Class 11 Sanskrit

Chapter 6 — Santatiprabodhanam

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

Chapter 6 of the Class 11 Sanskrit NCERT textbook (Shashwati), 'Santatiprabodhanam' (सन्ततिप्रबोधनम्), यह महर्षि अरविन्द द्वारा संस्कृत में प्रणीत खण्डकाव्य 'भवानी भारती' से संकलित एक ओजस्वी पद्य-पाठ है, जिसमें भारतमाता अपनी संततियों को परतंत्रता और अज्ञान के बंधन से मुक्त होने हेतु जागृत करती है।

  • कारावास में जन्मी राष्ट्रीय रचनाअरविन्द घोष 1906 ई. में अलीपुर बम केस में बंदी थे; उसी कारावास में एक रात स्वप्न में बंदिनी भारतमाता के दर्शन से भावाविष्ट होकर उन्होंने 'भवानी भारती' शतककाव्य रचा — यही रचना-संदर्भ पाठ की ओजस्विता का स्रोत है।
  • भारतमाता का त्रिरूप और गौरवशाली अतीत का स्मरणकवि ने भारतमाता को महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के रूपों में निरूपित किया है; वह अपनी संततियों को ब्रह्मचर्य से विशुद्धवीर्य और ज्ञान-तप से श्रेष्ठ पूर्वजों के पराक्रम का स्मरण कराकर जागृत करती है।
  • सर्वधर्म-समभाव और राष्ट्र-मुक्ति का उद्घोषभारतमाता अवन्ती, मगध, बंग, आंध्र, चोल और पंचनद सहित सभी प्रांतों के वीरों को — त्रिमूर्ति के उपासक हों या एकेश्वर के — निद्रा त्यागकर उठने और पराक्रम से राष्ट्र को मुक्त कराने का आह्वान करती है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01विधा एवं स्रोत: यह पद्य-पाठ है — महर्षि अरविन्द द्वारा संस्कृत में रचित खण्डकाव्य 'भवानी भारती' से संकलित; पाठ में कुल 8 श्लोक हैं।
  2. 02रचना का संदर्भ: कवि अरविन्द घोष 1906 ई. में अलीपुर कारागार में बंदी थे; उसी अवधि में स्वप्न में बंदिनी भारतमाता के दर्शन से भावाविष्ट होकर यह ओजस्वी राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत शतककाव्य रचा गया।
  3. 03भारतमाता के रूप: इस काव्य में महाकवि अरविन्द ने भारतमाता को महाकाली, महालक्ष्मी एवं महासरस्वती के तीन रूपों में निरूपित किया है।
  4. 04केंद्रीय भाव: भारतमाता अपनी संततियों को उनके पूर्वजों के पराक्रम की याद दिलाती है — वे ब्रह्मचर्य से विशुद्धवीर्य और ज्ञान-तप से श्रेष्ठ थे — और निद्रा त्याग कर राष्ट्र-मुक्ति के लिए युद्ध हेतु प्रेरित करती है।
  5. 05प्रमुख श्लोक (श्लोक 2 का अंतिम चरण — verbatim): 'उत्तिष्ठतोत्तिष्ठत सुप्तसिंहाः' — भाव: हे सोये हुए सिंहों, उठो-उठो; अर्थात् भारत के वीर पुत्र अब जागें और अपनी शक्ति पहचानें।
  6. 06प्रमुख श्लोक (श्लोक 4 के प्रथम दो चरण — verbatim): 'ते ब्रह्मचर्येण विशुद्धवीर्याः / ज्ञानेन ते भीमतपोभिरार्याः' — भाव: वे पूर्वज ब्रह्मचर्य से परिशुद्ध बल वाले और ज्ञान व कठोर तप से श्रेष्ठ थे; सहस्र सूर्यों के समान तेजस्वी होकर समृद्ध धरती पर सुशोभित हुए।
  7. 07सर्वधर्म-समभाव: भारतमाता ने सभी संततियों को पुकारा — त्रिमूर्ति (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) के उपासक और एकमूर्ति (एकेश्वर) को माननेवाले यवन भी — सभी उसकी संतान हैं।
  8. 08कठिन शब्दार्थ: 'भृशम्' = अत्यधिकम् (बहुत अधिक); 'खड्गः' = असिः (तलवार); 'शतघ्नी' = तोपनामाख्यम् अस्त्रम् (जो सौ को मारे — तोप)।
Questions

Frequently asked questions

01

सन्ततिप्रबोधनम् पाठ किस पुस्तक से लिया गया है?

