Summary
पाठ 16 — "मूली" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक रोचक कहानी है जिसमें नानाजी की बगीचे में उगी मोटी-लंबी मूली को निकालने के लिए नाना, नानी, नातिन और कुत्ते सबको मिलकर ज़ोर लगाना पड़ता है। यह पाठ बच्चों को मिल-जुलकर काम करने का महत्त्व सिखाता है।
- सारांश — नानाजी ने बगीचे में मूली बोई जो मोटी और लंबी हो गई। उसे अकेले निकालना बहुत मुश्किल था, इसलिए एक-एक करके नानी, नातिन और कुत्ते को भी बुलाना पड़ा।
- मुख्य भाव — मिलकर काम करना — इस कहानी का मुख्य भाव है कि जो काम अकेले नहीं होता, वह मिलकर हो जाता है। नाना, नानी, नातिन और कुत्ते ने एक साथ ज़ोर लगाया तभी मूली बाहर निकली।
- पात्र और उनकी भूमिका — कहानी में नानाजी, नानी, नातिन (नानी की पोती) और नातिन का कुत्ता हैं। हर कोई एक-दूसरे को थामकर खींचता है और मिलकर काम पूरा करते हैं।
- पाठ से सीख — यह पाठ बच्चों को सिखाता है कि मुश्किल काम में परिवार के सभी सदस्यों की मदद लेनी चाहिए। मिल-जुलकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुश्किल भी हल हो जाती है।
- शब्दार्थ — 'थामा' का अर्थ है पकड़ना या सहारा देना। पाठ में बार-बार 'थामा' शब्द आता है जो यह दर्शाता है कि सभी ने एक-दूसरे को पकड़कर खींचा।
Key points & formulas
- 01नानाजी ने बगीचे में मूली बोई और वह मोटी और लंबी हो गई।
- 02नानाजी अकेले मूली को नहीं निकाल पाए, फिर नानी को आवाज़ लगाई।
- 03नाना और नानी दोनों मिलकर भी मूली नहीं निकाल पाए।
- 04नानी ने नातिन को बुलाया, फिर तीनों ने मिलकर ज़ोर लगाया पर मूली नहीं निकली।
- 05नातिन ने अपने कुत्ते को बुलाया और फिर सबने मिलकर ज़ोर लगाया।
- 06कुत्ते, नातिन, नानी, नाना — सभी ने मिलकर मूली को बाहर निकाल दिया।
- 07यह कहानी स्नेहलता शुक्ला ने लिखी है।
Frequently asked questions
01'मूली' पाठ किसने लिखा है?
यह कहानी स्नेहलता शुक्ला ने लिखी है।
02नानाजी ने बगीचे में क्या बोया?
नानाजी ने बगीचे में मूली बोई।
03मूली कैसी हो गई?
मूली मोटी और लंबी हो गई।
04नानाजी ने मूली से क्या कहा?
नानाजी ने मूली से कहा — 'उगो-उगो मूली, मज़बूत बनो और लंबी हो।'
05नानाजी अकेले मूली क्यों नहीं निकाल पाए?
मूली बहुत मोटी और गहरी थी, नानाजी ने पूरा ज़ोर लगाया फिर भी वे उसे बाहर नहीं निकाल पाए।
06नानाजी के बाद कौन आया मदद करने?
नानाजी के बाद नानी आईं और उन्होंने नाना को थामा।
07नाना और नानी दोनों मिलकर भी मूली निकाल पाए?
नहीं, नाना और नानी दोनों ने पूरा ज़ोर लगाया फिर भी मूली नहीं निकली।
08नातिन को कहानी में किसने बुलाया?
नानी ने नातिन को बुलाया।
09कहानी में कुत्ते को किसने बुलाया?
नातिन ने अपने कुत्ते को बुलाया।
10आखिर में मूली कैसे निकली?
कुत्ते ने नातिन को, नातिन ने नानी को, नानी ने नाना को, नाना ने मूली को थामा और सबने मिलकर ज़ोर लगाया — तब जाकर मूली बाहर निकली।
11इस कहानी में 'थामा' शब्द का क्या अर्थ है?
'थामा' शब्द का अर्थ है पकड़ना या सहारा देना। कहानी में सभी पात्र एक-दूसरे को थामकर (पकड़कर) खींचते हैं।
12इस पाठ से बच्चों को क्या सीख मिलती है?
इस पाठ से सीख मिलती है कि मिल-जुलकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो जाती है। परिवार के सभी सदस्यों की मदद से हर काम पूरा हो सकता है।
13इस पाठ में कौन-कौन से पात्र हैं?
इस पाठ में नानाजी, नानी, नातिन और नातिन का कुत्ता — ये चार पात्र हैं।
14मूली से क्या-क्या बनता है — पाठ में कौन-सी चीज़ों का ज़िक्र है?
पाठ की गतिविधि में मूली के गरमागरम पराँठे और ठंडी-ठंडी लस्सी का ज़िक्र है।
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