HindiClass 8

Malhar (मल्हार)

2026-27 Edition10 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Malhar (मल्हार)

A quick revision map of Malhar (मल्हार) — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

स्वदेश

Chapter 1 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Swadesh' (स्वदेश), गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' रचित एक देश-प्रेम का आह्वान गीत है — यह बताता है कि जिस हृदय में स्वदेश का प्यार और साहस नहीं, वह हृदय नहीं पत्थर है।

  • 1कवि: गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' (1883–1972), जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में; उन्होंने राष्ट्र-प्रेम के साथ-साथ किसान, मजदूर और सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रभावकारी कविताएँ लिखीं
  • 2विधा: कविता — देश-प्रेम के लिए प्रेरित और उत्साहित करने वाली देशभक्ति कविता
  • 3केंद्रीय भाव: जिस हृदय में स्वदेश के प्रति प्रेम, जोश और साहस नहीं वह हृदय नहीं पत्थर है; देश की उन्नति सब नागरिकों के अपने हाथों में है
  • 4प्रमुख रचनाएँ: त्रिशूल तरंग, राष्ट्रीय मंत्र, कृषक क्रंदन
  • 5कठिन शब्दार्थ — परवाने: दीपक की लौ पर जलने वाले पतंगे; यहाँ देश के लिए बलिदान देने को तत्पर व्यक्ति
02

दो गौरैया

Chapter 2 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Do Gauraiya' (दो गौरैया), भीष्म साहनी की एक हास्य-व्यंग्य शैली की कहानी है — इसमें घर में घोंसला बनाने वाली दो गौरैयों को पिताजी की व्यर्थ निकालने की कोशिशें और अंत में बच्चों के स्वर पर बदलता हृदय चित्रित है।

  • 1लेखक: भीष्म साहनी (1915–2003) — हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार; उपन्यास 'तमस' पर साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण से सम्मानित।
  • 2विधा: गद्य कहानी (हास्य-व्यंग्य शैली में)।
  • 3केंद्रीय भाव: जीव-जंतुओं के प्रति ममता और सहअस्तित्व — पिताजी अंत में गौरैयों के बच्चों को देखकर उन्हें घर में रहने देते हैं।
  • 4मुख्य पात्र: लेखक (मैं/कथावाचक), माँ, पिताजी और दो गौरैयाँ।
  • 5माँ का स्वभाव: वे बार-बार व्यंग्य से कहती हैं कि गौरैयाँ घर नहीं छोड़ेंगी; पिताजी की हर चेष्टा पर हँसती हैं।
03

एक आशीर्वाद

Chapter 3 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Ek Aashirwad' (एक आशीर्वाद), दुष्यंत कुमार की एक प्रेरक कविता है — इसमें कवि एक बच्चे को आशीर्वाद देते हैं कि उसके स्वप्न बड़े हों, वह आत्मनिर्भर बने और जीवन की कठिनाइयों से न घबराए।

  • 1कवि: दुष्यंत कुमार (1933–1975); जन्म बिजनौर, उत्तर प्रदेश; प्रसिद्ध गज़ल संग्रह 'साये में धूप'; संपूर्ण रचनाएँ 'दुष्यंत कुमार रचनावली' के चार खंडों में प्रकाशित
  • 2विधा: कविता
  • 3केंद्रीय भाव: बच्चे को बड़े सपने देखने, वास्तविकता का सामना करने, कठिनाइयों से न घबराने और आत्मनिर्भर बनने का आशीर्वाद
  • 4कविता की संरचना: एक संज्ञा शब्द 'स्वप्न' के केंद्र में अनेक क्रिया शब्दों — चलना, रूठना, मचलना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना — का ताना-बाना बुना गया है
  • 5शब्दार्थ: अप्राप्य = जिसे पाना कठिन हो, दुर्लभ
04

हरिद्वार

Chapter 4 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Haridwar' (हरिद्वार), भारतेंदु हरिश्चंद्र का यात्रा-वृत्तांत है — 1871 की हरिद्वार यात्रा के बाद उन्होंने 'कविवचन सुधा' पत्रिका के संपादक को पत्र लिखकर इस पवित्र तीर्थ की प्राकृतिक सुंदरता, गंगा की पवित्रता और अपने आध्यात्मिक अनुभवों का जीवंत वर्णन किया।

