Class 7 Sanskrit

Chapter 9 — अन्नाद् भवन्ति भूतानि

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

Chapter 9 of the Class 7 Sanskrit NCERT textbook (Deepakam), 'Annad Bhavanti Bhutani' (अन्नाद् भवन्ति भूतानि), माँ और पुत्री के संवाद के माध्यम से तैत्तिरीयोपनिषत् पर आधारित सृष्टिक्रम और अन्न की महत्ता को सरल संस्कृत में समझाता है।

  • वैदिक सृष्टिक्रममाँ-पुत्री संवाद भारतीय दर्शन के अनुसार उत्पत्ति का क्रम दर्शाता है — ब्रह्म से आकाश, आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल, जल से पृथिवी, पृथिवी से ओषधि-सस्य, वहाँ से आहार और आहार से समस्त प्राणी उत्पन्न होते हैं।
  • अन्न की महत्ता और उपनिषद्-ज्ञानपाठ का केंद्रीय संदेश है कि अन्न से ही सभी प्राणियों का जीवन सम्भव है। माँ ने यह ज्ञान उपनिषद् ग्रन्थों तथा आधुनिक रसायनशास्त्र दोनों से प्राप्त किया और बताती है कि उपनिषदों में भारत का मौलिक ज्ञान निहित है।
  • पञ्चमी विभक्ति का अभ्यासपाठ में अपादान अर्थ की पञ्चमी विभक्ति (कुतः/कस्मात्) का प्रयोग तथा आहार, वृक्ष, अग्नि, नदी आदि शब्दों के एकवचन-द्विवचन-बहुवचन रूपों का अभ्यास कराया गया है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01विषय/कथावस्तु: माँ (माता) और पुत्री के संवाद के माध्यम से भारतीय दर्शन के अनुसार सृष्टिक्रम प्रस्तुत किया गया है — यह संवाद जिज्ञासु बालिका के प्रश्नों से आरम्भ होता है।
  2. 02सृष्टिक्रम (उत्पत्ति का क्रम): ब्रह्म → आकाश → वायु → अग्नि → जल → पृथिवी → ओषधी/सस्य/वृक्ष → आहार → कीट, प्राणी, मनुष्य।
  3. 03केंद्रीय शिक्षा: अन्न से ही समस्त प्राणियों का जीवन सम्भव है; उपनिषद् ग्रन्थों में भारत का मौलिक ज्ञान निहित है और उन्हें अवश्य पढ़ना चाहिए।
  4. 04प्रमुख पात्र: पुत्री (जिज्ञासु बालिका) और माता (जिन्होंने आधुनिक रसायनशास्त्र और उपनिषद् दोनों पढ़े हैं)।
  5. 05मुख्य श्लोक (तैत्तिरीयोपनिषत् २-१-२): "ओषधिभ्योऽन्नम् । अन्नात् पुरुषः ॥" — ओषधियों से अन्न और अन्न से मनुष्य की उत्पत्ति हुई।
  6. 06कठिन शब्द: जिज्ञासा = जानने की इच्छा; ओषधीनाम् = जड़ी-बूटियों का; उत्पत्तिक्रम = उत्पत्ति का क्रम; भूतानि = समस्त प्राणिगण।
  7. 07व्याकरण अभ्यास: पाठ में पञ्चमी विभक्ति (अपादान — कुतः/कस्मात्) का प्रयोग और आहार, मनुष्य, वृक्ष, अग्नि, मुनि, पेटिका, नदी आदि शब्दों के एकवचन, द्विवचन, बहुवचन रूपों का अभ्यास है।
Questions

Frequently asked questions

01

Annad Bhavanti Bhutani paath ka arth kya hai?

इस पाठ के शीर्षक का अर्थ है — 'अन्न से समस्त प्राणियों की उत्पत्ति होती है।' यह विचार तैत्तिरीयोपनिषत् पर आधारित है।

02

इस पाठ में सृष्टि का क्रम क्या बताया गया है?

