Class 11 Sanskrit

Chapter 7 — Vidnyananaukaa

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

Chapter 7 of the Class 11 Sanskrit NCERT textbook (Shashwati), 'Vidnyananaukaa' (विज्ञाननौका), यह प्रो. श्रीनिवास रथ द्वारा रचित आधुनिक संस्कृत गीतिका है, जो उनके काव्य-संग्रह 'तदेव गगनं सैव धरा' से ली गई है।

  • विज्ञान की नाव बनाम ज्ञान की गंगागीतिका का मूल विचार यह है कि आधुनिक संसार में यांत्रिकता और कृत्रिमता के प्रति अंधा मोह बढ़ता जा रहा है — विज्ञान-रूपी नौका तो लाई जा रही है, किंतु ज्ञान की गंगा लुप्त होती जा रही है और जीवन-मूल्य भुलाए जा रहे हैं।
  • संस्कृति-उद्यान की उपेक्षाकवि रूपक द्वारा दिखाते हैं कि संस्कृति-उद्यान की दूब दरिद्र की जा रही है, फूलती लताओं की रक्षा नहीं होती और उद्यानों में नागफनी लगाई जा रही है — भव्य योजनाओं के बीच सच्ची सांस्कृतिक विरासत क्षीण हो रही है।
  • विश्वसंहार की चेतावनीपाठ तारकायुद्ध और गुप्त आणविक आयुधों की ओर संकेत करता है; जहाँ शांति दिखती है वहीं विनाश का बीज बोया जाता है। धर्म-संस्कार नष्ट होते हैं और यंत्रमोह का अंधकार दिन-रात व्याप्त रहता है, जिससे भूतल पर जीवरक्षा क्षीण होती है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01विधा एवं स्रोत: यह आधुनिक संस्कृत गीतिका है, जो प्रो. श्रीनिवास रथ के काव्य-संग्रह 'तदेव গগनं सैव धरा' से ली गई है; संग्रह हिन्दी अनुवाद के साथ प्रकाशित है।
  2. 02कवि-परिचय: प्रो. श्रीनिवास रथ का जन्म 1933 में पुरी (उड़ीसा) में हुआ; उन्होंने अपने पिता से पारंपरिक पद्धति द्वारा संस्कृत सीखी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से उच्चशिक्षा ली, और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में संस्कृत विभागाध्यक्ष रहे।
  3. 03केंद्रीय भाव: यांत्रिकता और कृत्रिमता के प्रति बढ़ते मोह में जीवन-मूल्यों को नहीं भुलाना चाहिए — विज्ञान की नाव आ रही है, पर ज्ञान की गंगा लुप्त होती जा रही है।
  4. 04प्रमुख श्लोक: 'संस्कृतोद्यानदूर्वा दरिद्रीकृता / निष्कुटेषु स्वयं कण्टकिन्याहिता। / पुष्पितानां लतानां न रक्षा कृता / विस्तृता वाटिकायोजना निर्मिता॥' — भावार्थ: संस्कृति-उद्यान की दूब दरिद्र हो गई, उद्यानों में नागफनी लगाई जा रही है, फूलती लताओं की रक्षा नहीं की गई, किंतु विशाल बगीचे बनाने की योजनाएँ बन रही हैं।
  5. 05प्रमुख श्लोक: 'वर्तमानस्थितिर्मानवानां कृते / प्रत्यहं दुर्निमित्तैव संलक्ष्यते। / यत्र कुत्रपि शान्तिः समुद्वीक्ष्यते / तत्र विध्वंसबीजं समायोज्यते॥' — भावार्थ: मनुष्यों की वर्तमान दशा प्रतिदिन अशुभ दिखती है; जहाँ भी शांति दिखती है, वहाँ विनाश का बीज बो दिया जाता है।
  6. 06विश्वसंहार की चेतावनी: तारकायुद्ध (स्टार वार) की संभावनाएँ पढ़ाई जा रही हैं, गुप्त आणविक आयुधों की चर्चा है, और विश्वशांति प्रयासों के भीतर विश्वसंहार-नीति दिखती है — भूतल पर जीवरक्षा क्षीण हो रही है।
  7. 07कठिन शब्दार्थ: कण्टकिनी = केक्टस (नागफनी); विध्वंसबीजम् = विनाश का बीज; यन्त्रमुग्धान्धता = यन्त्रों के मोह का अन्धकार; अहर्निशं = दिन रात (अहः च निशा च, द्वन्द्व समास)।
Questions

Frequently asked questions

01

विज्ञाननौका (Vidnyananaukaa) पाठ के कवि कौन हैं?

