HindiClass 9

Ganga

2026-27 Edition12 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Ganga

A quick revision map of Ganga — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

Do Bailon Ki Katha

Chapter 1 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Do Bailon Ki Katha' (दो बैलों की कथा), प्रेमचंद की यह गद्य कहानी हीरा और मोती नामक दो बैलों के माध्यम से मित्रता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए अदम्य संघर्ष का मार्मिक चित्रण करती है।

  • 1लेखक: प्रेमचंद (मूल नाम धनपत राय; जन्म 1880, लमही, वाराणसी; प्रमुख उपन्यास — गोदान, गबन, निर्मला, कर्मभूमि; निधन 1936)
  • 2विधा: गद्य कहानी — गंगा पाठ्यपुस्तक, कक्षा 9 हिंदी, गद्य खंड
  • 3केंद्रीय भाव: स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है; हीरा-मोती का संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक है
  • 4मुख्य पात्र: हीरा (सहनशील, नैतिक, धैर्यवान), मोती (साहसी, आवेगी), झूरी (किसान-मालिक), गया (झूरी का साला, अत्याचारी), भैरो की बेटी (दयालु लड़की जिसने रोटियाँ खिलाईं)
  • 5मित्रता का महत्त्व: हीरा और मोती की अटूट मित्रता — संकट में साथ रहना, एक के बंधन में दोनों का रुकना, एकता से साँड़ को परास्त करना
02

Kya Likhun

Chapter 2 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Kya Likhun' (क्या लिखूँ), पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का यह निबंध निबंध-रचना की प्रक्रिया और उसकी कठिनाइयों को रोचक आत्मपरक शैली में, दो विषयों को एक साथ समेटकर प्रस्तुत करता है।

  • 1विधा: निबंध; लेखक: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी (जन्म 1894, खैरागढ़, छत्तीसगढ़); निबंध लेखन के लिए हिंदी साहित्य में विशेष रूप से स्मरणीय
  • 2केंद्रीय भाव: निबंध-रचना की प्रक्रिया और उसकी कठिनाइयाँ; लेखक आत्मपरक शैली में पाठकों से सीधा संवाद करते हैं
  • 3ए.जी. गार्डिनर के अनुसार लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है; लेखक स्वीकार करते हैं कि उन्हें परिश्रम करना पड़ता है और वह स्थिति उन्हें प्राप्त नहीं होती
  • 4मानटेन की पद्धति: स्वयं देखे, सुने और अनुभव किए को लिपिबद्ध करना — इसमें लेखक की सच्ची अनुभूति और स्वच्छंद अभिव्यक्ति होती है
  • 5अमीर खुसरो की प्रतिभा से प्रेरणा: एक ही पद्य में चार स्त्रियों की इच्छा पूरी — इसी तरह लेखक ने 'दूर के ढोल' और 'समाज-सुधार' दोनों विषयों को एक निबंध में समेटा
03

Samvadhin

Chapter 3 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Samvadhin' (संवादहीन), शेखर जोशी की यह कहानी एक ग्रामीण वृद्ध महिला ताई के अकेलेपन और तोते मिट्ठू के साथ बने आत्मीय संवाद-संबंध के माध्यम से पलायन, एकाकीपन और संवाद के अभाव की पीड़ा उजागर करती है।

  • 1लेखक: शेखर जोशी (जन्म 1932, अल्मोड़ा, उत्तराखंड; निधन 2022); उनकी कहानियाँ ग्रामीण-शहरी मध्यवर्गीय जीवन और मजदूरों के संघर्षों पर केंद्रित हैं।
  • 2विधा: कहानी (गद्य) — 'संवादहीन' शेखर जोशी की सामाजिक यथार्थवादी कहानी है।
  • 3केंद्रीय भाव: अकेलापन, पलायन और संवाद का अभाव — बहू-बेटों के शहर चले जाने से ताई का घर सूना हो जाता है और मिट्ठू उनका एकमात्र संवाद-माध्यम बनता है।
  • 4मुख्य पात्र: ताई (वृद्ध ग्रामीण महिला), मिट्ठू (पहाड़ी तोता), जगन मास्टर (स्वतंत्र विचारक), गनपत (ताई का सहायक)।
  • 5जगन मास्टर का चरित्र: स्वतंत्र विचारों के आदमी जो पिंजरे में बंद मिट्ठू को देखकर बेचैन हो जाते हैं और उसे खुली हवा देने का प्रयास करते हैं — उनके इस कार्य से मिट्ठू उड़ जाता है।
04

