Summary
पाठ 10 — "कौन" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंददायी कविता है, जिसमें कवि बालस्वरूप राही ने चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल और बादल जैसे प्रकृति के तत्वों की अहमियत को "अगर न होता/होते/होती … तो कौन?" के सवालों के ज़रिए बच्चों के सामने रखा है।
- सारांश — इस कविता में कवि एक-एक प्रकृति के तत्व — चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल, बादल और इंद्रधनुष — की कल्पना करते हैं कि अगर ये न होते तो क्या होता। हर पंक्ति में वे पूछते हैं 'कौन?' यानी इन सबके बिना जीवन कैसा होता।
- कवि का नाम — यह कविता बालस्वरूप राही ने लिखी है। कविता के अंत में उनका नाम दिया गया है।
- मुख्य भाव — कविता का मुख्य भाव यह है कि प्रकृति के हर हिस्से का हमारे जीवन में एक खास काम है — चाँद रात में दिशा दिखाता है, सूरज दिन को चमकाता है, नदियाँ प्यास बुझाती हैं, पेड़ हरियाली फैलाते हैं। इनके बिना जीवन अधूरा होगा।
- पाठ से सीख — इस कविता से बच्चे सीखते हैं कि प्रकृति की हर चीज़ — पेड़, नदी, फूल, बादल — हमारे लिए ज़रूरी है और हमें उनकी रक्षा करनी चाहिए। साथ ही अंतिम पंक्ति बताती है कि 'हम' यानी इंसान भी प्रकृति का एक अहम हिस्सा हैं।
- पाठ की गतिविधियाँ — पाठ में बच्चों के लिए तीन गतिविधियाँ हैं — प्रश्नों पर बातचीत, इंद्रधनुष बनाकर उसके रंगों के सामने अपने बारे में लिखना, और घर के दो सदस्यों से मनपसंद चीज़ों के बारे में सवाल पूछकर कक्षा में सुनाना।
Key points & formulas
- 01यह कविता बालस्वरूप राही ने लिखी है।
- 02कविता में चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल, बादल और इंद्रधनुष का ज़िक्र है।
- 03हर पद में 'अगर न होता/होते/होती … कौन?' का सवाल दोहराया गया है।
- 04चाँद रात में दिशा दिखाता है और सूरज दिन को सोने-सा चमकाता है।
- 05निर्मल नदियाँ जग की प्यास बुझाती हैं और पर्वतों से झरने बहते हैं।
- 06पेड़ हरियाली फैलाते हैं और फूल खिल-खिलकर मुसकाते हैं।
- 07बादल न होते तो आकाश में इंद्रधनुष कोई नहीं रचता।
Frequently asked questions
01'कौन' कविता किसने लिखी है?
यह कविता बालस्वरूप राही ने लिखी है। उनका नाम कविता के अंत में दिया गया है।
02इस कविता में किन-किन चीज़ों का उल्लेख है?
कविता में चाँद, सूरज, निर्मल नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल, बादल और इंद्रधनुष का उल्लेख है।
03अगर चाँद न होता तो क्या होता?
कविता के अनुसार अगर चाँद न होता तो रात में दिशा कोई नहीं दिखाता।
04सूरज का क्या काम बताया गया है?
कविता में कहा गया है कि सूरज दिन को सोने-सा चमकाता है।
05नदियाँ हमारे लिए क्या करती हैं?
कविता के अनुसार निर्मल नदियाँ जग की प्यास बुझाती हैं।
06पर्वतों का क्या महत्त्व बताया गया है?
कविता में कहा गया है कि अगर पर्वत न होते तो मीठे झरने नहीं बहते।
07पेड़ों के बिना क्या होता?
कविता के अनुसार अगर पेड़ न होते तो हरियाली फैलाने वाला कोई नहीं होता।
08फूल क्या करते हैं?
कविता में कहा गया है कि फूल खिल-खिलकर मुसकाते हैं, यानी वे खुशी और सुंदरता देते हैं।
09बादल न होते तो क्या होता?
कविता के अनुसार अगर बादल न होते तो आकाश (नभ) में इंद्रधनुष कोई नहीं रच पाता।
10कविता की आखिरी पंक्ति क्या कहती है?
आखिरी पंक्ति में कवि कहते हैं कि अगर 'हम' यानी इंसान न होते तो ये सब सवाल उठाने वाला कोई नहीं होता — यानी इंसान भी प्रकृति का एक ज़रूरी हिस्सा है।
11पाठ में इंद्रधनुष से जुड़ी कौन-सी गतिविधि है?
पाठ में बच्चों को इंद्रधनुष बनाकर उसके सात रंगों — लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी, बैंगनी — के सामने अपने बारे में एक-एक बात लिखने को कहा गया है।
12'खोजें-जानें' गतिविधि में बच्चों को क्या करना है?
इस गतिविधि में बच्चों को घर के दो सदस्यों — जैसे माँ, पिताजी या भाई-बहन — से मनपसंद चीज़ों के बारे में सवाल पूछने हैं और फिर कक्षा में अपनी बातचीत सुनानी है।
13कविता में किस तरह के सवाल बार-बार आते हैं?
हर पद में 'अगर न होता/होते/होती … कौन?' का सवाल आता है। यह सवाल बच्चों को सोचने पर मजबूर करता है कि प्रकृति के हर तत्व का हमारे जीवन में क्या योगदान है।
14इस कविता से बच्चे क्या सीखते हैं?
बच्चे सीखते हैं कि चाँद, सूरज, नदियाँ, पेड़, फूल और बादल जैसी प्रकृति की हर चीज़ हमारे जीवन के लिए ज़रूरी है और हमें उनकी रक्षा करनी चाहिए।
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