Summary
Chapter 1 of the Class 11 Hindi NCERT textbook (Antra), 'Idgah' (ईदगाह), प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी है जिसमें पाँच वर्षीय गरीब बालक हामिद ईद के मेले में अपनी तीन पैसों की पूँजी से खिलौने-मिठाई छोड़कर दादी के लिए चिमटा खरीदता है।
- बाल-मनोविज्ञान और अभाव की समझ — कहानी दिखाती है कि अभाव उम्र से पहले बच्चों में बड़ों जैसी समझदारी भर देता है। हामिद खिलौनों-मिठाइयों के मोह पर विजय पाकर दादी की जरूरत को प्राथमिकता देता है, जो बाल-हृदय की असाधारण परिपक्वता है।
- निःस्वार्थ स्नेह और श्रम का सौंदर्य — तीन पैसों का चिमटा हामिद के दादी के प्रति गहरे प्रेम का प्रतीक है, क्योंकि उनकी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं। घर लौटने पर अमीना का क्रोध स्नेह में बदल जाना त्याग और ममता की मार्मिकता को उजागर करता है।
- प्रेमचंद की सजीव कथा-भाषा — प्रेमचंद की भाषा मुहावरेदार और बोलचाल के निकट है, जिसमें संस्कृत के प्रचलित शब्दों के साथ उर्दू की रवानी घुली है। मेले का जीवंत वर्णन और पात्रों के संवाद कथा को यथार्थपूर्ण बनाते हैं।
Key points & formulas
- 01लेखक परिचय: प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था; जन्म वाराणसी जिले के लमही ग्राम में सन् 1880 में हुआ, निधन 1936 में; असहयोग आंदोलन के दौरान सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देकर लेखन को समर्पित हुए।
- 02विधा: कहानी (गद्य) — पाठ्यपुस्तक अंतरा भाग-1 के गद्य-खंड में संकलित।
- 03केंद्रीय भाव: कहानी बाल-मनोविज्ञान पर आधारित है; यह दर्शाती है कि अभाव उम्र से पहले बच्चों में बड़ों जैसी समझदारी पैदा कर देता है, और श्रम के सौंदर्य एवं महत्त्व को उद्घाटित करती है।
- 04मुख्य पात्र: हामिद (चार-पाँच वर्ष का गरीब-सूरत दुबला-पतला बालक), दादी अमीना (बूढ़ी, निराश्रय), महमूद, मोहसिन, नूरे और सम्मी (हामिद के साथी)।
- 05प्रमुख घटनाएँ: तीन कोस पैदल ईदगाह जाना, नमाज पढ़ना, मेले में साथियों का खिलौने-मिठाई खरीदना, हामिद का दुकानदार से मोल-भाव करके तीन पैसों में चिमटा लेना, और चिमटे को 'रुस्तमे-हिद' सिद्ध करते हुए साथियों को तर्क से परास्त करना।
- 06भाषा विशेषता: प्रेमचंद की भाषा सजीव, मुहावरेदार और बोलचाल के निकट है; संस्कृत के प्रचलित शब्दों के साथ उर्दू की रवानी इसकी विशेषता है।
- 07कठिन शब्दार्थ: 'बदहवास' — घबराना, होश-हवास ठीक न होना; 'चितवन' — किसी की ओर देखने का ढंग, दृष्टि; 'सिजदा' — माथा टेकना, खुदा के आगे सिर झुकाना; 'जब्त' — सहन करना।
Frequently asked questions
01ईदगाह कहानी के लेखक कौन हैं?
ईदगाह के लेखक प्रेमचंद हैं, जिनका मूल नाम धनपतराय था। उनका जन्म वाराणसी जिले के लमही ग्राम में सन् 1880 में हुआ था।
02Idgah Class 11 Hindi Antra mein Hamid ne mele mein kya kharida?
हामिद ने मेले में तीन पैसों में एक लोहे का चिमटा खरीदा, क्योंकि उसे ध्यान आया कि दादी तवे से रोटियाँ उतारती हैं तो उनका हाथ जल जाता है।
03हामिद के माता-पिता कहाँ थे?
हामिद का बाप गत वर्ष हैजे की भेंट हो गया था और माँ न जाने किस बीमारी से पीली होती-होती एक दिन मर गई। अब हामिद अपनी बूढ़ी दादी अमीना की गोद में सोता था।
04हामिद के पास मेले में जाने के लिए कितने पैसे थे?
हामिद के पास कुल तीन पैसे थे, जबकि उसके साथी महमूद के पास बारह पैसे और मोहसिन के पास पंद्रह पैसे थे।
05अमीना ने चिमटा देखकर पहले क्या कहा?
अमीना ने छाती पीट ली और कहा कि दोपहर हुई, कुछ खाया न पिया और लाया क्या — चिमटा! लेकिन जब हामिद ने बताया कि उनकी उँगलियाँ तवे से जल जाती थीं इसलिए लिया, तो बुढ़िया का क्रोध तुरंत स्नेह में बदल गया।
06चिमटे को 'रुस्तमे-हिद' क्यों कहा गया?
हामिद ने तर्क दिया कि उसका चिमटा आग में, पानी में, आँधी में, तूफान में बराबर डटा खड़ा रहेगा और शेर की गरदन पर सवार हो सकता है; इसलिए साथियों ने मान लिया कि चिमटा 'रुस्तमे-हिद' (महान वीर) है।
07ईदगाह की नमाज का दृश्य कैसा था?
कहानी में नमाज का दृश्य इस प्रकार है: 'लाखों सिर एक साथ सिजदे में झुक जाते हैं, फिर सब-के-सब एक साथ खड़े हो जाते हैं... मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।'
08Premchand ka asli naam kya tha aur unka janam kahan hua?
प्रेमचंद का असली नाम धनपतराय था। उनका जन्म वाराणसी जिले के लमही ग्राम में हुआ था और उनका जीवनकाल सन् 1880-1936 था।
09'बच्चे हामिद ने बूढ़े हामिद का पार्ट खेला था' — इस वाक्य का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि हामिद ने बच्चा होते हुए भी एक बूढ़े की समझदारी और जिम्मेदारी से काम किया — दादी की जरूरत को अपनी इच्छा से ऊपर रखा। इसके विपरीत बूढ़ी अमीना बच्ची की तरह भावुक होकर रो पड़ी।
10हामिद के साथी कौन थे और उन्होंने मेले में क्या खरीदा?
हामिद के साथी महमूद, मोहसिन, नूरे और सम्मी थे। महमूद ने मिट्टी का सिपाही, मोहसिन ने भिश्ती, नूरे ने वकील और सम्मी ने खँजरी खरीदी।
11अमीना की आर्थिक स्थिति कैसी थी?
अमीना बहुत गरीब थी। ईद के दिन घर में दाना नहीं था। कुल दो आने पैसे बचे थे — तीन पैसे हामिद की जेब में और पाँच अमीना के बटुवे में।
12क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।
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