ब्रह्म से आकाश, आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल, जल से पृथिवी, पृथिवी से ओषधी और सस्य (पौधे), सस्य से आहार, और आहार से समस्त कीट, प्राणी तथा मनुष्य उत्पन्न हुए।

03

ब्रह्म का अर्थ इस पाठ में क्या है?

पाठ में माँ ने बताया कि ब्रह्म का अर्थ है — वह सर्वव्याप्त चेतन शक्ति और ऊर्जा जो सर्वत्र व्याप्त है; जैसे आकाश और अणु सर्वत्र व्याप्त हैं।

04

'भूतानि' शब्द का अर्थ क्या है?

'भूतानि' का अर्थ है — समस्त प्राणिगण (सभी जीव)। इसमें कीट, पशु और मनुष्य सभी शामिल हैं।

05

'अम्ब' और 'वत्से' शब्दों का अर्थ क्या है?

'अम्ब' का अर्थ है — माँ (माँ को सम्बोधन); 'वत्से' का अर्थ है — बेटी (पुत्री को सम्बोधन)।

06

'जिज्ञासा' शब्द का अर्थ क्या है?

'जिज्ञासा' का अर्थ है — जानने की इच्छा (Curiosity)।

07

इस पाठ में माँ ने यह ज्ञान कहाँ से प्राप्त किया?

माँ ने बताया कि उन्होंने आधुनिक रसायनशास्त्र (Chemistry) और उपनिषद् ग्रन्थ पढ़े हैं — इन दोनों से उन्हें सृष्टिक्रम का ज्ञान प्राप्त हुआ।

08

तैत्तिरीयोपनिषत् का श्लोक इस पाठ में कौन-सा है?

पाठ के योग्यताविस्तर भाग में तैत्तिरीयोपनिषत् (२-१-२) का यह श्लोक दिया गया है: "ओषधिभ्योऽन्नम् । अन्नात् पुरुषः ॥" अर्थात् ओषधियों से अन्न और अन्न से मनुष्य की उत्पत्ति हुई।

09

What is the moral/sandesh of this chapter?

इस पाठ का मुख्य सन्देश है — अन्न से ही सभी प्राणियों का जीवन सम्भव है; इसलिए प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। साथ ही उपनिषद् जैसे ग्रन्थ भारत के मौलिक ज्ञान के स्रोत हैं और उन्हें अवश्य पढ़ना चाहिए।

10

इस पाठ में व्याकरण का कौन-सा अभ्यास है?

पाठ में पञ्चमी विभक्ति (अपादान कारक — कुतः/कस्मात्) का प्रयोग और आहार, मनुष्य, वृक्ष, अग्नि, मुनि, पेटिका, वाटिका, माला, कूपी, नदी, नगरी आदि शब्दों के एकवचन, द्विवचन और बहुवचन रूपों का अभ्यास है।

11

'ओषधीनाम्' शब्द का अर्थ क्या है?

'ओषधीनाम्' का अर्थ है — जड़ी-बूटियों का (Of herbs)। पाठ में बताया गया है कि पृथिवी से ओषधियाँ, सस्य और वृक्ष उत्पन्न होते हैं।

12

पाठ में पुत्री की जिज्ञासा क्या थी?

पुत्री जानना चाहती थी कि मनुष्य, प्राणी और कीट इस भूलोक में कैसे आए। इसी प्रश्न के उत्तर में माँ ने सृष्टिक्रम समझाया।

13

क्या यह अध्याय की PDF मुफ़्त है?

हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।

Keep learning

More chapters in Deepakam (दीपकम्)

Read Chapter 9 of Deepakam (दीपकम्), the Class 7 Sanskrit NCERT textbook (2026-27 edition), online for free: the complete chapter as published by NCERT with every diagram, solved example and exercise, with a chapter summary, question answers and revision notes. Open the NCERT PDF above, or browse all NCERT Class 7 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App