Summary
Chapter 1 of the Class 7 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Maa, Kah Ek Kahani' (माँ, कह एक कहानी), राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कविता है जो माँ यशोधरा और पुत्र राहुल के संवाद के माध्यम से करुणा और न्याय का संदेश देती है।
- करुणा ही सच्चा न्याय है — कविता का मूल भाव यह है कि निरपराध की रक्षा करना और रक्षक का पक्ष लेना ही असली न्याय है। राहुल का निर्णय 'न्याय दया का दानी' दर्शाता है कि दंड नहीं, दया न्याय की कसौटी है।
- संवाद के भीतर कहानी — माँ यशोधरा पुत्र राहुल को उपवन का दृश्य सुनाती हैं जहाँ सिद्धार्थ भ्रमण कर रहे थे। एक घायल हंस को लेकर रक्षक पिता और आखेटक के बीच विवाद खड़ा होता है — पूरी कथा माँ-पुत्र के संवाद में बुनी गई है।
- पात्रों की भूमिका — सिद्धार्थ (भावी गौतम बुद्ध) दयालु रक्षक हैं, आखेटक स्वार्थी शिकारी। अंत में माँ स्वयं निर्णय बालक राहुल पर छोड़ देती हैं, जिससे बच्चे की सहज करुणा-दृष्टि सबसे बड़ी न्यायबुद्धि सिद्ध होती है।
Key points & formulas
- 01कवि: मैथिलीशरण गुप्त (1886–1964), राष्ट्रकवि; जन्म — चिरगाँव, झाँसी (उ.प्र.); साकेत, भारत-भारती और यशोधरा उनकी प्रमुख काव्य-कृतियाँ हैं; यह कविता यशोधरा से ली गई है।
- 02विधा: कविता — संवादात्मक और वर्णनात्मक शैली में रचित।
- 03केंद्रीय भाव: करुणा और न्याय परस्पर पूरक हैं — निरपराध की रक्षा करना और रक्षक का पक्ष लेना ही सच्चा न्याय है।
- 04मुख्य पात्र: माँ यशोधरा, पुत्र राहुल, तात/पिता सिद्धार्थ (जो बाद में गौतम बुद्ध बने), आखेटक (शिकारी)।
- 05मुख्य घटना: हंस खर-शर (तेज तीर) से घायल हुआ → पिता ने बचाया → आखेटक ने हठ की → विवाद न्यायालय तक पहुँचा → राहुल ने निर्णय दिया।
- 06कठिन शब्दार्थ: आखेटक = शिकारी; सदय = दयालु; निर्दय = क्रूर; उभय = दोनों; खर-शर = तेज धार वाले तीर।
- 07कठिन शब्दार्थ: हठी = जिद्दी; चेटी = सेविका; हिम-बिंदु = ओस की बूँदें; रक्षी = रक्षक; बिद्ध = घायल।
Frequently asked questions
01Maa, Kah Ek Kahani का सारांश क्या है?
इस कविता में पुत्र राहुल माँ यशोधरा से कहानी सुनाने की जिद करता है। माँ उपवन में एक घायल हंस की कहानी सुनाती है जिसे उसके पिता (सिद्धार्थ) ने तेज तीर से घायल होने पर बचाया था। आखेटक ने घायल पक्षी वापस माँगा, विवाद हुआ और मामला न्यायालय तक पहुँचा। अंत में राहुल स्वयं निर्णय देता है — 'न्याय दया का दानी' — करुणा का पक्ष लेना ही सच्चा न्याय है।
02Maa, Kah Ek Kahani के कवि कौन हैं?
इस कविता के कवि मैथिलीशरण गुप्त (1886–1964) हैं। उनका जन्म चिरगाँव, झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे राष्ट्रकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं और यह कविता उनकी काव्य-कृति यशोधरा से ली गई है।
03Maa, Kah Ek Kahani का केंद्रीय भाव क्या है?
