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Veena (वीणा)

Hindi Textbook12 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Veena (वीणा)

A quick revision map of Veena (वीणा) — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

किरन

Chapter 1 of the Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा) is "Kiran" (किरन) — a poem by Nirankaar Dev 'Sevak'. Download the PDF aur padhein saraansh, shabd-arth, aur pramukh prashn-uttar. The poem shows a sunray talking to a little girl, explaining how it travels across the world while she sleeps.

  • 1कवि: निरंकार देव 'सेवक' — यह कविता 'वीणा' (कक्षा 5, NCERT) के पाठ 1 में संकलित है।
  • 2गद्यांश 'पेड़ का जादू' के लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं; यह इकतारा ट्रस्ट से साभार लिया गया है।
  • 3मूल भाव: सूर्य की किरन को एक सजीव मित्र की तरह प्रस्तुत किया गया है जो बालिका के साथ खेलती है और फिर दुनिया के दूसरे भाग में चली जाती है — पृथ्वी के घूमने के वैज्ञानिक तथ्य को सरल कल्पना के माध्यम से समझाया गया है।
  • 4शब्दार्थ — किरन: सूर्य की रोशनी की एक लकीर (ray of sunlight); अकेली: अकेली, बिना किसी साथ के; परिक्रमा: किसी के चारों ओर घूमना।
  • 5कविता में बताया गया है कि किरन रात को 'एक दूसरी दुनिया में' जाती है — इसका अर्थ है पृथ्वी का वह हिस्सा जहाँ उस समय दिन होता है, और वहाँ सोए बच्चों को जगाती है।
02

न्याय की कुर्सी

Path 2 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Nyay Ki Kursi' (न्याय की कुर्सी) — download the PDF aur padhein yah kahani jo sikhati hai ki sachcha nyay sirf nirmal man se hi ho sakta hai, aur Raja Vikramaditya ke jaadu-singhasan ki pariksha mein ek chhota bachcha raja se bhi agey nikalta hai.

  • 1लेखिका: लीलावती भागवत; स्रोत — राष्ट्रीय पुस्तक न्यास प्रकाशित 'स्वर्ग की सैर तथा अन्य कहानियाँ'; मूल आधार: सिंहासन बत्तीसी (भारत की प्राचीन कथा-परंपरा)।
  • 2कहानी की पृष्ठभूमि उज्जैन की ऐतिहासिक नगरी है; सिंहासन राजा विक्रमादित्य का है जो अपने न्याय और विवेक के लिए प्रसिद्ध थे।
  • 3मुख्य भाव: सच्चे न्याय का अधिकार केवल निर्मल, कलुषरहित मन को है — पद या बल से नहीं मिलता; बालकों की निर्दोषता राजा के अहंकार पर विजय पाती है।
  • 4कहानी-कौशल: घटना-क्रम में रहस्य और रोमांच (पत्थर का सिंहासन निकलना, मूर्तियों का बोलना और उड़ना) बच्चों की जिज्ञासा बनाए रखता है।
  • 5कठिन शब्दार्थ — दैवी शक्ति: ईश्वर से मिली अलौकिक शक्ति; न्यायकर्ता: न्याय करने वाला; कलुष: मन का मैल या बुरे कर्मों का बोझ; प्रायश्चित: पाप या गलती के लिए पश्चाताप और सुधार; स्तंभित: अत्यधिक आश्चर्यचकित।
03

चाँद का कुर्ता

Path 3 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Chand Ka Kurta' (चाँद का कुर्ता) — download the PDF aur padhein saraansh, shabdarth, aur prashn-uttar. Ramdhari Singh 'Dinkar' ki yeh kavita chand aur uski maa ke beech ki ek pyaari batcheet hai jisme chand sardi se bachne ke liye kapda maangta hai.

  • 1कविता के कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं। यह Class 5 Hindi NCERT पुस्तक 'वीणा' का पाठ 3 है।
  • 2चाँद अपनी माँ से हठ करके ऊन का मोटा झिंगोला (एक प्रकार का गर्म कुरता) सिलवाने की माँग करता है।
  • 3चाँद को रात भर 'सन-सन चलती हवा' में आकाश का सफर करते हुए ठंड लगती है — वह 'ठिठुर-ठिठुरकर' यात्रा पूरी करता है।
  • 4माँ समझाती है कि चाँद का आकार हर दिन बदलता है: 'कभी एक अँगुल-भर चौड़ा, कभी एक फुट मोटा' — इसलिए एक नाप का कुरता बनाना असंभव है।
  • 5शब्दार्थ — झिंगोला: एक प्रकार का ढीला और गर्म ऊनी कुरता। ठिठुरना: अत्यधिक ठंड से काँपना। भाड़े का: किराए पर लिया हुआ।
04

साङकेन

Path 4 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Sangken' (साङकेन) — download the PDF aur padhein: Arunachal Pradesh ke Chowkham mein manaye jane wale naye saal ke tyohar Sangken ka ek bachchi Vallari ki nazar se vivran, jo bharat ki vividh sansskritiyon ki ekta dikhata hai.

