Class 7 Hindi

Chapter 9 — Chidiya

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Overview

Summary

Chapter 9 of the Class 7 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Chidiya' (चिड़िया), आरसी प्रसाद सिंह की कविता है जिसमें चिड़िया के माध्यम से मनुष्य को प्रेम, स्वतंत्रता और मानवता की राह अपनाने का संदेश दिया गया है।

  • प्रेम और स्वतंत्रता का संदेशपीपल की डाली पर बैठी चिड़िया अपनी बोली में प्रेम-प्रीति और मुक्ति का संदेश देती है। कविता का केंद्रीय भाव है कि मनुष्य को भी बंधनों से मुक्त, निर्भय और प्रेमपूर्ण जीवन अपनाना चाहिए।
  • पक्षियों का आदर्श जीवनवन के सभी पक्षी मिल-जुलकर रहते-खाते हैं, श्रम से जितना मिले उतना ही लेते हैं और बचा हुआ औरों को दे देते हैं। उनके मन में लोभ, पाप और चिंता नहीं — यही निःस्वार्थ सहयोग मनुष्य के लिए अनुकरणीय है।
  • मनुष्य को सीखसीमाहीन आकाश में निर्भय विचरण करते पक्षी संदेश देते हैं — सोने की कड़ियाँ (बंधन) तोड़ो, द्रोह-भावना छोड़ो और स्वच्छंद जियो। इस तरह पक्षी स्वतंत्रता व मानवता के प्रतीक बनकर मार्ग दिखाते हैं।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01कवि: आरसी प्रसाद सिंह (1911–1996); उनके चर्चित काव्य-संग्रह — 'कलापी' और 'आरसी'।
  2. 02विधा: कविता
  3. 03केंद्रीय भाव: पक्षी मनुष्य को प्रेम, सहयोग, निःस्वार्थता और स्वतंत्र जीवन जीने का संदेश देते हैं।
  4. 04पक्षियों के गुण: मिल-जुलकर रहना-खाना, श्रम से जीना, बचा हुआ औरों को देना, सीमाहीन गगन में निर्भय विचरण करना, लोभ-पाप-परवाह से दूर रहना।
  5. 05मनुष्य को संदेश: सोने की कड़ियाँ (बंधन) तोड़ो; द्रोह-भावना को छोड़ो; पक्षियों से स्वच्छंद जीवन जीना सीखो।
  6. 06कठिन शब्दार्थ — कपोत = कबूतर; शुक = तोता; चातक = पपीहा; काक = कौआ; खंजन = एक प्रकार का छोटा पक्षी।
  7. 07कठिन शब्दार्थ — स्वच्छंद = स्वतंत्र, बंधनमुक्त; द्रोह = विरोध या विश्वासघात की भावना; विचरण = घूमना, भ्रमण करना।
Questions

Frequently asked questions

01

Chidiya का सारांश क्या है?

कवि आरसी प्रसाद सिंह की इस कविता में पीपल की डाली पर बैठी चिड़िया मनुष्य को प्रेम-प्रीति और मुक्ति का संदेश सुनाती है। पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं, श्रम से जीते हैं, लोभ-पाप नहीं रखते और सीमाहीन आकाश में निर्भय विचरण करते हैं। वे मनुष्य से कहते हैं — हमसे जीना सीखो, सोने की कड़ियाँ तोड़ो और मानवता के प्रति द्रोह-भावना छोड़ो।

02

Chidiya के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि आरसी प्रसाद सिंह (1911–1996) हैं। वे प्रकृति और जीवन-संघर्ष को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से चित्रित करने वाले कवि हैं। उनके चर्चित काव्य-संग्रह 'कलापी' और 'आरसी' हैं।

03

Chidiya कविता का केंद्रीय भाव क्या है?

कविता का केंद्रीय भाव यह है कि पक्षियों का जीवन — प्रेम, सहयोग, निःस्वार्थता और स्वतंत्रता — मनुष्य के लिए आदर्श है। कवि चिड़िया के माध्यम से मनुष्य को संदेश देते हैं कि लोभ और बंधन छोड़कर स्वच्छंद एवं मानवीय जीवन जियो।

04

Chidiya summary in hindi

कवि आरसी प्रसाद सिंह की यह कविता पक्षियों के जीवन से मनुष्य को सीख देती है। चिड़िया पीपल की डाली पर बैठकर प्रेम-प्रीति का संदेश सुनाती है। पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं, श्रम से जीते हैं, लोभ नहीं रखते और सीमाहीन आकाश में निर्भय उड़ते हैं। वे मनुष्य से कहते हैं — हमसे जीना सीखो, सोने की कड़ियाँ तोड़ो और द्रोह-भावना छोड़ो।

05

कविता में कौन-कौन से पक्षियों का उल्लेख है?

कविता में खंजन, कपोत (कबूतर), चातक (पपीहा), कोकिल (कोयल), काक (कौआ), हंस और शुक (तोता) पक्षियों का उल्लेख है। ये सब वन में आपस में मिल-जुलकर रहते हैं।

06

पक्षी मनुष्य को क्या संदेश देते हैं?

पक्षी मनुष्य से कहते हैं — 'हमसे जीना जग में सीखो।' वे मनुष्य को स्वच्छंद जीवन जीने, सोने की कड़ियाँ (बंधन और लालच) तोड़ने और मानवता के प्रति द्रोह-भावना छोड़ने का संदेश देते हैं।

07

'सोने की कड़ियाँ' से कवि का क्या तात्पर्य है?

कविता में 'सोने की कड़ियाँ' बंधन और लालच का प्रतीक है — वे बंधन जो मनुष्य ने स्वयं अपने लोभ और स्वार्थ के कारण अपने पाँवों में डाल लिए हैं। कवि मनुष्य से इन बंधनों को तोड़ने और स्वच्छंद जीवन जीने का आग्रह करते हैं।

08

'मुक्ति-मंत्र' से कवि का क्या आशय है?

कविता में चिड़िया 'जग के बंदी मानव को मुक्ति-मंत्र बतलाती है।' यहाँ मुक्ति-मंत्र का अर्थ है — लोभ, पाप और बंधन से मुक्त होकर स्वतंत्र जीवन जीने का मार्ग। पक्षियों का स्वच्छंद जीवन ही मानव के लिए मुक्ति का संदेश है।

09

पक्षियों के जीवन में कौन से दुर्गुण नहीं पाए जाते?

कविता के अनुसार पक्षियों के मन में लोभ (लालच), पाप और परवाह नहीं है। वे दूसरों की कमाई से अपना घर नहीं भरते और जग का माल हड़पने की चाह नहीं रखते।

10

कपोत, शुक और चातक का क्या अर्थ है?

कपोत = कबूतर; शुक = तोता; चातक = पपीहा। ये तीनों पक्षियों के नाम हैं जो कविता में खंजन, कोकिल, काक और हंस के साथ उल्लिखित हैं।

11

'निर्भय विचरण' का क्या अर्थ है?

निर्भय विचरण का अर्थ है — बिना किसी भय के स्वतंत्र रूप से घूमना-फिरना। कविता में पक्षी सीमाहीन आकाश में निर्भय विचरण करते हैं, जो उनकी पूर्ण स्वतंत्रता और निर्बाध जीवन को दर्शाता है।

12

क्या Chidiya अध्याय की PDF मुफ़्त है?

हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।

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