Class 6 Hindi

Chapter 1 — Matribhumi

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Overview

Summary

Chapter 1 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Matribhumi' (मातृभूमि), कवि सोहनलाल द्विवेदी की एक देशभक्ति कविता है, जिसमें कवि ने हिमालय, गंगा-यमुना-त्रिवेणी, झरनों और अमराइयों का वर्णन करते हुए राम, कृष्ण और बुद्ध की इस धरती को पुण्य-भूमि, मातृभूमि और बुद्ध-भूमि कहा है।

  • केंद्रीय भावकविता का मूल भाव अपनी जन्मभूमि भारत के प्रति गहरा प्रेम और गर्व है। कवि सोहनलाल द्विवेदी ने भारत को माँ के समान पूजनीय बताते हुए उसकी गौरव-गाथा गाई है।
  • प्रकृति एवं महापुरुषों का चित्रणहिमालय की ऊँचाई, गंगा-यमुना-त्रिवेणी की लहरें, पहाड़ी झरने, अमराइयाँ और कोयल का जीवंत वर्णन है; साथ ही रघुपति राम, सीता, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध का उल्लेख भारत के धार्मिक गौरव को दर्शाता है।
  • काव्य-सौंदर्य"वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी" की टेक हर पद के अंत में दोहराई जाती है। 'भूमि' से बने पुण्य, स्वर्ण, धर्म, कर्म, युद्ध और बुद्ध जैसे विशेषण कविता को संगीतात्मक बनाते हैं।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01विधा एवं कवि: यह एक देशभक्ति कविता है, जिसके कवि सोहनलाल द्विवेदी (1906–1988) हैं — हिंदी के प्रसिद्ध देशभक्त कवि जिनका सबसे प्रिय विषय 'देशभक्ति' था।
  2. 02केंद्रीय भाव: अपनी जन्मभूमि भारत के प्रति गहरा प्रेम और गर्व — भारत को माँ के समान पूजनीय बताया गया है।
  3. 03प्रकृति चित्रण: हिमालय, गंगा-यमुना-त्रिवेणी, पहाड़ी झरने, चिड़ियाँ, घनी अमराइयाँ, कोयल और सुगंधित मलय पवन का जीवंत वर्णन है।
  4. 04महापुरुषों का उल्लेख: रघुपति (राम), सीता, श्रीकृष्ण (वंशी-गीता) और गौतम बुद्ध (दया व प्रकाश) का उल्लेख भारत के धार्मिक गौरव को दर्शाता है।
  5. 05काव्य-सौंदर्य: "वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी" की टेक (refrain) और 'भूमि' से बने अनेक विशेषण — पुण्य, स्वर्ण, धर्म, कर्म, युद्ध, बुद्ध — कविता को संगीतात्मक और अर्थपूर्ण बनाते हैं।
  6. 06कठिन शब्दार्थ: सिंधु = समुद्र; त्रिवेणी = तीन नदियों की मिली हुई धारा (संगम); मलय पवन = दक्षिण भारत के मलय पर्वत से आने वाली सुगंधित वायु।
  7. 07कठिन शब्दार्थ: अमराइयाँ = आम के घने बाग; वंशी = बाँसुरी; पुनीत = पवित्र; छटा = सुंदर शोभा; छहर = बिखरना, फैलना।
Questions

Frequently asked questions

01

Matribhumi का सारांश क्या है?

"मातृभूमि" कविता में कवि सोहनलाल द्विवेदी ने भारत की प्राकृतिक सुंदरता — हिमालय, गंगा-यमुना-त्रिवेणी, झरने, अमराइयाँ, मलय पवन — और धार्मिक गौरव — राम, सीता, श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध — का वर्णन करते हुए भारत को पुण्य-भूमि, मातृभूमि और बुद्ध-भूमि कहा है। हर पद के अंत में "वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी" की पंक्ति कवि का गहरा देशप्रेम व्यक्त करती है।

02

Matribhumi के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि सोहनलाल द्विवेदी (1906–1988) हैं। वे हिंदी के प्रसिद्ध देशभक्त कवि थे। ब्रिटिश शासन के समय उन्होंने अपनी लेखनी से अंग्रेजों का विरोध किया। उनकी लेखनी का सबसे प्रिय विषय 'देशभक्ति' था। उनकी अन्य चर्चित रचनाएँ हैं — 'बढ़े चलो, बढ़े चलो' और 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती'।

03

Matribhumi का केंद्रीय भाव क्या है?

