Summary
Chapter 12 of the Class 6 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan' (हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान), रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा लिखा एक यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें लेखक ने मॉरिशस की यात्रा का वर्णन करते हुए बताया है कि वहाँ के भारतीयों ने अत्याचार सहकर भी अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा की और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।
- केंद्रीय भाव — मॉरिशस के भारतीयों ने प्रलोभनों को ठुकराकर और अत्याचार सहकर भी अपने धर्म और संस्कृति को जीवित रखा, और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया — यह समस्त भारतीयों के लिए गर्व की बात है।
- यात्रा-मार्ग — लेखक दिल्ली से मुंबई होते हुए नैरोबी (केन्या) और फिर मॉरिशस पहुँचते हैं। नैरोबी के राष्ट्रीय उद्यान में सिंहों, हिरनों और जिराफ का जीवंत दृश्य वे रोचक ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
- मॉरिशस में भारतीयता — द्वीप की 67% आबादी भारतीय मूल की है; पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, बनारस जैसे हैं और भोजपुरी दूसरी प्रमुख जनभाषा है। शिवरात्रि वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पर्व है, जब हिंदू श्वेत वस्त्र पहनकर काँवर लेकर शिवालय में जल चढ़ाते हैं।
Key points & formulas
- 01विधा और लेखक: यह यात्रा-वृत्तांत हिंदी के प्रसिद्ध लेखक रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) द्वारा रचित है; उनकी रचनाओं में वीरता, उत्साह और देशप्रेम का भाव प्रमुख है।
- 02केंद्रीय भाव: मॉरिशस के भारतीयों ने अत्याचार सहकर भी अपने धर्म और संस्कृति को जीवित रखा और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।
- 03यात्रा-मार्ग: लेखक दिल्ली (15 जुलाई) → मुंबई (16 जुलाई) → नैरोबी, केन्या (17 जुलाई) → मॉरिशस की यात्रा पर गए; नैरोबी के राष्ट्रीय उद्यान में सिंहों, हिरनों और जिराफ का दृश्य देखा।
- 04मॉरिशस में भारतीयता: 67% आबादी भारतीय मूल की और 53% हिंदू हैं; पोर्टलुई में कलकत्ता, मद्रास, बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान जैसे नाम हैं; प्रत्येक प्रमुख ग्राम में शिवालय है।
- 05शिवरात्रि उत्सव: वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पर्व शिवरात्रि है — सभी हिंदू श्वेत वस्त्र धारण कर काँवर लेकर परी-तालाब से जल भरते हैं और अपने गाँव के शिवालय में शिवजी को जल चढ़ाते हैं।
- 06कठिन शब्दार्थ: अतएव = इसलिए; सर्वत्र = हर जगह; तुच्छातितुच्छ = अत्यंत महत्वहीन; रकबा = क्षेत्रफल; सुरम्य = सुंदर; ऊख = गन्ना।
- 07कठिन शब्दार्थ: काँवर = बाँस की बहंगी जिसके दोनों सिरों पर बर्तन बाँधकर जल ले जाया जाता है; क्रेयोल = फ्रेंच और स्थानीय भाषा के मेल से बनी जनभाषा; चौकन्ने = सावधान।
Frequently asked questions
01Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan का सारांश क्या है?
रामधारी सिंह 'दिनकर' ने इस यात्रा-वृत्तांत में दिल्ली से नैरोबी होते हुए मॉरिशस की यात्रा का वर्णन किया है। नैरोबी के राष्ट्रीय उद्यान में सिंहों का दृश्य देखने के बाद वे मॉरिशस पहुँचते हैं जहाँ 67% जनसंख्या भारतीय मूल की है। भारतीयों ने वहाँ अपनी भाषा, धर्म और त्योहार बचाए रखे और उस द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।
02Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan के लेखक कौन हैं?
इस यात्रा-वृत्तांत के लेखक रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं। उनका जन्म 1908 में हुआ और निधन 1974 में हुआ। वे हिंदी के प्रसिद्ध लेखक थे जिनकी रचनाओं में वीरता, उत्साह और देशप्रेम का भाव प्रमुख है।
03Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan का केंद्रीय भाव क्या है?
इस पाठ का केंद्रीय भाव है कि मॉरिशस में बसे भारतीयों ने सभी अत्याचार सहकर भी अपने धर्म और संस्कृति को नहीं छोड़ा। उन्होंने उस हिंद महासागर के द्वीप को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया, जो समस्त भारतीयों के लिए गर्व की बात है। साथ ही यह पाठ भारतीय संस्कृति की प्राणवत्ता और चिरायुता का बोध कराता है।
04Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan summary in hindi
लेखक दिनकर दिल्ली से 15 जुलाई को यात्रा पर निकले। नैरोबी (केन्या) में राष्ट्रीय उद्यान में सिंह-हिरन का दृश्य देखा। फिर बी.ओ.ए.सी. के जहाज़ से मॉरिशस पहुँचे। मॉरिशस 720 वर्गमील का द्वीप है जहाँ 67% भारतीय मूल के और 53% हिंदू हैं। वहाँ हिंदी, भोजपुरी, शिवालय, रामचरितमानस-पाठ और शिवरात्रि-उत्सव सब भारत की याद दिलाते हैं। भारतीयों ने ऊख की खेती से मॉरिशस को आर्थिक ताकत दी और उसे 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना दिया।
05मॉरिशस को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' क्यों कहा गया है?
