Class 10 Sanskrit

Chapter 2 — पत्रलेखनम्

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Overview

Summary

Chapter 2 of the Class 10 Sanskrit NCERT textbook (Abhyaswaan Bhav), 'Patralekhanam' (पत्रलेखनम्), संस्कृत में पत्र-लेखन (Letter Writing) का व्यावहारिक कौशल-पाठ है, जिसमें अनौपचारिक एवं औपचारिक — दोनों प्रकार के पत्रों के आदर्श उदाहरण और अभ्यास प्रश्न दिए गए हैं।

  • पत्र के दो प्रमुख रूपपाठ में दो विभाग हैं — (क) अनौपचारिक पत्र, जो परिवार, मित्र एवं अधिकारी को लिखे जाने वाले व्यक्तिगत पत्र हैं; और (ख) औपचारिक पत्र, जो कार्यालय, विद्यालय एवं संस्था को लिखे आवेदन-पत्र हैं।
  • प्रमुख पत्र-विषयस्रोत के पत्र-विषयों में चोरित स्यूत की पुलिस को प्राथमिक-सूचना, प्रधानाचार्य को विज्ञान विषय लेने की अनुमति का आवेदन, मित्र को जलसंरक्षण पर पत्र तथा प्रतियोगी परीक्षा-तैयारी हेतु पिता का पुत्र को पत्र सम्मिलित हैं।
  • पत्र-शिष्टाचार एवं भाषापाठ पत्र की भाषा, प्रारूप एवं शिष्टाचार-भाव सिखाता है — 'सधन्यवादम्', 'करबद्धः अनुरोधः', 'सप्रेम नमो नमः', 'शुभाशिषो लसन्तु' जैसे संस्कृत सम्बोधन-पदों का प्रयोग विशेष रूप से बताया गया है।
  • उक्ति एवं शब्दार्थस्वास्थ्य-पत्र की उक्ति 'स्वस्थशरीरे एव स्वस्थमनसः वासः भवति' — स्वस्थ मन का निवास स्वस्थ शरीर में ही होता है। कठिन शब्द — स्यूत = थैला, आरक्ष्यधिकारी = पुलिस अधिकारी, त्वरितभोजन = जंक फूड, सन्तुलितभोजन = संतुलित आहार।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01पाठ का स्वरूप एवं स्रोत: NCERT 'अभ्यासवान् भव' दशमकक्षा की संस्कृत पाठ्यपुस्तक का द्वितीय पाठ; यह साहित्यिक पाठ नहीं अपितु संस्कृत पत्र-लेखन का व्यावहारिक कौशल-पाठ है।
  2. 02दो विभाग: (क) अनौपचारिकम् पत्रम् — परिवार, मित्र एवं अधिकारी को लिखे जाने वाले व्यक्तिगत पत्र; (ख) औपचारिकम् पत्रम् — कार्यालय, विद्यालय एवं संस्था को लिखे आवेदन-पत्र।
  3. 03मुख्य पत्र-विषय (स्रोत से): चोरित स्यूत की पुलिस को प्राथमिक-सूचना; प्रधानाचार्य को एकादश कक्षा में विज्ञान विषय लेने की विशेष अनुमति का आवेदन; मित्र को जलसंरक्षण के महत्त्व पर पत्र; स्वस्थ भोजन के विषय में बड़ी बहन का छोटे भाई को पत्र; प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पिता का पुत्र को पत्र।
  4. 04केंद्रीय शिक्षा: पत्र की भाषा, प्रारूप एवं शिष्टाचार-भाव — जैसे 'सधन्यवादम्', 'करबद्धः अनुरोधः', 'सप्रेम नमो नमः', 'शुभाशिषो लसन्तु' — इन संस्कृत सम्बोधन-पदों का प्रयोग सिखाया गया है।
  5. 05प्रमुख उक्ति (स्रोत में शब्दशः): स्वास्थ्य-पत्र में आई उक्ति — 'स्वस्थशरीरे एव स्वस्थमनसः वासः भवति' — अर्थ: स्वस्थ मन का निवास स्वस्थ शरीर में ही होता है।
  6. 06कठिन शब्दार्थ (स्रोत से): स्यूत = थैला/बैग; आरक्ष्यधिकारी = पुलिस अधिकारी; प्राथमिक-सूचना = पहली सूचना/FIR; त्वरितभोजन = जंक फूड / फास्ट फूड; सन्तुलितभोजन = संतुलित आहार; सामान्यज्ञान = सामान्य ज्ञान; जलसंरक्षण = जल संरक्षण।
  7. 07अभ्यास-केंद्रित पाठ: अधिकांश प्रश्नों में रिक्त स्थान भरने और मञ्जूषा के दिए शब्दों का प्रयोग करते हुए पूरा पत्र लिखने का कार्य है — जो संस्कृत लेखन-कौशल को व्यावहारिक बनाता है।
Questions

Frequently asked questions

01

पत्रलेखनम् पाठ किस पुस्तक में है?

