Class 11 Hindi

Chapter 5 — Galta Loha

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Overview

Summary

Chapter 5 of the Class 11 Hindi NCERT textbook (Aroh), 'Galta Loha' (गलता लोहा), शेखर जोशी की कहानी है जो मेधावी किंतु निर्धन ब्राह्मण युवक मोहन और लोहार धनराम के जीवन के माध्यम से समाज के जातिगत विभाजन की निरर्थकता पर टिप्पणी करती है।

  • जातिगत विभाजन की निरर्थकताकहानी का केंद्रीय भाव है कि जातीय अभिमान बेमानी है। ब्राह्मण मोहन का लोहार धनराम के आफर पर बैठकर काम करना मेहनतकशों के सच्चे भाईचारे की प्रस्तावना है।
  • मोहन की टूटती जीवन-यात्रागाँव के मेधावी मॉनीटर मोहन का लखनऊ में रमेश के घर नौकर जैसा जीवन और सपनों का बिखरना दिखाता है कि निर्धनता प्रतिभा को कैसे कुचल देती है।
  • 'गलता लोहा' का प्रतीकजैसे लोहा गलकर नया आकार लेता है, वैसे ही जातीय अहं गलकर मानवीय समानता का नया रूप उभरता है—शीर्षक स्वयं कहानी के मर्म का प्रतीक है।
  • नई कहानी आंदोलन का प्रतिनिधि रूपपाठ समाज के मेहनतकश और सुविधाहीन तबके को केंद्र में रखता है; मास्टर त्रिलोक सिंह का 'जबान की चाबुक' जैसा व्यंग्य यथार्थ को धारदार बनाता है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक: शेखर जोशी (जन्म सन् 1932, अल्मोड़ा, उत्तरांचल; निधन सन् 2022); प्रमुख संग्रह — कोसी का घटवार, दाज्यू, नौरंगी बीमार है।
  2. 02विधा: कहानी (गद्य); नई कहानी आंदोलन का प्रतिनिधि नमूना; समाज के मेहनतकश और सुविधाहीन तबके को केंद्र में रखती है।
  3. 03केंद्रीय भाव: जातिगत विभाजन की निरर्थकता — मोहन का जातीय अभिमान बेमानी होना और धनराम के आफर पर बैठकर लोहे का काम करना मेहनतकशों के सच्चे भाईचारे की प्रस्तावना करता है।
  4. 04मुख्य पात्र: मोहन (कुशाग्र बुद्धि का ब्राह्मण युवक, वंशीधर तिवारी का पुत्र), धनराम (लोहार, गंगाराम का पुत्र), मास्टर त्रिलोक सिंह (गाँव के शिक्षक), वंशीधर (पुरोहित, मोहन के पिता), रमेश (बिरादरी का संपन्न युवक जो मोहन को लखनऊ ले गया)।
  5. 05मुख्य घटनाएँ: मोहन का गाँव के स्कूल में मॉनीटर होना → लखनऊ जाकर घरेलू नौकर जैसा जीवन → सपनों का टूटना → गाँव लौटने पर धनराम के आफर पर बैठकर लोहे का काम करना।
  6. 06शब्दार्थ — निहाई: लोहे का ठोस टुकड़ा जिस पर धातु को रखकर पीटते हैं; धौंकनी: लुहार की आग दहकाने वाली नली; आफर: लोहार का कार्यस्थल (धनराम का)।
  7. 07शब्दार्थ — अनायास: बिना प्रयास के; हँसुवा: घास काटने का औजार (दराँती); त्रुटिहीन: जिसमें कोई कमी न हो।
  8. 08मास्टर त्रिलोक सिंह ने धनराम से कहा था — 'तेरे दिमाग में तो लोहा भरा है रे! विद्या का ताप कहाँ लगेगा इसमें?' — इसे लेखक ने 'जबान की चाबुक' कहा है।
Questions

Frequently asked questions

01

गलता लोहा कहानी के लेखक कौन हैं?

गलता लोहा के लेखक शेखर जोशी हैं। उनका जन्म सन् 1932 में अल्मोड़ा (उत्तरांचल) में हुआ था और निधन सन् 2022 में हुआ।

02

NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 5 Galta Loha किस विधा की रचना है?