  • 1लेखक: भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850–1885), आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक माने जाते हैं
  • 2विधा: यात्रा-वृत्तांत (पत्र रूप में); 'कविवचन सुधा' पत्रिका में 14 अक्टूबर 1871 को प्रकाशित
  • 3केंद्रीय भाव: हरिद्वार की प्रकृति, गंगा की पवित्रता और इस पुण्यभूमि के दर्शन से उत्पन्न आध्यात्मिक आनंद
  • 4पाँच मुख्य तीर्थ: हरिद्वार (हरि की पैड़ी), कुशावर्त, नील धारा, विल्व पर्वत (विल्वेश्वर महादेव), कनखल
  • 5गंगा यहाँ दो धाराओं में बंटती है: नील धारा और मुख्य गंगा धारा; दोनों के बीच एक छोटा सुंदर पर्वत है
05

कबीर के दोहे

Chapter 5 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Kabir ke Dohe' (कबीर के दोहे), संत-कवि कबीर के आठ दोहों का संकलन है — इनमें सत्य, गुरु-महिमा, मधुर वाणी, जीवन में संतुलन और अच्छी संगति जैसे जीवन-मूल्यों को सरल और प्रभावशाली रूप में व्यक्त किया गया है।

  • 1कवि: कबीर — चौदहवीं शताब्दी में काशी में जन्मे संत-कवि; करघे पर कपड़ा बुनते थे; रचनाएँ मुख्यतः कबीर ग्रंथावली में संगृहीत
  • 2स्रोत: कबीर वचनावली, संपादक — अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
  • 3विधा: दोहा
  • 4केंद्रीय भाव: सत्य, गुरु-महिमा, मधुर वाणी, जीवन में संतुलन और सत्संगति का महत्त्व
  • 5शब्दार्थ: साँच = सत्य; पंथी = राही/यात्री; निंदक = आलोचक
06

एक टोकरी भर मिट्टी

Chapter 6 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Ek Tokri Bhar Mitti' (एक टोकरी भर मिट्टी), माधवराव सप्रे की एक कहानी है — इसमें एक निर्धन वृद्धा एक टोकरी मिट्टी के प्रतीक द्वारा घमंडी ज़मींदार को उसके अन्याय का बोध कराती है और अपनी छिनी हुई झोंपड़ी वापस पा लेती है।

  • 1लेखक: माधवराव सप्रे — हिंदी की प्रारंभिक कहानियों के महत्वपूर्ण रचयिता; मातृभाषा मराठी, जन्म दमोह (मध्य प्रदेश)।
  • 2विधा: कहानी।
  • 3केंद्रीय भाव: धन और अहंकार मनुष्य को उसके कर्तव्य से दूर कर देते हैं; नैतिक बोध और करुणा ही सच्ची शक्ति है।
  • 4मुख्य पात्र: वृद्धा (बेदखल निर्धन महिला) और ज़मींदार (अहंकारी किंतु अंततः पश्चातापी)।
  • 5केंद्रीय घटना: वृद्धा ने एक टोकरी मिट्टी को प्रतीक बनाकर ज़मींदार को यह बोध कराया कि अन्याय का नैतिक भार उठाना आसान नहीं।
07

मत बाँधो

Chapter 7 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Mat Baandho' (मत बाँधो), महादेवी वर्मा की कविता है — इसमें कवयित्री सपनों की स्वतंत्रता का आग्रह करती हैं कि सपनों के पंख मत काटो, उन्हें मुक्त गगन में उड़ने दो ताकि वे मेघों से रंग और किरणों से दीप्ति लेकर धरती को स्वर्ग बनाने का शिल्प सिखा सकें।

