Summary
पाठ 17 — "बरसात और मेंढक" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक रोचक कहानी है जिसमें सोमारू और कमली भूख मिटाने के लिए मेंढक, बादल, नदी, घास और गाय की एक-दूसरे से जुड़ी ज़रूरतें पूरी करते हैं और माफ़ी माँगकर समस्या सुलझाते हैं।
- कहानी का सारांश — सोमारू और कमली जंगल से लौटते समय भूखे हो गए। उन्हें दूध पाने के लिए गाय, घास, पानी, नदी, बादल और मेंढक — सभी की एक-दूसरे पर निर्भर ज़रूरतें पूरी करनी पड़ीं।
- मुख्य भाव — माफ़ी और सहयोग — मेंढक ने बाहर आने से मना किया क्योंकि बच्चे उन्हें पत्थर मारते थे। जब सोमारू और कमली ने माफ़ी माँगी और वादा किया कि अब कोई पत्थर नहीं मारेगा, तब मेंढक मान गए और टर्र-टर्र बोलने लगे।
- पाठ से सीख — किसी को तकलीफ़ देने पर माफ़ी माँगनी चाहिए। सभी जीव-जंतुओं के साथ दयालुता से पेश आना चाहिए।
- आनंदमयी कविता — सोहनलाल द्विवेदी — इस पाठ में सोहनलाल द्विवेदी की एक कविता भी है जो सवेरे जल्दी उठने, आलस छोड़ने और भारत माँ का जयगान करने की बात करती है।
- शब्दों का खेल — ढ, ड, ड़, द — पाठ में 'ढ', 'ड', 'ड़' और 'द' वाले शब्द बनाने और ज़ोर से पढ़ने का अभ्यास है, जैसे मेंढक, डमरू, घड़ी और बादाम।
Key points & formulas
- 01सोमारू और कमली जंगल घूमने गए और लौटते समय उन्हें भूख लगी।
- 02गाय ने दूध देने के लिए हरी घास, घास ने पानी, नदी ने बरसात, और बादल ने मेंढक का टर्र-टर्र सुनने की शर्त रखी।
- 03मेंढक ने बाहर आने से इसलिए मना किया क्योंकि बच्चे उन्हें पत्थर मारते थे।
- 04सोमारू और कमली ने माफ़ी माँगी और वादा किया कि अब कोई पत्थर नहीं मारेगा।
- 05मेंढक के टर्र-टर्र बोलने पर बादल बरसे, नदी में पानी आया, घास हरी हुई, गाय ने दूध दिया।
- 06यह कहानी 'साभार, इकतारा' से ली गई है।
- 07पाठ में सोहनलाल द्विवेदी की कविता 'आनंदमयी कविता' भी है जो सवेरे उठने की बात करती है।
Frequently asked questions
01'बरसात और मेंढक' कहानी में सोमारू और कमली को भूख क्यों लगी?
सोमारू और कमली जंगल घूमने गए थे। वापस लौटते समय उन्हें ज़ोर की भूख लगी।
02सोमारू और कमली ने भूख मिटाने के लिए सबसे पहले किससे मदद माँगी?
उन्होंने सबसे पहले गाय से थोड़ा दूध माँगा।
03गाय ने दूध देने के लिए क्या माँगा?
गाय ने कहा कि उसके पास खाने को घास नहीं है। पहले उसे हरी-हरी घास खिलाओ, तब वह दूध देगी।
04घास ने क्या कहा?
घास सूखकर पीली हो गई थी। घास ने कहा कि उसे पानी दो तो वह खाने लायक बने।
05नदी ने पानी देने के लिए क्या शर्त रखी?
नदी सूखी हुई थी। नदी ने कहा कि पहले बरसात हो, तभी उसे पानी मिलेगा।
06बादल बरसने के लिए क्या चाहते थे?
बादल बिन बरसे टँगे थे। वे चाहते थे कि मेंढक टर्र-टर्र बोलें, तब वे बरसेंगे।
07मेंढक ने बाहर निकलने से क्यों मना किया?
मेंढक ने कहा कि जब वे बाहर निकलते हैं तो बच्चे उन्हें पत्थर मारते हैं, इसलिए वे बाहर नहीं आते।
08सोमारू और कमली ने मेंढक को कैसे मनाया?
दोनों ने मेंढक से माफ़ी माँगी और वादा किया कि अब से उन्हें कोई पत्थर नहीं मारेगा। मेंढक मान गए।
09मेंढक के टर्र-टर्र बोलने के बाद क्या हुआ?
मेंढक की आवाज़ सुनकर बादल आए और झूमकर बरसे। नदी में पानी बहने लगा, घास हरी हो गई, और गाय ने दूध दिया।
10कहानी का अंत कैसे हुआ?
सोमारू और कमली ने नदी से पानी लाकर घास को दिया, घास हरी हुई, गाय को खिलाई, गाय ने दूध दिया और दोनों ने दूध पीकर घर की राह ली।
11यह कहानी किस किताब से ली गई है?
यह कहानी 'साभार, इकतारा' से ली गई है।
12पाठ में 'आनंदमयी कविता' किसने लिखी है?
यह कविता सोहनलाल द्विवेदी ने लिखी है।
13'आनंदमयी कविता' में क्या संदेश दिया गया है?
कविता में सवेरे जल्दी उठने, आलस छोड़ने, आँखें खोलने और भारत माँ का जयगान करने का संदेश है।
14पाठ में शब्दों के खेल में कौन-से अक्षरों के शब्द बनाने थे?
'ढ', 'ड', 'ड़' और 'द' वाले शब्द बनाने और ज़ोर से पढ़ने का अभ्यास था। उदाहरण — मेंढक, डमरू, घड़ी, बादाम।
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