Class 4 Hindi

Chapter 2 — बगीचे का घोंघा

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Overview

Summary

Chapter 2 of the Class 4 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), "बगीचे का घोंघा", एक प्यारी कहानी है जिसमें एक छोटे बगीचे में रहने वाला घोंघा अपनी दुनिया से बाहर निकलकर एक विशाल और अद्भुत संसार को देखता है — मैदान, बड़ा पत्थर, लाल चींटे, गिलहरी, खजूर का पेड़ और बड़ का विशाल पेड़। Download the PDF aur padhein saraansh, shabd-arth, aur pramukh prashn-uttar.

  • सारांशएक छोटे और सुंदर बगीचे में एक घोंघा रहता था जिसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में पूरे दो दिन लगते थे। बगीचे की दीवार में एक छेद था जिसे देखकर घोंघे के मन में बाहर की दुनिया जानने की इच्छा जागती थी। एक दिन उसने तय किया और सूरज निकलने से पहले ही छेद से बाहर निकल पड़ा। बाहर उसने बच्चों का खेलने का बड़ा मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर, लाल चींटे, गिलहरी, गेंद, कुत्ता, खजूर का ऊँचा पेड़ और बड़ का विशाल पेड़ देखा — और अंत में उसने तय किया कि वह इसी दुनिया में रहेगा।
  • मूल भावइस कहानी का मुख्य भाव है — जिज्ञासा और नई दुनिया को जानने का साहस। घोंघा अपनी सीमित दुनिया से बाहर निकलकर हर नई चीज़ को विस्मय और उत्साह से देखता है। कहानी बच्चों को यह प्रेरणा देती है कि दुनिया को खुली आँखों और खुले मन से देखा जाए।
  • शब्दार्थबगीचा / उद्यान — garden; घोंघा — snail; छोर — किनारा, एक तरफ का सिरा (end/edge); आश्चर्य — विस्मय, हैरानी (surprise/wonder); अद्भुत — बहुत अनोखा (wonderful/amazing); अचानक — एकदम से, बिना बताए (suddenly); मैदान — open ground/field।
  • पाठ की गतिविधियाँपाठ में बातचीत, 'पाठ के भीतर' (MCQ), 'सोचिए और लिखिए', 'मिलान कीजिए' जैसे अभ्यास हैं। 'भाषा की बात' में ध्वनि-शब्दों (जैसे खड़-खड़) और भावनात्मक विस्मयादिबोधकों (वाह, उई) पर काम कराया गया है। 'अनुमान और कल्पना' खंड में बच्चों को घोंघे की यात्रा के बारे में अपने अनुमान लगाने के लिए कहा गया है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01घोंघा एक छोटे और सुंदर बगीचे में रहता था; बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में उसे दो दिन लगते थे।
  2. 02बगीचे की दीवार में एक छेद था; घोंघे की माँ ने उसे वहाँ जाने से मना किया था।
  3. 03घोंघे ने सूरज उगने से पहले छेद से बाहर निकलने का साहस किया।
  4. 04बाहर उसने बच्चों का बड़ा खेलने का मैदान देखा और हैरान रह गया।
  5. 05एक सूखा पत्ता उस पर गिरा तो वह डर गया, फिर खुद पर हँसा और कहा 'वाह! दुनिया तो कितनी मज़ेदार है'।
  6. 06घोंघे ने पहली बार अपने जीवन में लाल चींटे देखे जो अपने लंबे-पतले पाँवों से इधर-उधर जा रहे थे।
  7. 07उसने गिलहरी, लुढ़कती गेंद और उसके पीछे भागते कुत्ते को देखा।
  8. 08खजूर का ऊँचा पेड़ और बड़ का विशाल पेड़ देखकर उसकी आँखें आश्चर्य से खुली रह गईं।
  9. 09कहानी एकलव्य प्रकाशन की पुस्तक 'छींका-छींक' से ली गई है।
  10. 10पाठ के अंत में घोंघे ने तय किया कि वह अब बाहर की इस बड़ी दुनिया में ही रहेगा।
Questions

Frequently asked questions

01

बगीचे का घोंघा पाठ में घोंघा कहाँ रहता था?

घोंघा एक छोटे और सुंदर बगीचे में रहता था। उसने अपना सारा जीवन उसी बगीचे में बिताया था।

02

घोंघे को बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में कितना समय लगता था?

घोंघे को बगीचे के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में पूरे दो दिन लगते थे।

03

घोंघे की माँ ने उसे क्या नसीहत दी थी?

घोंघे की माँ ने उसे बगीचे की दीवार के छेद से बाहर न जाने को कहा था और कहा था कि वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है।

04

घोंघा बाहर क्यों जाना चाहता था?

घोंघे को जिज्ञासा थी कि बगीचे के बाहर की दुनिया कैसी होगी। इसी जानने की इच्छा से उसने बाहर जाने का निर्णय लिया।

05

बाहर निकलते ही घोंघे ने सबसे पहले क्या देखा?

छेद से बाहर निकलते ही घोंघे के सामने एक बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा मैदान था जो वास्तव में बच्चों के खेलने की जगह थी।

06

घोंघे ने 'उई!' क्यों चिल्लाया?

अचानक एक सूखा पत्ता उसके ऊपर आ गिरा। घोंघे को लगा जैसे पूरा आकाश ढँक गया, और डर के मारे वह 'उई!' चिल्लाया। फिर उसने देखा कि बस एक सूखा पत्ता था और वह खुद पर हँसने लगा।

07

घोंघे ने एक बड़े पत्थर को पहाड़ क्यों समझा?

बगीचे में घोंघे ने इतनी बड़ी कोई वस्तु कभी नहीं देखी थी, इसलिए एक बड़ा-सा पत्थर उसे पहाड़ जैसा लगा। वह उस पर चढ़कर दूर-दूर तक देखने लगा।

08

घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा?

घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार लाल चींटे देखे जो अपने लंबे-पतले पाँवों से इधर-उधर आ-जा रहे थे।

09

बड़ के पेड़ को देखकर घोंघे की क्या प्रतिक्रिया हुई?

बड़ का पेड़ इतना बड़ा था कि घोंघा उसके एक छोर से दूसरे छोर तक देख ही नहीं पाता था। इसे देखकर उसकी आँखें आश्चर्य से खुली रह गईं और उसने कहा 'वाह, सच में दुनिया कितनी अद्भुत है!'।

10

कहानी के अंत में घोंघे ने क्या निर्णय लिया?

बाहर की दुनिया की विशालता और अद्भुतता देखकर घोंघे ने तय किया कि वह अब इसी बड़ी दुनिया में रहेगा।

11

यह कहानी किस पुस्तक से ली गई है?

यह कहानी एकलव्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'छींका-छींक' से साभार ली गई है।

12

वीणा कक्षा 4 के पाठ 2 में कौन-कौन से अभ्यास हैं?

पाठ में बातचीत के लिए प्रश्न, पाठ के भीतर (MCQ), सोचिए और लिखिए, मिलान कीजिए, भाषा की बात (ध्वनि-शब्द और विस्मयादिबोधक), विभिन्न ध्वनियाँ, अपनी-अपनी विशेषताएँ, अनुमान और कल्पना, तथा घोंघे से संवाद-रचना जैसे अभ्यास हैं।

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