्रीय भाव: खेती-कर्म का आरोप कर कवि-कर्म के हर चरण को दिखाया गया है — अंधड़ से बीज बोया जाता है, कल्पना के रसायनों से बीज विगलित होता है, शब्दों के अंकुर फूटते हैं, और अंत में ऐसी रस-धारा निकलती है जो 'लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती।'
  4. 04'बगुलों के पंख' का केंद्रीय भाव: कवि काले बादलों के ऊपर 'पाँती-बँधे बगुलों के पंख' देखते हैं जो 'तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया' के समान दिखते हैं; यह दृश्य-सौंदर्य 'हौले हौले' कवि को अपनी माया में बाँधता चला जाता है।
  5. 05पाठ्यपुस्तक के अभ्यास में 'छोटा मेरा खेत' में बिंब की खोज और रूपक की पहचान के लिए कहा गया है — दोनों शब्द पाठ के अभ्यास खंड में स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं।
  6. 06कठिन शब्दार्थ: अंधड़ = आँधी, तूफान (यहाँ भावनात्मक आँधी के अर्थ में); निःशेष = बिल्कुल समाप्त; अक्षय = कभी न घटने वाला; कजरारे = काजल जैसे काले; सतेज = तेजस्वी, चमकीला; पाँती-बँधे = पंक्तिबद्ध।
  7. 07उमाशंकर जोशी की प्रमुख रचनाएँ: विश्व शांति, गंगोत्री, निशीथ, प्राचीना, आतिथ्य, वसंत वर्षा, महाप्रस्थान (काव्य); अभिज्ञा (एकांकी); शहीद (कहानी); श्रावणी मेणो, विसामो (उपन्यास); पारकांजण्या (निबंध)।
Questions

Frequently asked questions

01

उमाशंकर जोशी कौन थे?

उमाशंकर जोशी (जन्म: सन् 1911, गुजरात; निधन: सन् 1988) बीसवीं सदी की गुजराती कविता और साहित्य को नयी भंगिमा और नया स्वर देनेवाले प्रमुख कवि थे। वे गुजराती साहित्य में निबंधकार के रूप में बेजोड़ माने जाते हैं और उन्होंने सन् 1947 से 'संस्कृति' पत्रिका का संपादन किया।

02

Chhota Mera Khet aur Bagulon Ke Pankh kisne likha hai?

ये दोनों कविताएँ उमाशंकर जोशी ने मूलतः गुजराती में लिखी हैं। इनका हिंदी रूपांतरण रघुवीर चौधरी और भोलाभाई पटेल ने किया है।

03

'छोटा मेरा खेत' में कागज के पन्ने को खेत क्यों कहा गया है?

कवि ने 'छोटे चौकोने खेत' को 'कागज का एक पन्ना' कहकर खेती के रूपक में कवि-कर्म के हर चरण को बाँधने की कोशिश की है — बीज बोना, अंकुर फूटना, फल लगना और अनंत कटाई।

04

रचना के संदर्भ में अंधड़ और बीज का क्या अर्थ है?

अंधड़ से आशय भावनात्मक आँधी से है जो किसी क्षण कवि के मन में उठती है। बीज विचार और अभिव्यक्ति का वह मूल रूप है जो इस भावनात्मक आँधी के प्रभाव से क्षण में बोया जाता है।

05

'रस का अक्षय पात्र' से कवि का क्या तात्पर्य है?

साहित्यिक कृति से जो रस-धारा फूटती है वह खेत के अन्न की तरह कभी समाप्त नहीं होती — उत्तम साहित्य कालजयी होता है और असंख्य पाठकों द्वारा असंख्य बार पढ़ा जाता है, फिर भी 'लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती।' इसीलिए कवि ने कविता को 'रस का अक्षय पात्र' कहा है।

06

'रोपाई क्षण की, कटाई अनंतता की' — इस पंक्ति का अर्थ क्या है?

रचना-कर्म की रोपाई (सृजन का क्षण) तो एक बार और पल भर में होती है, किंतु उससे उत्पन्न साहित्यिक रस की कटाई अनंत काल तक चलती रहती है — हर पाठक हर बार पढ़कर उस रस का अनुभव करता है और रस कम नहीं होता।

07

'बगुलों के पंख' में कवि किस दृश्य का वर्णन करते हैं?

कवि 'कजरारे बादलों की छाई नभ छाया' में 'नभ में पाँती-बँधे बगुलों के पंख' देखते हैं। वे श्वेत बगुले 'तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया' के समान प्रतीत होते हैं और कवि की आँखें चुराते हुए उन्हें अपनी माया में बाँध लेते हैं।

08

'हौले हौले जाती मुझे बाँध निज माया से' — इस पंक्ति का भाव क्या है?

बगुलों के उड़ने का दृश्य इतना नयनाभिराम है कि वह धीरे-धीरे (हौले हौले) कवि को अपनी माया में बाँधता चला जाता है। कवि इस सौंदर्य से बाँधने और बिंधने की चरम स्थिति में पहुँचकर गुहार लगाता है — 'उसे कोई / तनिक / रोक रक्खो।'

09

बगुलों के पंख कविता में बगुले कैसे दिखाई देते हैं?

काले बादलों से भरे आकाश में पंक्ति बनाकर उड़ते श्वेत बगुले 'कजरारे बादलों की छाई नभ छाया' में 'तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया' के समान प्रतीत होते हैं।

10

उमाशंकर जोशी की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

पाठ्यपुस्तक के अनुसार उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं: विश्व शांति, गंगोत्री, निशीथ, प्राचीना, आतिथ्य, वसंत वर्षा, महाप्रस्थान (काव्य); अभिज्ञा (एकांकी); शहीद (कहानी); श्रावणी मेणो, विसामो (उपन्यास); पारकांजण्या (निबंध)।

11

इन कविताओं का हिंदी रूपांतरण किसने किया?

'छोटा मेरा खेत' और 'बगुलों के पंख' — दोनों कविताओं का गुजराती से हिंदी रूपांतरण रघुवीर चौधरी और भोलाभाई पटेल ने किया है।

12

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

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