Class 10 Sanskrit

Chapter 1 — अपठितावबोधनम्

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Overview

Summary

Chapter 1 of the Class 10 Sanskrit NCERT textbook (Abhyaswaan Bhav), 'Apathitavabodhanam' (अपठितावबोधनम्), कक्षा 10 की संस्कृत कार्यपुस्तिका 'अभ्यासवान् भव' का पहला अध्याय है, जिसमें आठ अपरिचित संस्कृत गद्यांश दिए गए हैं और उन पर एकपद, पूर्णवाक्य तथा यथानिर्देश तीन प्रकार के बोधपरक एवं व्याकरणपरक प्रश्न पूछे गए हैं।

  • अपठित गद्यावबोधन का उद्देश्ययह विधा अपठित गद्यावबोधन (Unseen Passage Comprehension) पर आधारित है। इसका केंद्रीय कौशल अपरिचित संस्कृत गद्यांश पढ़कर अर्थ समझना और एकपद, पूर्णवाक्य तथा व्याकरण-आधारित प्रश्नों के उत्तर देना है।
  • स्वास्थ्य एवं जीवन-मूल्य के गद्यांशधात्रीफल (आमलक) गद्यांश नेत्रज्योति, केशसौंदर्य, त्वचा-कांति एवं स्मरणशक्ति में इसका लाभ बताता है। अन्य गद्यांशों में दया-सत्य-अहिंसा जैसे जीवन-मूल्य तथा अकिञ्चन-वैभव की कथा से हीनभावना का निराकरण दर्शाया गया है।
  • राष्ट्रगौरव एवं परिश्रम का सन्देशसरदार पटेल गद्यांश में लौहपुरुष का जीवन-परिचय एवं 182 मी. ऊँची 'एकताया: मूर्ति:' का वर्णन है। परिश्रम गद्यांश 'उद्यमेनैव हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै:' उद्धरण द्वारा कर्म के महत्त्व को स्थापित करता है।
  • पर्यावरण एवं सामूहिक कल्याणप्रदूषण गद्यांश में वायु, ध्वनि एवं जल — त्रिविध प्रदूषण का वर्णन है और वैश्विक उष्णता का समाधान सुझाया गया है। समापन 'सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:' के द्वारा सामूहिक कल्याण-भावना पर बल देता है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01स्रोत एवं विधा: NCERT कक्षा 10 संस्कृत कार्यपुस्तिका 'अभ्यासवान् भव' (Reprint 2026-27) का प्रथम अध्याय; विधा — अपठित गद्यावबोधन (Unseen Passage Comprehension)।
  2. 02केंद्रीय कौशल: अपरिचित संस्कृत गद्यांश पढ़कर उसका अर्थ समझना और एकपद, पूर्णवाक्य तथा व्याकरण-आधारित प्रश्नों के उत्तर देना।
  3. 03धात्रीफल गद्यांश: आमलक सर्वर्तुषु लाभदायक है — नेत्रज्योति, केशसौंदर्य, त्वचा-कांति, रक्तकोशिका-निर्माण और स्मरणशक्ति वर्धन में उपयोगी; कार्तिक नवमी को धात्रीवृक्ष के नीचे सहभोज की प्राचीन परंपरा भी उल्लिखित है।
  4. 04सरदार पटेल गद्यांश: लौहपुरुष पटेल महोदय (जन्म: 31 अक्टूबर 1875) स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री थे; उनकी प्रतिमा 'एकताया: मूर्ति:' 182 मी./597 फीट ऊँची विश्व की उच्चतम मूर्ति है, जो सरदार-सरोवरबंध से लगभग 3 कि.मी. दूर साधूबेर उपद्वीप पर स्थित है।
  5. 05परिश्रम गद्यांश में दो प्रमुख उद्धरण — 'उद्योगिनं पुरुष सिंहमुपैति लक्ष्‍मी:' (भाव: धन की देवी लक्ष्मी उद्यमी पुरुष के पास जाती हैं) और 'उद्यमेनैव ह‍ि सिध्‍यन्ति कार्याणि न मनोरथै:' (भाव: कार्य केवल परिश्रम से सिद्ध होते हैं, मनोरथों से नहीं); श्रीमद्भगवद्गीता का कर्म-महत्त्व भी स्मारित है।
  6. 06अकिञ्चन-वैभव कथा का सार: गरीब छात्र अकिञ्चन को धनी सहपाठियों से हीनभावना होती थी; वैभव के घर जाने पर माता-पिता की अनुपस्थिति देखकर उसे बोध हुआ कि उसका जीवन श्रेष्ठ है — 'दूरत: पर्वता: रम्‍या:' (दूर के पहाड़ सुंदर लगते हैं)।
  7. 07शब्दार्थ: 'धात्रीफलम्' = आमलक/आँवला; 'अवलेहरूपेण' = च्यवनप्राश/चटनी के रूप में; 'उपदंशरूपेण' = मुखवास/चूर्ण के रूप में; 'रक्‍ताल्पता' = खून की कमी (anaemia)।
  8. 08प्रदूषण गद्यांश में त्रिविध प्रदूषण (वायु, ध्वनि, जल) का वर्णन; समापन 'सर्वे भवन्‍तु सुखिन: सर्वे सन्‍तु निरामया:' — सामूहिक कल्याण-भावना पर बल।
Questions