Aisi Bhi Baatein Hoti Hain

Chapter 4 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Aisi Bhi Baatein Hoti Hain' (ऐसी भी बातें होती हैं), यतींद्र मिश्र द्वारा लिया गया यह साक्षात्कार है जिसमें भारत रत्न लता मंगेशकर अपनी संगीत-साधना, पिता से मिले स्वाभिमान के संस्कार और जीवन की अनमोल स्मृतियाँ साझा करती हैं।

  • 1विधा: यह पाठ साक्षात्कार (इंटरव्यू) विधा का है; साक्षात्कारकर्ता यतींद्र मिश्र और साक्षात्कारदात्री भारत रत्न लता मंगेशकर हैं।
  • 2केंद्रीय भाव: संगीत-साधना और पारिवारिक संस्कारों के बल पर जीवन की हर चुनौती पार करना; किसी के आगे हाथ न पसारना — यही पिता की सबसे बड़ी सीख थी।
  • 3पिता का प्रभाव: पं. दीनानाथ मंगेशकर मराठी रंगमंच में कर्नाटक और पंजाब का संगीत लेकर आए; उनके नाटकों में पाँच अंक और लंबी रागदारी होती थी।
  • 4प्रमुख प्रसंग: उस्ताद अली अकबर खाँ के शुद्ध सुर में डूबे वादन से सरोद का तार टूट जाना — इससे लता जी ने संगीत की असीम शक्ति का अनुभव किया।
  • 5जीवन-दर्शन: मराठी कहावत 'गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन' — गाँव बह जाता है, पर नाम रह जाता है; कर्म और यश अमर रहते हैं।
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Aakhiri Chattan Tak

Chapter 5 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Aakhiri Chattan Tak' (आखिरी चट्टान तक), मोहन राकेश का यह यात्रा-वृत्तांत कन्याकुमारी की यात्रा के प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और आत्मिक अनुभवों का सजीव वर्णन प्रस्तुत करता है।

  • 1लेखक/रचनाकार: मोहन राकेश (जन्म 1925, अमृतसर; निधन 1972); हिंदी के बहुमुखी साहित्यकार
  • 2विधा: यात्रा-वृत्तांत — यह केवल स्थान-चित्रण नहीं, बल्कि प्रकृति, मानव-जीवन और आत्मानुभूति का गहरा समन्वय है
  • 3केंद्रीय भाव: प्रकृति की विराट शक्ति के समक्ष मनुष्य की क्षणिक अनुभूति और आत्म-चेतना — 'शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति'
  • 4मुख्य घटनाएँ: विवेकानंद चट्टान पर ध्यानस्थ भाव, सूर्यास्त के लिए रेत के टीले पार करना, बढ़ते ज्वार में खतरे से सुरक्षित बचना, मछुआ नाव से विवेकानंद चट्टान पर जाना
  • 5सामाजिक पक्ष: कन्याकुमारी के स्थानीय शिक्षित युवाओं की बेरोज़गारी — 'सीपियों का गूदा खाते हैं और दार्शनिक सिद्धांतों पर बहस करते हैं'
06

Reedh Ki Haddi

Chapter 6 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Reedh Ki Haddi' (रीढ़ की हड्डी), जगदीशचंद्र माथुर की यह एकांकी स्त्री-शिक्षा की उपेक्षा और विवाह की रूढ़िगत सोच पर व्यंग्य करते हुए उमा के आत्म-सम्मान और साहसी विद्रोह को केंद्र में रखती है।

  • 1लेखक: जगदीशचंद्र माथुर — जन्म 1917, शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश); निधन 1978; प्रमुख कृतियाँ: कोणार्क, भोर का तारा, दस तस्वीरें।
  • 2विधा: एकांकी (एकल अंक का नाटक); रचना काल 1939।
  • 3केंद्रीय भाव: परंपरागत विवाह-व्यवस्था में स्त्री को वस्तु की तरह परखने की प्रवृत्ति और स्त्री-शिक्षा विरोधी रूढ़िगत सोच पर व्यंग्य।
  • 4मुख्य पात्र: उमा (शिक्षित, साहसी लड़की — स्वाभिमान की प्रतीक), रामस्वरूप (पिता — बाहर से उदार, भीतर से रूढ़िवादी), गोपालप्रसाद (वर-पक्ष — पुरातनपंथी सोच के वकील), शंकर (कायर और नैतिक रीढ़ विहीन लड़का)।
  • 5शीर्षक का दोहरा अर्थ: 'रीढ़ की हड्डी' शारीरिक रीढ़ के साथ-साथ नैतिक दृढ़ता (बैकबोन) की ओर संकेत करती है — जो शंकर में नहीं है।
07