  • 1लेखक परिचय: पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है; यह एक गद्य कहानी है जो वल्लरी नामक बालिका की दृष्टि से लिखी गई है।
  • 2मुख्य पात्र: वल्लरी (दिल्ली से आई बालिका) और चाऊतान (अरुणाचल प्रदेश का उसका मित्र) — दोनों के बीच की मित्रता और संवाद पाठ की धुरी है।
  • 3मूल भाव: 'विविधता में एकता' — साङकेन और होली दोनों अलग-अलग प्रदेशों के नव-वर्ष उत्सव हैं, फिर भी उनमें पानी डालना, मिठाइयाँ बनाना और बड़ों का आशीर्वाद लेना जैसी समान परंपराएँ हैं।
  • 4काव्य-सौंदर्य / भाषा-सौंदर्य: पाठ में युग्म शब्दों का सुंदर प्रयोग है — 'नाचते-गाते', 'हिल-मिलकर', 'भर-भरकर', 'खेती फूले-फले'; ये शब्द उत्सव की जीवंतता को व्यक्त करते हैं।
  • 5कठिन शब्दार्थ — शोभायात्रा: किसी धार्मिक या सांस्कृतिक अवसर पर निकाला जाने वाला जुलूस जिसमें लोग गाते-बजाते चलते हैं।
05

सुंदरिया

Paath 5 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Sundariya' (सुंदरिया) — download the PDF aur padhein saraansh: yeh ek Hindi gadhya kahani hai jo Jainendra Kumar dwara likhi gayi hai. Ek garib kisan Hirasingh aur uski priya gaay Sundariya ke beech gehre prem aur bichhaav ki yeh kahani insaan aur pashu ke rishte ki sachchi tasveer pesh karti hai.

  • 1लेखक: जैनेंद्र कुमार — यह कहानी कक्षा 5 की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' में पाठ 5 के रूप में संकलित है।
  • 2मूल भाव: इंसान और पशु के बीच गहरे भावनात्मक लगाव की कहानी — हीरासिंह का संुदरिया के प्रति प्रेम धन और मजबूरी से बड़ा साबित होता है।
  • 3कठिन शब्दार्थ — सिपुर्द: सौंपना; रुसवाई: अपमान; मसनूई: बनावटी (पाठ के शिक्षण-संकेत में स्पष्ट किया गया है)।
  • 4कठिन शब्दार्थ — विह्वल: अत्यंत भावुक हो जाना; कामधेनु: इच्छापूर्ण करने वाली गाय (पाठ में हीरासिंह संुदरिया को 'दूध देने में कामधेनु' कहता है)।
  • 5संुदरिया की विशेषताएँ जो पाठ में वर्णित हैं: डील-डौल में बड़ी, पंद्रह सेर से अधिक दूध देती थी, सुंदर और स्वस्थ थी — इन्हें देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी।
06

चतुर चित्रकार

Path 6 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Chatur Chitrakaar' (चतुर चित्रकार) — download the PDF aur padhein is hasya-kavita ka saraansh jisme ek chitrakaar apni samajhdaari se sher se apni jaan bachata hai. Rachyita: Ramnaresh Tripathi.

  • 1कविता के रचयिता रामनरेश त्रिपाठी हैं, जिनका उल्लेख पाठ में मिलता है।
  • 2शेर को 'यमराज का मित्र' कहा गया है — इस प्रयोग से शेर की भयावहता को बिना सीधे वर्णन के महसूस कराया गया है।
  • 3कठिन शब्दार्थ — उकड़ू-मुकड़ू: टाँगें समेटकर सिकुड़कर बैठना; झुंझलाहट: गुस्से और खीझ से भरी मनोस्थिति; खिसकना: बिना किसी को पता लगे धीरे-धीरे सरक जाना।
  • 4चित्रकार ने शेर को 'जंगल के सरदार' कहकर संबोधित किया — इससे शेर का अभिमान जागा और वह चित्रकार की बात मानता रहा।
  • 5पाठ में मुहावरों का सुंदर प्रयोग हुआ है: 'होश उड़ जाना' (अचानक डर जाना), 'जी भर के साँस लेना' (राहत की साँस लेना), 'धोखा खाना' (छले जाना), 'झुंझलाहट में चूर होना' (बहुत अधिक खीझ से भर जाना)।
07

मेरा बचपन

Paath 7 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Mera Bachpan' (मेरा बचपन) written by Premchand — download the PDF aur padhein saaraansh, shabdarth, aur prashn-uttar. Is gadya mein lekhak ne apne gramin bachpan ki yaadein, gully-danda khel, aur Ramleela ke utsav ko yaad kiya hai.

