Summary
Chapter 7 of the Class 11 Hindi NCERT textbook (Aroh), 'Jamun Ka Ped' (जामुन का पेड़), कृश्नचंदर द्वारा लिखित एक हास्य-व्यंग्य कहानी है जिसमें सेक्रेटेरियेट के लॉन में गिरे पेड़ के नीचे दबे एक कवि को बचाने की फ़ाइल विभाग-दर-विभाग घूमती रहती है और अंततः कवि की मृत्यु हो जाती है।
- लालफीताशाही पर व्यंग्य — कहानी सरकारी कार्यालयों की पदानुक्रमित, संवेदनशून्य और विवेकहीन कार्यप्रणाली पर तीखा व्यंग्य है—कार्यालयी विस्तार कितना निरर्थक और पदानुक्रम कितना हास्यास्पद है, यही मर्म है।
- फ़ाइल का असंगत सफर — व्यापार, कृषि, हॉर्टीकल्चर, मेडिकल, कल्चरल, वन और विदेश विभागों से गुजरती फ़ाइल का हास्यास्पद सफर व्यवस्था की जड़ता को उजागर करता है—पेड़ फिर भी नहीं हटता।
- अतिशयोक्ति और अंत का प्रतीकार्थ — घटनाएँ जानबूझकर अविश्वसनीय हैं, क्योंकि विश्वसनीयता ऐसी रचना की कसौटी नहीं। अंतिम पंक्ति—'उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी'—व्यंग्य को जीवन-मृत्यु के स्तर तक ले जाती है।
Key points & formulas
- 01लेखक: कृश्नचंदर (जन्म 1914, पंजाब के वजीराबाद गाँव; मृत्यु 1977) — उर्दू के प्रसिद्ध कथाकार, प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े; साहित्य अकादमी सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित।
- 02विधा: हास्य-व्यंग्य कहानी; पाठ के अनुसार इसमें घटनाएँ अतिशयोक्तिपूर्ण और अविश्वसनीय हैं — विश्वसनीयता ऐसी रचनाओं के मूल्यांकन की कसौटी नहीं।
- 03केंद्रीय भाव: सरकारी कार्यालयों की पदानुक्रमित, संवेदनशून्य और विवेकहीन कार्यप्रणाली पर तीखा व्यंग्य — 'कार्यालयी तौर-तरीकों में पाया जाने वाला विस्तार कितना निरर्थक और पदानुक्रम कितना हास्यास्पद है।'
- 04मुख्य घटनाएँ: झक्कड़ में जामुन का पेड़ गिरता है → फ़ाइल व्यापार, कृषि, हॉर्टीकल्चर, मेडिकल, कल्चरल, वन और विदेश विभागों से गुज़रती है → दबे आदमी की पहचान कवि 'ओस' के रूप में → साहित्य अकादमी की सदस्यता मिलती है, पेड़ नहीं हटता → PM का आदेश आने तक कवि की मृत्यु।
- 05कवि की पहचान: दबे हुए आदमी का उपनाम 'ओस' था; उनका गद्य-संग्रह 'ओस के फूल' हाल ही में प्रकाशित हुआ था।
- 06शब्दार्थ: झक्कड़ = आँधी; रुआँसा = रोनी सूरत; ताज्जुब = आश्चर्य।
- 07शब्दार्थ: तगाफ़ुल = विलंब, देर, उपेक्षा; हॉर्टीकल्चर = उद्यान कृषि; एग्रीकल्चर = कृषि।
- 08अंत का प्रतीकार्थ: 'उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी' — यह अंतिम पंक्ति कहानी के केंद्रीय व्यंग्य को जीवन और मृत्यु के स्तर तक ले जाती है।
Frequently asked questions
01जामुन का पेड़ कहानी के लेखक कौन हैं?
इस कहानी के लेखक कृश्नचंदर हैं। उनका जन्म सन् 1914 में पंजाब के वजीराबाद गाँव में हुआ और मृत्यु सन् 1977 में हुई। वे उर्दू के प्रसिद्ध कथाकार थे और प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े थे।
02NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 7 किस विधा की रचना है?
यह एक हास्य-व्यंग्य कहानी (व्यंग्य कथा) है। पाठ के अनुसार इसमें घटनाएँ अतिशयोक्तिपूर्ण और अविश्वसनीय हैं — विश्वसनीयता ऐसी रचनाओं के मूल्यांकन की कसौटी नहीं होती।
03Jamun Ka Ped mein kya hota hai — कहानी में क्या होता है?