Main Aur Mera Desh

Chapter 7 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Main Aur Mera Desh' (मैं और मेरा देश), कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' का यह निबंध व्यक्ति और राष्ट्र के अविभाज्य संबंध को गहराई से स्थापित करता है — कि नागरिक का सम्मान और देश का सम्मान अटूट रूप से जुड़े हैं।

  • 1विधा — यह प्रश्नोत्तर (संवादात्मक) शैली में लिखा गया सामाजिक-राष्ट्रीय निबंध है।
  • 2लेखक — कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' (जन्म 1906, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश; पत्रकार व निबंधकार; पद्म श्री से सम्मानित; निधन 1995)।
  • 3केंद्रीय भाव — व्यक्ति और देश एक-दूसरे से अविभाज्य हैं; देश के सम्मान में ही नागरिक का सम्मान निहित है और नागरिक के कार्यों का प्रभाव देश पर भी पड़ता है।
  • 4लाला लाजपत राय का 'मानसिक भूकंप' — विश्व-भ्रमण में भी भारत की गुलामी का कलंक माथे पर चिपका रहा; इस अनुभव ने लेखक की पूर्णता की भावना को तोड़ दिया।
  • 5देश की दो आवश्यकताएँ — शक्तिबोध (राष्ट्रीय आत्मविश्वास) और सौंदर्यबोध (सुरुचि व सांस्कृतिक चेतना); देश की उच्चता की कसौटी है — निष्पक्ष चुनाव में योग्य उम्मीदवार को मत देना।
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Raidas Ke Pad

Chapter 8 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Raidas Ke Pad' (रैदास के पद), संत कवि रैदास के इन पदों में प्रभु के प्रति अनन्य भक्ति और अटूट आस्था का भाव व्यक्त हुआ है, जहाँ बाह्य आडंबरों की जगह आंतरिक भक्ति को सच्चा धर्म माना गया है।

  • 1कवि: संत रैदास (रविदास) — जन्म काशी (वाराणसी); जीवन-काल 15वीं शताब्दी (1388–1518); भक्तिकाल के प्रमुख संत कवि
  • 2विधा: पद (काव्य खंड) — सरल ब्रजभाषा में रचित, जिसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और उर्दू-फारसी शब्दों का मिश्रण है
  • 3केंद्रीय भाव: भक्त और आराध्य का अटूट और अनन्य संबंध; बाह्य आडंबरों (तीर्थ-व्रत) के स्थान पर आंतरिक भक्ति को प्रधानता
  • 4प्रमुख प्रतीक/उपमाएँ (पद 1): चंदन-पानी, घन बन (बादल-वन)-मोर, दीपक-बाती, मोती-धागा, स्वामी-दास
  • 5काव्य-सौंदर्य: अनुप्रास अलंकार ('घन बन', 'चंद चकोरा'), उपमा अलंकार ('मोती-धागा, जैसे सोने मिलत सुहागा'), रूपक अलंकार ('चरन कमल')
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Ram-Lakshman-Parshuram Samvad

Chapter 9 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Ram-Lakshman-Parshuram Samvad' (राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद), गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के बालकांड से लिया गया यह काव्यांश शिव-धनुष भंग होने पर क्रोधित परशुराम और राम की विनम्रता तथा लक्ष्मण के व्यंग्य का वर्णन करता है।

  • 1कवि/रचयिता: गोस्वामी तुलसीदास (जन्म उत्तर प्रदेश, जीवनकाल 1532–1623); यह काव्यांश उनके महाकाव्य रामचरितमानस के बालकांड से लिया गया है और अवधी भाषा में चौपाई-दोहा शैली में रचित है।
  • 2विधा: भक्ति-काव्य — चौपाई-दोहा शैली में संवाद-प्रस्तुति का उत्कृष्ट उदाहरण, जिसमें संवादों के माध्यम से ही कथा का विकास और पात्रों का चरित्र-निर्माण होता है।
  • 3केंद्रीय भाव: राम की विनम्रता, मर्यादा और धीर-गंभीर संयम एक ओर; लक्ष्मण का व्यंग्यशील साहस दूसरी ओर — दोनों एक ही संकट-परिस्थिति के प्रति दो भिन्न स्वभावों के प्रतीक हैं।
  • 4मुख्य पात्र: परशुराम (रौद्र-क्रोधी), राम (शांत-विनम्र, हृदय में न हर्ष न विषाद), लक्ष्मण (व्यंग्यशील), जनक (भयभीत-मौन), सीता (आशंकित, प्रतीक्षारत), विश्वामित्र (सभा में उपस्थित)।
  • 5प्रमुख काव्य-सौंदर्य/अलंकार: अनुप्रास — "अरि करनी करि करिअ लराई"; बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना — "अरध निमेष कलप सम बीता"; रूपक — "पद सरोज मेले दोउ भाई"।
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Bharati, Jai, Vijayakare