इस कविता का केंद्रीय भाव है कि करुणा और न्याय एक-दूसरे के पूरक हैं। जो निरपराध को मारे उसे अन्य लोगों को रोकना चाहिए। रक्षक (बचाने वाले) का पक्ष लेना ही सच्चा न्याय है, भक्षक (मारने वाले) का नहीं — 'न्याय दया का दानी।'
04Maa, Kah Ek Kahani में कौन-कौन से पात्र हैं?
कविता में मुख्य पात्र हैं — माँ यशोधरा, पुत्र राहुल और तात/पिता सिद्धार्थ (जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए)। इसके अतिरिक्त आखेटक (शिकारी) भी कहानी में एक महत्वपूर्ण पात्र है।
05Maa, Kah Ek Kahani में हंस के साथ क्या हुआ?
उपवन में प्रातःकाल एक हंस खर-शर (तेज धार वाले तीर) से बिद्ध (घायल) होकर गिरा। राहुल के पिता ने चौंककर उसे उठाया और उसे नया जीवन दिया। तभी आखेटक आया और उस घायल पक्षी को अपनी लक्ष्य-सिद्धि मानकर वापस माँगने लगा।
06आखेटक और पिता के बीच विवाद क्यों हुआ?
आखेटक (शिकारी) घायल हंस को अपनी लक्ष्य-सिद्धि मानकर वापस माँग रहा था, परंतु राहुल के पिता जो उस पक्षी के रक्षी (रक्षक) बन चुके थे, उसे देने से मना कर दिया। दोनों अपने-अपने पक्ष पर अड़े रहे (उभय आग्रही), इसलिए मामला न्यायालय तक पहुँचा।
07'न्याय दया का दानी' का क्या अर्थ है?
इस पंक्ति का अर्थ है कि न्याय सदा दया/करुणा का पक्षधर होता है। जो निरपराध को मारे उसे रोकना दूसरों का कर्तव्य है, और रक्षक (बचाने वाले) को भक्षक (मारने वाले) पर प्राथमिकता देना ही न्याय है — यही राहुल का निर्णय था।
08Maa, Kah Ek Kahani summary in hindi
यह मैथिलीशरण गुप्त रचित कविता है जो काव्य-कृति यशोधरा का अंश है। पुत्र राहुल माँ यशोधरा से कहानी की जिद करता है। माँ उपवन में घायल हंस की कहानी सुनाती है — पिता ने बचाया, आखेटक से विवाद हुआ, मामला न्यायालय पहुँचा। राहुल स्वयं निर्णय देता है: 'न्याय दया का दानी' — करुणा ही सच्चा न्याय है।
09'आखेटक' शब्द का अर्थ क्या है?
'आखेटक' का अर्थ है शिकारी — वह व्यक्ति जो पक्षियों या जानवरों का शिकार करता है। कविता में आखेटक ने तीर से हंस को घायल किया था और उस पर अपना अधिकार जताया था।
10'उभय आग्रही थे स्वविषय में' का क्या अर्थ है?
इस पंक्ति का अर्थ है कि दोनों पक्ष — सदय (दयालु, यानी पिता) और निर्दय (क्रूर, यानी आखेटक) — अपने-अपने पक्ष पर अड़े हुए थे। कोई भी झुकने को तैयार नहीं था, इसलिए मामला न्यायालय तक जाना पड़ा।
11माँ ने राहुल से निर्णय करने को क्यों कहा?
माँ ने कहानी के अंत में राहुल से 'तू निर्णय कर इसका' इसलिए कहा क्योंकि वे चाहती थीं कि उनका पुत्र स्वयं सोचकर न्याय और करुणा का भेद समझे। इससे राहुल में सही-गलत की समझ विकसित होती है। माँ के इस प्रश्न पर राहुल ने 'न्याय दया का दानी' कहकर अपनी परिपक्व सोच दिखाई।
12Maa, Kah Ek Kahani किस पुस्तक से ली गई है?
यह कविता मैथिलीशरण गुप्त की काव्य-कृति यशोधरा से ली गई है और कक्षा 7 की हिंदी पाठ्यपुस्तक मल्हार में संकलित है।
13क्या Maa, Kah Ek Kahani अध्याय की PDF मुफ़्त है?
हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।
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