रात को बड़े जोर का झक्कड़ चला। सेक्रेटेरियेट के लॉन में जामुन का पेड़ गिर पड़ा और उसके नीचे एक आदमी दब गया। उसे निकालने के लिए फ़ाइल कई विभागों से होकर गुज़रती रही और जब तक PM का आदेश आया, दबे हुए कवि की मृत्यु हो चुकी थी।
04फ़ाइल किन-किन विभागों से गुज़री?
फ़ाइल व्यापार विभाग से कृषि विभाग, वहाँ से हॉर्टीकल्चर विभाग, फिर मेडिकल विभाग, फिर कल्चरल विभाग/साहित्य अकादमी, फिर वन विभाग और अंत में विदेश विभाग होते हुए प्रधानमंत्री तक पहुँची।
05हॉर्टीकल्चर विभाग ने पेड़ काटने से क्यों मना किया?
हॉर्टीकल्चर विभाग के सेक्रेटरी ने लिखा कि जब विभाग 'पेड़ लगाओ' स्कीम ऊँचे स्तर पर चला रहा है, तब एक फलदार जामुन के पेड़ को काटने की इजाज़त देना संभव नहीं है।
06दबे हुए आदमी की पहचान शायर के रूप में कैसे हुई?
माली ने दबे आदमी से जब बात की, तो उसने मिर्ज़ा गालिब का शेर सुनाया — 'ये तो माना कि तगाफ़ुल न करोगे लेकिन / खाक हो जाएँगे हम तुमको खबर होने तक!' माली ने पूछा 'क्या तुम शायर हो?' और दबे आदमी ने सिर हिलाकर हाँ कहा। यह बात फैलते ही पूरा सेक्रेटेरियेट जान गया।
07कवि का उपनाम क्या था और उनकी कोई रचना बताइए।
कवि का उपनाम 'ओस' था। उनका गद्य-संग्रह 'ओस के फूल' हाल ही में प्रकाशित हुआ था — यह जानकारी साहित्य अकादमी के सेक्रेटरी ने इंटरव्यू के दौरान पहचानते हुए दी।
08साहित्य अकादमी ने दबे हुए कवि के लिए क्या किया?
साहित्य अकादमी ने कवि 'ओस' को अपनी केंद्रीय शाखा का सदस्य चुना और चुनाव-पत्र दिया। लेकिन पेड़ हटाने का काम वन विभाग पर छोड़ दिया — अकादमी ने कहा 'पेड़ काटना कलम-दवात से नहीं, आरी-कुल्हाड़ी से संबंधित है।'
09पेड़ काटने पर अंतिम रोक किसने लगाई और क्यों?
विदेश विभाग ने रोक लगाई। कारण यह था कि वह पेड़ दस साल पहले पीटोनिया राज्य के प्रधानमंत्री ने सेक्रेटेरियेट के लॉन में लगाया था। पेड़ काटने से पीटोनिया सरकार से संबंध बिगड़ने का अंदेशा था।
10Jamun Ka Ped ka ant kya hai — कहानी का अंत कैसा है?
प्रधानमंत्री ने पेड़ काटने का हुक्म दिया और अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। लेकिन जब सुपरिंटेंडेंट यह खुशखबरी लेकर आया तो कवि का हाथ ठंडा था, आँखों की पुतलियाँ निर्जीव थीं और मुँह में चींटियों की लंबी पंक्ति जा रही थी — कवि की मृत्यु हो चुकी थी। 'उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी।'
11कहानी में क्लर्कों की मानसिकता कैसी दिखाई गई है?
जब पेड़ के नीचे आदमी दबा था, तब क्लर्क उस फलदार पेड़ की रसीली जामुनों और बच्चों को खिलाने की यादें साझा कर रहे थे — दबे इंसान की नहीं, पेड़ की परवाह थी। यह मानसिकता मानवीय संवेदनशून्यता को उजागर करती है।
12'तगाफ़ुल' शब्द का अर्थ क्या है?
पाठ की शब्द-छवि के अनुसार 'तगाफ़ुल' का अर्थ है — विलंब, देर, उपेक्षा।
13क्या NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 7 PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।
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