Frequently asked questions

01

अपठितावबोधनम् अध्याय किस पुस्तक में है?

यह NCERT कक्षा 10 की संस्कृत कार्यपुस्तिका 'अभ्यासवान् भव' का पहला अध्याय है।

02

NCERT Class 10 Sanskrit Abhyaswaan Bhav Apathitavabodhanam mein kitne gadyansh hain?

इस अध्याय में आठ (8) संस्कृत गद्यांश हैं, प्रत्येक पर एकपद, पूर्णवाक्य और व्याकरणपरक प्रश्न हैं।

03

धात्रीफल का अपर नाम क्या है?

गद्यांश के अनुसार धात्रीफल को 'आमलकम्' भी कहते हैं।

04

अपठितावबोधनम् में धात्रीफल के क्या-क्या लाभ बताए गए हैं?

स्रोत के अनुसार यह नेत्रज्योति वर्धन, केशसौंदर्य, त्वचा-कांति, रक्तकोशिका-निर्माण और स्मरणशक्ति के लिए उपयोगी है; शरीर का ताप घटाता है और इसके सेवन से रक्ताल्पता नहीं होती।

05

Sardar Patel ki pratima ka naam Sanskrit gadyansh mein kya diya hai?

गद्यांश में इस प्रतिमा को 'एकताया: मूर्ति:' नाम से उल्लिखित किया गया है। इसकी ऊँचाई 182 मी./597 फीट बताई गई है और यह विश्व की उच्चतम मूर्ति कही गई है।

06

'उद्यमेनैव हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै:' का अर्थ क्या है?

पाठ में इस उक्ति का भाव है कि कार्य केवल परिश्रम (उद्यम) से सिद्ध होते हैं, मनोरथ (इच्छाओं) से नहीं।

07

Apathitavabodhanam mein Akinchan aur Vaibhav ki katha ka kya sandesh hai?

गद्यांश के अनुसार अकिञ्चन को धनी वैभव से ईर्ष्या थी, परंतु वैभव के घर माता-पिता की अनुपस्थिति देखकर उसे बोध हुआ कि उसका अपना जीवन बेहतर है — 'दूरत: पर्वता: रम्‍या:' इसी का सार है।

08

Class 10 Sanskrit Apathitavabodhanam mein pradushan ke kitne prakar hain?

गद्यांश 6 के अनुसार तीन प्रकार के प्रदूषण बताए गए हैं — वायुप्रदूषण, ध्वनिप्रदूषण और जलप्रदूषण।

09

परिश्रम विषयक गद्यांश में जयदेव कौन थे?

गद्यांश के अनुसार जयदेव: वेदशास्त्रज्ञ:, सदाचारी और वयोवृद्ध थे तथा धनेश उनके पुत्र थे।

10

वैश्विक उष्णता पर आधारित संस्कृत गद्यांश में क्या उपाय सुझाए गए हैं?

गद्यांश 7 के अनुसार — अनियंत्रित औद्योगीकरण रोकना, वृक्षकर्तन रोककर वृक्षारोपण करना, और सामान्य विद्युत की अपेक्षा पवनऊर्जा तथा सौरऊर्जा अपनाना।

11

अभ्यासवान् भव अपठितावबोधनम् में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

प्रत्येक गद्यांश के बाद (i) एकपदेन उत्तर, (ii) पूर्णवाक्येन उत्तर, (iii) यथानिर्देशम् उत्तर (विशेषण, क्रियापद, विलोम, पर्याय, सर्वनाम आदि पर आधारित) और (iv) उचित शीर्षक लेखन — ये चार प्रकार के प्रश्न होते हैं।

12

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

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