  • 1कवयित्री: महादेवी वर्मा (1907–1987), फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश; भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित; नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्य गीत, दीपशिखा इनके प्रमुख काव्य-संग्रह हैं
  • 2विधा: कविता
  • 3केंद्रीय भाव: सपनों की स्वतंत्रता बनाए रखना ही उन्हें साकार करने की कुंजी है; सपनों को बाँधने से उनकी कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाती हैं
  • 4सपनों में आरोहण (नीचे से ऊपर जाना) और अवरोहण (ऊपर से नीचे आना) — दोनों की विशेषता होती है; विचार के रूप में जन्म लेकर व्यवहार में पूरे होने पर ही सपना सच्चाई बनता है
  • 5मुक्त গগन में विचरण कर सपने तारों में मिलते हैं और मेघों से रंग व किरणों से दीप्ति लेकर धरती पर स्वर्ग बनाने का शिल्प सिखाते हैं
08

नए मेहमान

Chapter 8 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Naye Mehmaan' (नये मेहमान), उदयशंकर भट्ट का एकांकी है — यह एक शहरी मध्यवर्गीय परिवार की उस स्थिति का जीवंत चित्रण करता है जब गर्मी की एक उमस भरी रात में दो अपरिचित व्यक्ति बिना किसी पूर्व जान-पहचान के उनके तंग किराए के मकान में मेहमान बन जाते हैं।

  • 1लेखक: उदयशंकर भट्ट (जन्म 1898, इटावा, उत्तर प्रदेश; निधन 1966) — रेडियो नाटकों, एकांकी और उपन्यास लेखन के लिए प्रसिद्ध
  • 2विधा: एकांकी — एक अंक वाला नाटक जिसमें कहानी संवादों के माध्यम से आगे बढ़ती है
  • 3केंद्रीय भाव: आधुनिक शहरी जीवन में अपरिचित और बिन बुलाए अतिथियों की असुविधा तथा संकोचवश आतिथ्य का बोझ
  • 4मुख्य पात्र: विश्वनाथ (गृहपति), रेवती (उनकी पत्नी), नन्हेमल व बाबूलाल (बिन बुलाए अतिथि), आगंतुक (रेवती का भाई)
  • 5शब्दार्थ — संकोचवश: संकोच के कारण, झिझकते हुए
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आदमी का अनुपात

Chapter 9 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Aadmi ka Anupaat' (आदमी का अनुपात), गिरिजा कुमार माथुर की कविता है — यह मानव के ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत सूक्ष्म होने के बावजूद उसकी ईर्ष्या, अहंकार और विभाजनकारी प्रवृत्ति को उजागर करती है।

  • 1कवि: गिरिजा कुमार माथुर (1919–1994), जन्म मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद में; आकाशवाणी में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे
  • 2विधा: कविता
  • 3केंद्रीय भाव: मानव ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत लघु है, फिर भी वह ईर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ और घृणा में लिप्त रहकर दीवारें खड़ी करता है
  • 4कविता में कमरे से ब्रह्मांड तक का क्रमिक विस्तार दिखाकर मानव की सीमाबद्धता और सृष्टि की अनंतता का बोध कराया गया है
  • 5शब्दार्थ — संख्यातीत: जो गिनती की सीमा से परे हो, अनगिनत
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तरुण के स्वप्न

Chapter 10 of the Class 8 Hindi NCERT textbook (Malhar), 'Tarun ke Swapn' (तरुण के स्वप्न), नेताजी सुभाषचंद्र बोस के भाषण का अंश है, जो उन्होंने 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर जिला युवक-सम्मेलन में दिया था — इसमें वे तरुण पीढ़ी को एक सर्वांगीण स्वाधीन संपन्न समाज और राष्ट्र के निर्माण का स्वप्न उपहारस्वरूप सौंपते हैं।

  • 1वक्ता/लेखक: सुभाषचंद्र बोस (नेताजी), भाषण दिया: मेदिनीपुर जिला युवक-सम्मेलन, 29 दिसंबर 1929
  • 2विधा: भाषण-अंश (oration excerpt)
  • 3केंद्रीय भाव: एक सर्वांगीण स्वाधीन संपन्न समाज और उस पर एक स्वाधीन राष्ट्र बनाने का आह्वान
  • 4प्रेरणास्रोत: देशबंधु चित्तरंजन दास का स्वप्न — नेताजी स्वयं को उसी स्वप्न का उत्तराधिकारी मानते हैं
  • 5आदर्श समाज में जातिभेद नहीं, नारी को समान अधिकार, आर्थिक समानता, श्रम की मर्यादा और शिक्षा के समान अवसर

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