यह पाठ महर्षि अरविन्द द्वारा संस्कृत में प्रणीत खण्डकाव्य 'भवानी भारती' से संकलित किया गया है।

02

सन्ततिप्रबोधनम् के कवि कौन हैं?

इस पाठ के कवि महर्षि अरविन्द (अरविन्द घोष) हैं, जो महान क्रान्तिकारी, राष्ट्रभक्त, महायोगी और महादार्शनिक थे।

03

अरविन्द घोष को कारागार में क्यों बंद किया गया था?

ब्रिटिश सरकार ने उन्हें अलीपुर बम केस का अपराधी मानकर 1906 ई. में अलीपुर कारागार में बंदी बना दिया था।

04

Santatiprabodhanam mein Bharat Mata kya kehti hai?

भारतमाता अपनी संततियों को परतंत्रता और अज्ञान के अंधकार का स्मरण कराते हुए उन्हें निद्रा त्यागने, धनुष-तलवार उठाने और राष्ट्र को पराधीनता के बंधन से मुक्त कराने के लिए प्रेरित करती है।

05

पाठ में भारतमाता के कितने श्लोक हैं?

प्रस्तुत पाठ में कुल 8 श्लोक हैं जिनमें भारतमाता का आह्वान वर्णित है।

06

इस काव्य में भारतमाता को किन-किन रूपों में निरूपित किया गया है?

महाकवि अरविन्द ने भारतमाता को महाकाली, महालक्ष्मी एवं महासरस्वती के तीन रूपों में निरूपित किया है।

07

सन्ततिप्रबोधनम् में 'सुप्तसिंहाः' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?

भारतमाता ने 'सुप्तसिंहाः' (सोये हुए सिंह) संबोधन से भारत के उन वीर पुत्रों को पुकारा है जो निद्रा में पड़े हैं और जिन्हें जागकर राष्ट्र-रक्षा करनी है।

08

पाठ में किन-किन प्रांतों के वीरों को आह्वान किया गया है?

भारतमाता ने अवन्ती, मगध, बंग, दाक्षिणात्य, आंध्र, चोल और पंचनद के शूरवीरों को जागने और राष्ट्र-मुक्ति के लिए पुकारा है।

09

Bhavani Bharati kya hai?

'भवानी भारती' महर्षि अरविन्द द्वारा संस्कृत में रचित खण्डकाव्य है; इसी ओजस्वी रचना से सन्ततिप्रबोधनम् पाठ संकलित किया गया है।

10

सन्ततिप्रबोधनम् का केंद्रीय भाव क्या है?

पाठ का केंद्रीय भाव राष्ट्र-प्रेम और जागृति है — भारतमाता अपनी सोई हुई संततियों को उनके पूर्वजों के ज्ञान, ब्रह्मचर्य और पराक्रम की याद दिलाते हुए उठकर राष्ट्र को परतंत्रता से मुक्त करने की प्रेरणा देती है।

11

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

12

शब्द 'शतघ्नी' का अर्थ क्या है?

पाठ के शब्दार्थ के अनुसार 'शतघ्नी' का अर्थ तोप है — शतं हन्ति या सा (जो सौ को मारे)।

13

Class 11 Sanskrit Shashwati chapter 6 ka naam kya hai?

NCERT कक्षा 11 संस्कृत शाश्वती के छठे पाठ का नाम 'सन्ततिप्रबोधनम्' है, जो महर्षि अरविन्द के खण्डकाव्य 'भवानी भारती' से लिया गया है।

Keep learning

More chapters in Shashwati

Read Chapter 6 of Shashwati, the Class 11 Sanskrit NCERT textbook (2026-27 edition), online for free: the complete chapter as published by NCERT with every diagram, solved example and exercise, with a chapter summary, question answers and revision notes. Open the NCERT PDF above, or browse all NCERT Class 11 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App