इस कविता का केंद्रीय भाव भारत भूमि के प्रति गहरा प्रेम और गर्व है। कवि ने भारत को पुण्य-भूमि, स्वर्ण-भूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्ध-भूमि और बुद्ध-भूमि कहकर उसकी बहुआयामी पहचान प्रस्तुत की है।

04

Matribhumi summary in hindi

"मातृभूमि" कक्षा 6 हिंदी (मल्हार) की पहली कविता है जिसके कवि सोहनलाल द्विवेदी हैं। इसमें भारत की प्राकृतिक सुंदरता — हिमालय, गंगा-यमुना, झरने, अमराइयाँ, मलय पवन — और राम, सीता, कृष्ण, बुद्ध जैसे महापुरुषों का उल्लेख कर भारत को पुण्यभूमि और मातृभूमि कहा गया है।

05

कविता में 'सिंधु' का क्या अर्थ है?

कविता में 'सिंधु' का अर्थ समुद्र (हिंद महासागर) है। कविता में कहा गया है कि ऊँचा हिमालय आकाश चूमता है और नीचे चरण तले सिंधु झूमता है।

06

कविता में 'त्रिवेणी' का क्या अर्थ है?

'त्रिवेणी' का अर्थ है तीन नदियों की मिली हुई धारा अर्थात् संगम। कविता में 'गंगा यमुन त्रिवेणी, नदियाँ लहर रही हैं' — इस पंक्ति में भारत की प्रसिद्ध नदियों के संगम की सुंदरता का वर्णन है।

07

'मलय पवन' किसे कहते हैं?

मलय पवन दक्षिण भारत के मलय पर्वत से चलने वाली सुगंधित वायु को कहते हैं। कविता में कहा गया है कि यह बहती मलय पवन तन-मन को सँवारती (ताज़ा और प्रसन्न) करती है।

08

कविता में किन महापुरुषों का उल्लेख है?

कविता में चार महापुरुषों का उल्लेख है — रघुपति (राम), सीता, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध। राम और सीता का जन्म इसी भूमि पर हुआ; कृष्ण ने यहाँ पवित्र गीता सुनाई; और बुद्ध ने इस धरती पर जन्म लेकर जग को दया सिखाई और दिया (प्रकाश) दिखाया।

09

कविता में भारत को कौन-कौन सी भूमि कहा गया है?

कविता में भारत को आठ विशेषणों से पुकारा गया है — पुण्य-भूमि, स्वर्ण-भूमि, जन्मभूमि, मातृभूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्ध-भूमि और बुद्ध-भूमि।

10

गौतम बुद्ध ने क्या किया?

कविता के अनुसार गौतम ने इस भूमि पर जन्म लेकर उसका सुयश बढ़ाया। उन्होंने जग को दया सिखाई और जग को दिया (प्रकाश) दिखाया।

11

'अमराइयाँ' और 'वंशी' का क्या अर्थ है?

'अमराइयाँ' का अर्थ है आम के घने बाग। 'वंशी' का अर्थ है बाँसुरी — मुँह से फूँककर बजाया जाने वाला वाद्य। कविता में कहा गया है कि श्रीकृष्ण ने वंशी (बाँसुरी) की तरह पवित्र गीता सुनाई।

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कविता की 'टेक' (refrain) कौन-सी है और उसका क्या महत्त्व है?

कविता की टेक (हर पद के अंत में दोहराई जाने वाली पंक्ति) है — "वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।" यह टेक कविता को संगीतात्मक बनाती है और भारत के प्रति कवि के गहरे प्रेम को बार-बार व्यक्त करती है।

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सोहनलाल द्विवेदी के बारे में क्या जानते हैं?

सोहनलाल द्विवेदी (1906–1988) हिंदी के प्रसिद्ध देशभक्त कवि थे। उनका जन्म लगभग सवा सौ साल पहले हुआ था। उस समय भारत पर अंग्रेजों का शासन था। उन्होंने अपनी लेखनी से अंग्रेजों का विरोध किया। देशभक्ति उनका सबसे प्रिय लेखन विषय था।

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