  • 1लेखक प्रेमचंद ने इस गद्य-संस्मरण में अपने बचपन की ग्रामीण यादों को जीवंत किया है — कच्चा घर, पयाल का बिछौना, नंगे पाँव खेतों में घूमना।
  • 2लेखक आठ वर्ष की उम्र में अपने चचेरे भाई हलधर (जो दो साल बड़े थे) के साथ मौलवी साहब के यहाँ पढ़ने जाते थे; सुबह मटर और जौ का चबेना खाकर निकलते थे।
  • 3रामलीला की तैयारियों में लेखक बहुत उत्साह से भाग लेते थे — दोपहर से ही पात्रों की सजावट में छोटे-मोटे काम दौड़-दौड़कर करते थे।
  • 4गुल्ली-डंडा को लेखक 'सब खेलों का राजा' कहते हैं — इसमें महँगे सामान की जरूरत नहीं, पेड़ की टहनी से ही गुल्ली और डंडा बन जाते हैं।
  • 5पाठ में विलायती (विदेशी) खेलों की आलोचना की गई है क्योंकि उनके सामान महँगे होते हैं; लेखक का मत है कि भारतीय खेल बिना पैसे के खेले जा सकते हैं।
08

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा

Path 8 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), "Kajiranga Rashtriya Udyan ki Yatra" (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) — download the PDF aur padhein saaransh, question answers, aur word meanings (shabdarth) for this CBSE Class 5 Hindi chapter about a journey to Kaziranga National Park in Assam.

  • 1लेखक — अरूप कुमार द्त्त; पाठ रत्न सागर प्रकाशन से साभार; पत्र-विधा में लिखा गद्य पाठ, बच्चों को काजीरंगा से संबोधित।
  • 2काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है और एक सींग वाले भारतीय गैंडे (इंडियन राइनो) के लिए पूरे संसार में प्रसिद्ध है।
  • 3मूल भाव — वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति से सीख: उद्यान के जानवर शांति व भाईचारे से रहते हैं; लेखक कहते हैं मनुष्य को भी ऐसा ही करना चाहिए।
  • 4महावत ने गैंडे के कवच से जुड़ी पौराणिक कथा सुनाई — भगवान कृष्ण ने गैंडे को कवच पहनाकर युद्ध-अभ्यास कराया, पर वह निर्देश न मान सका इसलिए कवच सहित वन में भेज दिया गया — यही गैंडे की मोटी त्वचा की लोककथा है।
  • 5कठिन शब्दार्थ — बील: झील या जलाशय; महावत: हाथी को चलाने वाला व्यक्ति; संदेह की दृष्टि: अविश्वास से देखना।
09

न्याय

Path 9 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), "Nyay" (न्याय) — download the PDF aur padhein is natak ka saransh, jisme rajkumar Siddharth ek ghaayal hans ko bachata hai aur nyay ki ladaai ladta hai.

  • 1लेखक: विष्णु प्रभाकर — हिंदी के प्रतिष्ठित नाटककार और लेखक।
  • 2पाठ का रूप: दो दृश्यों वाला नाटक (एकांकी शैली)। पात्र — सिद्धार्थ, देवदत्त, सखा, महाराज शुद्धोदन, मंत्री, प्रतिहारी।
  • 3मूल भाव: करुणा और अहिंसा — सिद्धार्थ घायल हंस को देखकर दया से भर जाते हैं और उसे बचाते हैं।
  • 4न्याय का तर्क: सिद्धार्थ कहते हैं 'बचाने वाला मारने वाले से बड़ा होता है' और 'वीर शरणागत को नहीं छोड़ता'।
  • 5मंत्री की बुद्धिमानी: हंस को दोनों से बुलवाया — हंस ने स्वयं देवदत्त को अस्वीकार किया और सिद्धार्थ के पास उड़ा, इस प्रकार निर्णय हुआ।
10

तीन मछलियाँ

Paath 10 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Teen Machhliyan' (तीन मछलियाँ) — download the PDF aur padhein saaraansh, shabdaarth, aur paath ke prashn-uttar. Yah kahaani Panchatantra par aadharit hai aur teen machhliyon ke madhyam se sujaan, tatkaalin buddhi, aur bhaagya-bhaavanaa ka antar spasht karti hai.