इस पाठ के कवि प्रो. श्रीनिवास रथ हैं, जिनका जन्म 1933 में पुरी, उड़ीसा में हुआ था। वे विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में संस्कृत विभाग के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष रहे।

02

यह पाठ किस काव्य-संग्रह से लिया गया है? (Shashwati Class 11 ch 7)

यह पाठ प्रो. श्रीनिवास रथ के काव्य-संग्रह 'तदेव গগनं सैव धरा' से संकलित है, जो हिन्दी अनुवाद के साथ प्रकाशित हो चुका है।

03

NCERT Class 11 Sanskrit Shashwati Vidnyananaukaa का केंद्रीय भाव क्या है?

इस गीतिका का केंद्रीय भाव यह है कि आधुनिक विश्व में यांत्रिकता और कृत्रिमता के प्रति बढ़ते मोह में जीवन-मूल्यों और संस्कृति को भुलाना उचित नहीं है।

04

'संस्कृतोद्यानदूर्वा दरिद्रीकृता' का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति में संस्कृत-संस्कृति-रूपी उद्यान की दूब (घास) के गरीब-दरिद्र होने की बात है। पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'दूर्वा' का अर्थ है दूब, घास।

05

'तारकायुद्धसम्भावना' का क्या अर्थ है? (Class 11 Sanskrit ch 7)

पाठ की टिप्पणी के अनुसार 'तारकायुद्धसम्भावना' का अर्थ है 'स्टार वार' — अर्थात् अंतरिक्ष में युद्ध की संभावना। कवि इसे विश्वशांति के लिए खतरे के रूप में देखते हैं।

06

'विध्वंसबीजम्' का क्या अर्थ है? (Shashwati ch 7 shabdartha)

पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'विध्वंसबीजम्' का अर्थ है 'विनाश का बीज'। कवि कहते हैं कि जहाँ भी शांति दिखती है, वहाँ विनाश का बीज बो दिया जाता है।

07

'यन्त्रमुग्धान्धता' का क्या अर्थ है? (Vidnyananaukaa shabdartha)

पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'यन्त्रमुग्धान्धता' का अर्थ है 'यन्त्रों के मोह का अन्धकार'। कवि कहते हैं यह अंधकार दिन-रात सेवित हो रहा है और संस्कृति-ज्ञान की रक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

08

प्रो. श्रीनिवास रथ (Shrinivas Rath) ने संस्कृत की शिक्षा कहाँ से प्राप्त की?

प्रो. श्रीनिवास रथ ने बाल्यकाल में अपने पिता से पारंपरिक पद्धति द्वारा संस्कृत का अध्ययन किया और उच्चशिक्षा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्राप्त की।

09

विज्ञाननौका में 'कण्टकिनी' किसे कहा गया है?

पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'कण्टकिनी' का अर्थ है केक्टस (नागफनी)। कवि के अनुसार सांस्कृतिक उद्यानों में नागफनी लगाई जा रही है — यह परंपरागत मूल्यों की उपेक्षा का प्रतीक है।

10

क्या NCERT Class 11 Sanskrit Shashwati Vidnyananaukaa का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

11

'अहर्निशं' का क्या अर्थ है? (Shashwati ch 7)

पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'अहर्निशं' में 'अहः च निशा च' (द्वन्द्व समास) है — इसका अर्थ है 'दिन रात'।

12

इस गीतिका में ज्ञानगंगा के विलुप्त होने का क्या संदर्भ है? (Vigyan Nauka Class 11)

पाठ में टेक के रूप में विज्ञान-नौका लाए जाने का और ज्ञान की गंगा के लुप्त होते जाने का उल्लेख है — कवि यह बताना चाहते हैं कि भौतिक-वैज्ञानिक प्रगति के आगे सच्चा ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्य पीछे छूट रहे हैं।

Keep learning

More chapters in Shashwati

Read Chapter 7 of Shashwati, the Class 11 Sanskrit NCERT textbook (2026-27 edition), online for free: the complete chapter as published by NCERT with every diagram, solved example and exercise, with a chapter summary, question answers and revision notes. Open the NCERT PDF above, or browse all NCERT Class 11 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App