मॉरिशस को इसलिए 'छोटा-सा हिंदुस्तान' कहा गया क्योंकि वहाँ की 67% जनसंख्या भारतीय मूल की है; पोर्टलुई में कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बम्बई नाम की गलियाँ और काशी नाम का मोहल्ला है; वहाँ बनारस, गोकुल और ब्रह्मस्थान भी हैं। हिंदी-भोजपुरी प्रचलित हैं, शिवालय हैं, रामचरितमानस का पाठ होता है और शिवरात्रि जैसे पर्व मनाए जाते हैं।
06नैरोबी के राष्ट्रीय उद्यान में लेखक ने क्या देखा?
नैरोबी का राष्ट्रीय उद्यान चिड़ियाघर नहीं बल्कि एक बड़ा जंगल है जहाँ घास अधिक और पेड़ कम हैं। लेखक ने वहाँ सात-आठ सिंहों को आराम करते देखा जिन्होंने पर्यटकों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने हिरनों का झुंड और एक जिराफ भी देखा। दो जवान सिंह हिरनों की ओर बढ़े। मोटरें रुकते ही बंदर और लंगूर उन पर चढ़ जाते थे।
07मॉरिशस में कौन-कौन सी भाषाएँ बोली जाती हैं?
मॉरिशस की राजभाषा अंग्रेजी है और संस्कृति की भाषा फ्रेंच है। जनता क्रेयोल बोलती है जो फ्रेंच और स्थानीय भाषा के मेल से बनी है। इसके बाद दूसरी प्रमुख जनभाषा भोजपुरी है जिसे अधिकांश भारतीय और उनके पड़ोस में रहने वाले चीनी भी बोल लेते हैं। मॉरिशस की भोजपुरी में फ्रेंच के कई शब्द घुस गए हैं।
08मॉरिशस में शिवरात्रि का उत्सव कैसे मनाया जाता है?
शिवरात्रि मॉरिशस का सर्वश्रेष्ठ धार्मिक पर्व है। इस दिन सारे मॉरिशस के हिंदू श्वेत वस्त्र (उजली धोती, उजली कमीज़, उजली गाँधी टोपी) धारण कर काँवर लेकर जुलूस बाँधकर परी-तालाब पर आते हैं। वहाँ से जल भरकर अपने गाँव के शिवालय लौटते हैं और शिवजी को जल चढ़ाकर घर में प्रवेश करते हैं। यह मेला देखने अन्य धर्मों के लोग भी आते हैं।
09'रकबा' शब्द का अर्थ क्या है?
'रकबा' का अर्थ है क्षेत्रफल। पाठ में बताया गया है कि पूरे मॉरिशस द्वीप का रकबा 720 वर्गमील आँका जाता है।
10'काँवर' क्या होता है?
काँवर बाँस का एक मज़बूत डंडा (बहंगी) होता है जिसके दोनों सिरों पर बँधी दो टोकरियों या बर्तनों में यात्री जल या अन्य वस्तुएँ भरकर कंधे पर उठाकर ले जाते हैं। शिवरात्रि पर मॉरिशस के हिंदू काँवर लेकर परी-तालाब से जल भरकर शिवालय जाते हैं।
11मॉरिशस में भारतीयों का क्या योगदान बताया गया है?
पाठ के अनुसार मॉरिशस में ऊख (गन्ने) की खेती और चीनी के व्यवसाय को जो सफलता मिली, वह भारतीयों के कारण मिली। मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं। यदि भारतीय वंश के लोग वहाँ नहीं गए होते तो ऊख की खेती असंभव हो जाती और चीनी के कारखाने नहीं बढ़ते।
12परी-तालाब क्या है?
परी-तालाब मॉरिशस के मध्य में स्थित एक झील है जिसका संबंध हिंदुओं ने परियों से जोड़ दिया है और इसीलिए इसका नाम परी-तालाब पड़ा। यह केवल तीर्थस्थल ही नहीं बल्कि दृश्य की दृष्टि से पिकनिक का स्थान भी है। शिवरात्रि पर यहाँ बड़ा मेला लगता है। (बाद में इसका नाम बदलकर गंगा-तालाब कर दिया गया।)
13'तुच्छातितुच्छ' का अर्थ क्या है?
'तुच्छातितुच्छ' का अर्थ है अत्यंत तुच्छ या बिल्कुल महत्वहीन। पाठ में लेखक ने कहा कि सिंहों ने पर्यटकों की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया, मानो वे 'तुच्छातितुच्छ' हों और सिंहों की नज़र में आने के योग्य नहीं हों।
14क्या Hind Mahasagar Mein Chhota-sa Hindustan अध्याय की PDF मुफ़्त है?
हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।
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