Chapter 10 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Bharati Jai Vijayakare' (भारति जय विजय करे), सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की इस कविता में कवि भारत को एक दिव्य देवी के रूप में संबोधित करते हुए उसकी प्राकृतिक सुंदरता, कृषि-समृद्धि और आध्यात्मिक विरासत का ओजस्वी गान करते हैं।

  • 1कवि: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' — जन्म 1899, महिषादल (बंगाल); मूल निवास गढ़ाकोला, उन्नाव (उत्तर प्रदेश); निधन 1961
  • 2विधा: देशप्रेम से ओत-प्रोत कविता; छायावाद के प्रमुख कवि, जिन्होंने सर्वप्रथम मुक्त छंद का प्रयोग किया
  • 3केंद्रीय भाव: भारत को एक दिव्य चेतन देवी के रूप में प्रस्तुत कर उसकी प्राकृतिक, कृषि और आध्यात्मिक महिमा का ओजस्वी गान
  • 4रूपक अलंकार: 'मुकुट शुभ्र हिम-तुषार' — हिमालय को भारत का मुकुट बताकर उपमेय में उपमान का अभेद स्थापित किया गया है
  • 5अनुप्रास अलंकार: 'शतमुख-शतरव-मुखरे!' — 'श' वर्ण की पुनरावृत्ति से संगीतात्मकता उत्पन्न होती है
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Jhansi Ki Rani

Chapter 11 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Jhansi Ki Rani' (झाँसी की रानी), सुभद्रा कुमारी चौहान की यह प्रसिद्ध कविता 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर रानी लक्ष्मीबाई की अदम्य वीरता, बलिदान और देशप्रेम की ओजस्वी गाथा प्रस्तुत करती है।

  • 1कवयित्री: सुभद्रा कुमारी चौहान (जन्म 1904, प्रयागराज) — स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध हिंदी कवयित्री; उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा और सन् 1948 में उनका निधन हुआ।
  • 2विधा: कथात्मक वीर कविता — घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन, गेयता और प्रत्येक पद के अंत में 'खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी' टेक की आवृत्ति इसकी प्रमुख विशेषता है।
  • 3केंद्रीय भाव: 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, त्याग, देशप्रेम और बलिदान — जो पाठकों में जोश, साहस और राष्ट्रीय चेतना जगाते हैं।
  • 4मुख्य घटनाएँ: बचपन में अस्त्र-शस्त्र प्रशिक्षण → झाँसी में विवाह → पति की निःसंतान मृत्यु → डलहौजी द्वारा झाँसी का अधिग्रहण → 1857 की क्रांति → ग्वालियर विजय → तेईस वर्ष की आयु में वीरगति।
  • 5प्रमुख काव्य-सौंदर्य: ओजपूर्ण एवं गेय भाषा में वीरतापूर्ण भावों का सजीव चित्रण; 'बुंदेले हरबोलों' के माध्यम से लोक-साहित्य परंपरा का संदर्भ।
12

Ghar Ki Yaad

Chapter 12 of the Class 9 Hindi NCERT textbook (Ganga), 'Ghar Ki Yaad' (घर की याद), भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जेल में लिखी, जिसमें सावन की घनघोर वर्षा के बीच परिवार की तीव्र स्मृति और बादल को दूत बनाकर सांत्वना देने की भावना व्यक्त हुई है।

  • 1विधा: कविता (गीतात्मक)
  • 2कवि: भवानीप्रसाद मिश्र — जन्म 1913, होशंगाबाद (मध्य प्रदेश); निधन 1985; 'बुनी हुई रस्सी' पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त
  • 3रचना-पृष्ठभूमि: 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान ब्रिटिश कारावास में लिखी गई
  • 4केंद्रीय भाव: कारावास में परिवार की गहरी स्मृति, राष्ट्रभक्ति और परिजनों को कष्ट न देने की भावना
  • 5प्रमुख काव्य-बिंब: सावन की वर्षा — कवि के भीतरी दुःख का प्रतीक; सावन का बादल — संदेशवाहक (दूत) के रूप में

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