Class 5 Hindi

Chapter 1 — किरन

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Overview

Summary

Chapter 1 of the Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा) is "Kiran" (किरन) — a poem by Nirankaar Dev 'Sevak'. Download the PDF aur padhein saraansh, shabd-arth, aur pramukh prashn-uttar. The poem shows a sunray talking to a little girl, explaining how it travels across the world while she sleeps.

  • सारांश (कविता: किरन)यह कविता एक बालिका और सूर्य की किरन के बीच की बातचीत पर आधारित है। सुबह जल्दी किरन आ जाती है। बालिका कहती है कि वह कल शाम तक किरन के साथ खूब खेली, पर जब किरन चली गई तो वह अकेली रह गई और नींद नहीं आई — परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते बड़ी देर में सो पाई। किरन उत्तर देती है कि वह स्वयं कभी सो नहीं पाती — बालिका को सुलाकर वह एक दूसरी दुनिया (पृथ्वी के दूसरे भाग) में चली जाती है, वहाँ सोए बच्चों को जगाती है, और जब वहाँ शाम होती है तो लौटकर यहाँ आ जाती है।
  • रचना का संदर्भ — कवि परिचयइस कविता के रचयिता निरंकार देव 'सेवक' हैं। यह कविता NCERT की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' (कक्षा 5) के प्रथम पाठ के रूप में सम्मिलित है। पुस्तक का नाम 'वीणा' है। पाठ्यपुस्तक का संस्करण 2026-27 (Reprint) है।
  • मूल भाव — विज्ञान और कल्पना का मेलकविता सूर्य की किरन को एक सजीव साथी की तरह प्रस्तुत करती है जो बालिका के साथ खेलती है, उसे सुलाती है और फिर दुनिया के दूसरे हिस्से में जाकर वहाँ के बच्चों को जगाती है। इसी बात को पाठ के अंत में 'इसे भी जानिए' खंड में विज्ञान से जोड़ा गया है — पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है, इसीलिए एक तरफ दिन होता है तो दूसरी तरफ रात।
  • अनुपूरक गद्यांश — पेड़ का जादूइसी पाठ में विनोद कुमार शुक्ल (इकतारा ट्रस्ट से साभार) का एक लघु गद्यांश 'पेड़ का जादू' भी सम्मिलित है। इसमें एक बच्चा बुआ के घर में पेड़ पर गिलहरी देखकर उसे पालने की इच्छा जताता है। बुआ समझाती हैं कि पेड़ होने से गिलहरी और चिड़ियाँ स्वयं आ जाती हैं, धूप में पेड़ के नीचे छाया मिलती है — पेड़ अपने आप से जीवन और आनंद लेकर आता है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01कवि: निरंकार देव 'सेवक' — यह कविता 'वीणा' (कक्षा 5, NCERT) के पाठ 1 में संकलित है।
  2. 02गद्यांश 'पेड़ का जादू' के लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं; यह इकतारा ट्रस्ट से साभार लिया गया है।
  3. 03मूल भाव: सूर्य की किरन को एक सजीव मित्र की तरह प्रस्तुत किया गया है जो बालिका के साथ खेलती है और फिर दुनिया के दूसरे भाग में चली जाती है — पृथ्वी के घूमने के वैज्ञानिक तथ्य को सरल कल्पना के माध्यम से समझाया गया है।
  4. 04शब्दार्थ — किरन: सूर्य की रोशनी की एक लकीर (ray of sunlight); अकेली: अकेली, बिना किसी साथ के; परिक्रमा: किसी के चारों ओर घूमना।
  5. 05कविता में बताया गया है कि किरन रात को 'एक दूसरी दुनिया में' जाती है — इसका अर्थ है पृथ्वी का वह हिस्सा जहाँ उस समय दिन होता है, और वहाँ सोए बच्चों को जगाती है।
  6. 06पाठ्यपुस्तक में 'समानार्थी शब्द' (जैसे शाम/संध्या/साँझ/सायं) और विपरीत अर्थ वाले शब्दों के अभ्यास भाषा कौशल को बढ़ाते हैं।
  7. 07पाठ के 'इसे भी जानिए' खंड में पृथ्वी की गोलाई और दिन-रात बनने की वैज्ञानिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है — 'हमारी धरती गेंद की तरह गोल है... पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर आ जाता है, वहाँ दिन हो जाता है।'
Questions

Frequently asked questions

01

इस कविता के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि निरंकार देव 'सेवक' हैं।

02

'किरन' कविता किस पुस्तक में है और यह किस कक्षा के लिए है?

'किरन' कविता कक्षा 5 की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' का पहला पाठ है।

03

इस कविता में 'किरन' से क्या तात्पर्य है?

इस कविता में 'किरन' सूर्य की किरण को कहा गया है, जो हर सुबह जल्दी आती है और धरती के बच्चों को जगाती है।

04

कविता में बालिका किरन से क्या शिकायत करती है?

बालिका शिकायत करती है कि किरन बहुत जल्दी सुबह आ जाती है, जबकि वह अभी तक बिस्तर से नहीं उठ पाई है।

05

बालिका को रात में देर से नींद क्यों आई?

बालिका परी कथाएँ पढ़ती रही, इसलिए उसे बड़ी देर से नींद आई।

06

किरन के अनुसार वह रात को क्या करती है?

किरन बताती है कि जब बालिका सो जाती है तो वह एक दूसरी दुनिया में चली जाती है, जहाँ बिस्तर में सोए बच्चों को जगाती है। जब वहाँ शाम हो जाती है तो वह फिर यहाँ लौट आती है।

07

'दूसरी दुनिया' से कविता में क्या समझाया गया है?

'दूसरी दुनिया' से तात्पर्य धरती के उस हिस्से से है जहाँ उस समय दिन होता है जब हमारे यहाँ रात होती है। पुस्तक में यह भी बताया गया है कि पृथ्वी गोल है और सूर्य की परिक्रमा करती है, इसलिए एक तरफ दिन तो दूसरी तरफ रात होती है।

08

कविता में बालिका और किरन ने कल शाम तक क्या किया?

कविता के अनुसार बालिका ने कल किरन के साथ शाम तक बहुत से खेल खेले।

09

जब किरन सोने चली गई तो बालिका कैसा महसूस करने लगी?

जब किरन चली गई तो बालिका अकेली रह गई और उसे नींद भी नहीं आई।

10

इस कविता का मुख्य संदेश क्या है?

इस कविता का मुख्य संदेश है कि सूरज की किरण निरंतर परिश्रम करती है — यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ, नियत समय पर आती-जाती रहती है। हमें भी नियमित, मेहनती और समय का पालन करने वाला बनना चाहिए।

11

'शाम' शब्द के समान अर्थ वाले शब्द कौन-कौन से हैं जो पाठ में बताए गए हैं?

पाठ में 'शाम' के समानार्थी शब्द बताए गए हैं — संध्या, साँझ, सायं।

12

कविता की वे पंक्तियाँ कौन सी हैं जिनसे पता चलता है कि किरन बालिका के साथ दिन भर रहती है?

'कल तो तेरे साथ शाम तक / खेल बहुत से खेली मैं' — ये पंक्तियाँ बताती हैं कि किरन सुबह से शाम तक बालिका के साथ रहती है।

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