Summary
पाठ 11 — "एक जादुई पिटारा" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक मज़ेदार कविता है जिसमें एक जादुई पिटारे को खोलने पर एक के बाद एक अनोखी चीज़ें निकलती चली जाती हैं — गप्पू गोला, कठपुतली, नौ सौ ऊँट, सुपारी, आटा, घोड़ा, गुब्बारा, इंजन, दो भैंसे और बारह सौ सेर नाज।
- कविता का सारांश — एक जादुई पिटारे को खोलने पर उसमें से एक के बाद एक चीज़ें निकलती हैं। हर चीज़ से अगली चीज़ बनती है — गोले से कठपुतली, कठपुतली से ऊँट, ऊँट की सवारी से सुपारी, सुपारी से आटा, आटे के नारियल से घोड़ा, घोड़े से आसमान में गुब्बारा, और आगे इंजन, भैंसे और खेत।
- कविता का मुख्य भाव — यह कविता बच्चों की कल्पना को उड़ान देती है — जैसे एक खिलौने की दुनिया में हर चीज़ से नई चीज़ निकलती जाए। पिटारे की जादुई श्रृंखला पढ़ने में बहुत आनंद देती है।
- कविता के लेखक — यह कविता इरफ़ान ने लिखी है और इकतारा ट्रस्ट की पत्रिका 'प्लूटो' से साभार ली गई है।
- कविता से सीख — कविता बताती है कि खेल और कल्पना से बड़ी से बड़ी चीज़ें मिल सकती हैं। किसान भैंसों से खेत जोतकर बारह सौ सेर नाज उगाता है — मेहनत का फल मिलता है।
Key points & formulas
- 01जादुई पिटारे से सबसे पहले 'गप्पू गोला' निकला।
- 02गोले पर सुतली बाँधने से वह कठपुतली बन गया और नाचने लगा।
- 03कठपुतली के खूँट से नौ सौ ऊँट निकले, ऊँट की सवारी पर सुपारी मिली।
- 04सुपारी काटने से नौ मन आटा निकला, आटे पर नारियल फोड़ने से घोड़ा निकला।
- 05घोड़ा आसमान ले गया जहाँ बारह छेदों वाला गुब्बारा मिला, एक छेद पर इंजन खड़ा था।
- 06इंजन धोने से दो भैंसे निकले जिनसे खेत जोता और बारह सौ सेर नाज हुआ।
- 07कविता में एक, दो, नौ, बारह जैसे अंक आए हैं।
Frequently asked questions
01एक जादुई पिटारा कविता किसने लिखी है?
यह कविता इरफ़ान ने लिखी है। यह इकतारा ट्रस्ट की पत्रिका 'प्लूटो' से साभार ली गई है।
02पिटारा खोलने पर सबसे पहले क्या निकला?
पिटारा खोलने पर सबसे पहले 'गप्पू गोला' निकला।
03गोले को कठपुतली कैसे बनाया गया?
गोले पर सुतली बाँधी गई, जिससे वह कठपुतली बन गया और नाचने लगा।
04कविता में नौ सौ ऊँट कहाँ से निकले?
कठपुतली ने खूँट गाड़े और उन खूँटों से नौ सौ ऊँट निकले।
05सुपारी काटने से क्या निकला?
सुपारी काटने से नौ मन आटा निकला।
06घोड़ा कहाँ से निकला?
आटे पर नारियल फोड़ा गया और उसमें से घोड़ा निकल पड़ा।
07घोड़े को ऐड़ लगाने पर क्या हुआ?
घोड़े को ऐड़ लगाने पर वह आसमान में ले गया और वहाँ बारह छेदों वाला गुब्बारा मिला।
08गुब्बारे के छेद पर क्या था?
एक छेद पर एक स्टेशन था जिस पर इंजन खड़ा था।
09इंजन धोने पर क्या निकला?
इंजन धोने पर दो भैंसे निकल पड़े।
10भैंसों से क्या काम हुआ?
भैंसों से खेत जोता गया और बारह सौ सेर नाज (अनाज) हुआ।
11कविता में कौन-कौन से अंक आए हैं?
कविता में एक, दो, नौ (नौ सौ ऊँट, नौ मन आटा), बारह (बारह छेद, बारह सौ सेर) जैसे अंक आए हैं।
12यह कविता किस इकाई में है?
यह कविता वीणा (कक्षा 3 हिंदी) की इकाई 3 — 'आओ खेलें' में पाठ 11 के रूप में है।
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