  • 1लेखिका परिचय: इस कहानी को मालती देवी ने लिखा है। यह पंचतंत्र पर आधारित है, जिसके मूल रचयिता आचार्य विष्णु शर्मा माने जाते हैं।
  • 2तीन मछलियों के नाम उनके स्वभाव का परिचय देते हैं — अनागतविधाता (भविष्य की समस्याओं का पहले से हल निकालने वाली), प्रत्युत्पन्नमति (संकट के क्षण में तुरंत उपाय सोचने वाली), यद्भविष्य (सब कुछ भाग्य पर छोड़ देने वाली)।
  • 3मूल भाव: सतर्कता, पूर्वदृष्टि और तत्काल बुद्धि से संकट टाला जा सकता है; केवल भाग्यवाद से नहीं।
  • 4काव्य-सौंदर्य / कथा-शिल्प: कहानी में नाम-प्रतीक (symbolic naming) का कुशल प्रयोग है — प्रत्येक मछली का नाम ही उसके व्यक्तित्व की परिभाषा है। संवाद-शैली जीवंत है और घटनाक्रम तेज़ गति से आगे बढ़ता है।
  • 5कठिन शब्दार्थ — सरोवर: तालाब/झील; रमणीय: सुंदर, मनोहर; तीक्ष्ण: तेज़, पैनी; विनोद: मनोरंजन, हँसी-खेल।
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हमारे ये कलामंदिर

Path 11 of the Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Hamare Ye Kalamandir' (हमारे ये कलामंदिर) — download the PDF aur padhein is ropak gadya-path ka saransh, jisme Nisha apni mausi ke saath Ajanta aur Ellora ki prashiddh Buddhist gupaon ki yatra karti hai aur do hazar saal purani bhartiya kala ki azeem virassat ko aankho se dekhti hai.

  • 1अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र के संभाजीनगर से लगभग सौ किलोमीटर दूर हैं; एलोरा लगभग चालीस किलोमीटर दूर है।
  • 2अजंता में उनतीस गुफाएँ पहाड़ को काटकर बनाई गई हैं और उनका मुँह पूर्व दिशा में है ताकि प्रातःकाल सूर्य की किरणें सीधे पड़ें।
  • 3गुफाओं के चित्रों के रंग दो हजार वर्ष बाद भी फीके नहीं पड़े क्योंकि वे पत्तों, जड़ी-बूटियों और फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्री से बनाए गए थे।
  • 4एलोरा में बौद्ध, हिंदू और जैन — तीनों धर्मों से संबंधित मूर्तियाँ और मंदिर हैं जो पहाड़ काटकर बनाए गए हैं।
  • 5कैलाश मंदिर एक ही ऊँची चट्टान को ऊपर से तराशकर बनाया गया है — यह इस पाठ की सबसे अद्भुत कलाकृति है।
12

गंगा की कहानी

Paath 12 — Class 5 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), 'Ganga ki Kahani' (गंगा की कहानी) — download the PDF aur padhein is paath ka saraansh, shabdarth, aur prashn-uttar. Ganga nadi apni zubaan se apni kahani sunati hai: Gangotri se janam, parvaton ko chirtey hue maidan mein utarna, Rishikesh, Haridwar, Prayagraj, Varanasi, Patna, aur Kolkata hote hue Bengal ki khaadi mein samudra se milna — aur beech mein pradushan ki chinta aur safai ki asha.

  • 1गंगा का उद्गम: उत्तरकाशी जनपद में स्थित गंगोत्री हिमनद के 'गोमुख' नामक स्थान से — पाठ में यही स्पष्ट रूप से लिखा गया है।
  • 2गंगा का एक और नाम 'भागीरथी' है क्योंकि राजा भगीरथ ने गंगोत्री में तपस्या की थी — यह जानकारी पाठ से ली गई है।
  • 3देवप्रयाग में अलकनंदा गंगा से मिलती है; प्रयागराज में यमुना से संगम होता है — पाठ में दोनों स्थानों का नाम स्पष्ट रूप से दिया गया है।
  • 4कठिन शब्दार्थ — हिमनद: बर्फ से बनी नदी या ग्लेशियर; मटमैला: गंदला, धूल-मिट्टी मिला हुआ; औद्योगिक: कारखानों और उद्योगों से संबंधित; संगम: दो नदियों का आपस में मिलना।
  • 5पाठ में गंगा को 'मैं' के रूप में प्रस्तुत किया गया है — वह स्वयं बोलती है, अपना दुख और प्रसन्नता व्यक्त करती है। इस प्रकार एक निर्जीव नदी को सजीव की तरह प्रस्तुत किया गया है।

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