यह एक कहानी (गद्य विधा) है। शेखर जोशी नई कहानी आंदोलन के प्रमुख कहानीकार थे।

03

गलता लोहा कहानी का केंद्रीय भाव क्या है?

यह कहानी समाज के जातिगत विभाजन पर टिप्पणी करती है। मोहन का जातीय अभिमान बेमानी हो जाता है और वह धनराम लोहार के आफर पर बैठकर लोहे का काम करता है — यह मेहनतकशों के सच्चे भाईचारे की प्रस्तावना है।

04

Galta Loha mein Mohan kaun hai?

मोहन वंशीधर तिवारी का पुत्र है — एक मेधावी किंतु निर्धन ब्राह्मण युवक। गाँव के स्कूल में वह पूरे स्कूल का मॉनीटर था और पढ़ने तथा गायन में बेजोड़ था।

05

धनराम कौन है और मोहन से उसका क्या संबंध है?

धनराम गंगाराम लोहार का पुत्र है जो शिल्पकार टोले में रहता है। वह और मोहन बचपन में मास्टर त्रिलोक सिंह के स्कूल में साथ पढ़े थे। जातिगत हीनता के कारण धनराम ने कभी मोहन को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं समझा।

06

मोहन लखनऊ क्यों गया और वहाँ उसके साथ क्या हुआ?

बिरादरी के संपन्न युवक रमेश ने वंशीधर को सुझाव दिया कि मोहन को उनके साथ लखनऊ भेज दें जहाँ वह अच्छी तरह पढ़-लिख सकेगा। लेकिन वहाँ मोहन घरेलू नौकर जैसा जीवन जीने लगा और गाँव का वह मेधावी छात्र शहर के स्कूली जीवन में अपनी कोई पहचान नहीं बना पाया।

07

मास्टर त्रिलोक सिंह ने धनराम को क्या कहा था जिसे 'जबान की चाबुक' कहा गया?

जब धनराम को तेरह का पहाड़ा याद नहीं हुआ तो मास्टर त्रिलोक सिंह ने कहा — 'तेरे दिमाग में तो लोहा भरा है रे! विद्या का ताप कहाँ लगेगा इसमें?' लेखक ने इसे जबान की चाबुक कहा है।

08

Galta Loha ke ant mein kya hota hai?

कहानी के अंत में मोहन धनराम के आफर पर बैठकर लोहे की छड़ को गोल आकार देता है। उसकी आँखों में एक सर्जक की चमक थी — जिसमें न स्पर्धा थी और न ही किसी प्रकार की हार-जीत का भाव। यह जातिगत अभिमान के टूटने और सच्चे भाईचारे के उभरने का प्रतीक है।

09

गलता लोहा कहानी का शीर्षक क्या संकेत करता है?

पाठ में लेखक स्वयं कहते हैं कि मोहन का व्यवहार 'मानो लोहा गलकर एक नया आकार ले रहा हो' — यानी पुराने जातिगत अभिमान का गलकर नए मानवीय रूप में ढलना।

10

शेखर जोशी की कौन-सी प्रमुख कहानियाँ हैं?

पाठ के अनुसार उनके प्रमुख संग्रह हैं — कोसी का घटवार, साथ के लोग, दाज्यू, हलवाहा, नौरंगी बीमार है (कहानी-संग्रह) और एक पेड़ की याद (शब्दचित्र-संग्रह)। उन्हें पहल सम्मान से सम्मानित किया गया।

11

धनराम ने स्कूल में पढ़ाई क्यों छोड़ दी?

धनराम किसी प्रकार तीसरे दर्जे तक ही स्कूल का मुँह देख पाया। किताबों की विद्या का ताप लगाने की सामर्थ्य उसके पिता की नहीं थी। हाथ-पैर चलाने लायक होते ही बाप ने उसे धौंकनी फूँकने और सान लगाने के कामों में उलझाना शुरू कर दिया।

12

क्या NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 5 PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप। cbseprepmaster.com पर NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 5 गलता लोहा की PDF सीधे पढ़ सकते हैं या डाउनलोड कर सकते हैं।

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