पत्रलेखनम् पाठ NCERT की 'अभ्यासवान् भव' दशमकक्षा की संस्कृत पाठ्यपुस्तक का द्वितीय पाठ (Chapter 2) है।

02

Patralekhanam chapter kya hai NCERT Class 10 Sanskrit mein?

पत्रलेखनम् संस्कृत में पत्र-लेखन का व्यावहारिक पाठ है जिसमें अनौपचारिक एवं औपचारिक दोनों प्रकार के पत्रों के आदर्श उदाहरण और अभ्यास दिए गए हैं।

03

अनौपचारिक और औपचारिक पत्र में क्या अंतर है — संस्कृत में?

अनौपचारिकम् पत्रम् परिवार, मित्र या अधिकारी को व्यक्तिगत विषय पर लिखा जाता है (जैसे चोरी की सूचना, माँ को आश्वासन)। औपचारिकम् पत्रम् विद्यालय, कार्यालय या संस्था को आवेदन-पत्र के रूप में लिखा जाता है (जैसे प्रधानाचार्य को अनुमति-पत्र)।

04

पत्रलेखनम् में किन-किन विषयों पर पत्र दिए गए हैं?

स्रोत के अनुसार: चोरित स्यूत की पुलिस को सूचना, प्रधानाचार्य को विज्ञान विषय लेने का आवेदन, माँ को परीक्षा-सुधार का आश्वासन, मित्र को जलसंरक्षण का महत्त्व, बड़ी बहन का छोटे भाई को स्वस्थ भोजन पर पत्र, पिता का पुत्र को प्रतियोगी परीक्षा-तैयारी पर परामर्श।

05

स्यूत का हिंदी अर्थ क्या है?

स्यूत का अर्थ है थैला या बैग। पाठ में 'चोरितस्य स्यूतस्य प्राथमिक-सूचना' अर्थात चोरी हुए बैग की पहली सूचना देने के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है।

06

आरक्ष्यधिकारी किसे कहते हैं संस्कृत में?

आरक्ष्यधिकारी का अर्थ है पुलिस अधिकारी। पाठ में अजय नामक व्यक्ति ने लाजपतनगर, नई दिल्ली के आरक्ष्यधिकारी को मेट्रो में चोरी हुए स्यूत की प्राथमिक-सूचना देने के लिए पत्र लिखा है।

07

'स्वस्थशरीरे एव स्वस्थमनसः वासः भवति' का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है: स्वस्थ मन का निवास स्वस्थ शरीर में ही होता है। यह उक्ति पाठ के स्वस्थ-भोजन विषयक पत्र में आई है जिसमें अमिता ने अपने छोटे भाई अमित को संतुलित भोजन करने की सलाह दी है।

08

त्वरितभोजन और सन्तुलितभोजन में क्या अंतर है संस्कृत में?

त्वरितभोजन का अर्थ है फास्ट फूड / जंक फूड, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। सन्तुलितभोजन का अर्थ है संतुलित आहार, जिसे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया गया है।

09

संस्कृत में प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र कैसे लिखते हैं?

पाठ के अनुसार: 'सेवायाम्, प्रधानाचार्यमहोदय!' से आरम्भ करें, विषय-पंक्ति लिखें, 'सविनयं निवेद्यते' से मुख्य कथन लिखें, और अंत में 'कृपाकाङ्क्षी, भवदाज्ञाकारी शिष्यः' लिखें।

10

जलसंरक्षण पर संस्कृत में पत्र — मुख्य बातें क्या हैं?

पाठ में उमेश नामक छात्र ने मित्र को पत्र लिखा है। उसमें कहा गया है कि जीवन में जल का महत्त्व अतुलनीय है, और यदि जलसंरक्षण पर ध्यान न दिया गया तो स्थिति अफ्रीका जैसी हो सकती है। अतः जागरूकता अनिवार्य है।

11

Patralekhanam Class 10 Sanskrit mein pratiyogi pariksha par kya likha hai?

पाठ में आशीषकुमार ने जयपुर से पुत्र अविनाश को पत्र लिखा है जिसमें बाल्यकाल से ही सामान्यज्ञान का अभ्यास करने, प्रतिदिन समाचारपत्र पढ़ने और नियमित अध्ययन करने की सलाह दी गई है ताकि संघ-लोकसेवा-आयोग की परीक्षा में सफलता मिल सके।

12

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

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