Summary
पाठ 7 — "वाह, मेरे घोड़े!" कक्षा 1 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंदमयी कविता है जिसमें बच्चा अपने घोड़े को एक-दो-तीन कदम की ताल पर नैनीताल ले जाने, चने की दाल खिलाने और कमाल दिखाने के लिए प्यार से पुकारता है। कविता के लेखक रमेश तैलंग हैं।
- कविता का सारांश — यह कविता चार भागों में एक बच्चे और उसके घोड़े की कहानी कहती है। बच्चा घोड़े की चाल की तारीफ करते हुए उसे नैनीताल ले जाने, चने की दाल खिलाने और कमाल दिखाने को कहता है।
- कवि का नाम — इस कविता के रचयिता रमेश तैलंग हैं। उन्होंने बच्चों की भाषा में सरल और लयबद्ध शब्दों में यह कविता लिखी है।
- मुख्य भाव — कविता का मुख्य भाव बच्चे का अपने घोड़े के प्रति प्रेम और उत्साह है। 'एक कदम, दो कदम, तीन कदम ताल' की पंक्ति बार-बार आने से कविता में एक मधुर लय बनती है।
- पाठ से सीख — इस कविता से बच्चे सीखते हैं कि अपने पालतू जानवरों से प्यार और देखभाल करनी चाहिए। घोड़े को दाल खिलाने की बात यह दर्शाती है कि जानवरों की जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए।
- शब्दों का खेल (भाषा गतिविधि) — पाठ में 'ताल, चाल, दाल, कमाल' जैसे समान अंतिम ध्वनि वाले शब्दों को सुनने और पहचानने का अभ्यास है। साथ ही 'त', 'घ' और 'ड़' की ध्वनि वाले शब्दों को पहचानकर लिखने का अभ्यास भी दिया गया है।
Key points & formulas
- 01कविता 'वाह, मेरे घोड़े!' के लेखक रमेश तैलंग हैं।
- 02'एक कदम, दो कदम, तीन कदम ताल' — यह पंक्ति कविता में चार बार दोहराई गई है।
- 03बच्चा अपने घोड़े को नैनीताल ले जाना चाहता है।
- 04घोड़े को चने की दाल खिलाने की बात कविता में कही गई है।
- 05कविता में ताल, चाल, दाल और कमाल — ये समान अंत वाले शब्द हैं।
- 06भाषा अभ्यास में 'त', 'घ' और 'ड़' ध्वनि वाले शब्द पहचानने का काम है।
Frequently asked questions
01पाठ 7 'वाह, मेरे घोड़े!' किसने लिखा है?
यह कविता रमेश तैलंग ने लिखी है।
02कविता में बच्चा अपने घोड़े की क्या तारीफ करता है?
बच्चा अपने घोड़े की चाल की तारीफ करते हुए कहता है — 'वाह, मेरे घोड़े क्या तेरी चाल!'।
03कविता में घोड़े को कहाँ ले जाने की बात कही गई है?
बच्चा अपने घोड़े को नैनीताल ले जाना चाहता है।
04घोड़े को कौन-सी चीज़ खाने को दी जाती है?
कविता में बच्चा घोड़े को चने की दाल खिलाना चाहता है।
05'एक कदम, दो कदम, तीन कदम ताल' — यह पंक्ति कितनी बार आती है?
यह पंक्ति कविता में चार बार दोहराई गई है, हर भाग की शुरुआत इसी से होती है।
06कविता में 'ताल, चाल, दाल, कमाल' शब्दों में क्या समानता है?
इन सभी शब्दों की अंतिम ध्वनि एक जैसी है — सभी 'आल' की आवाज़ पर खत्म होते हैं।
07पाठ के अभ्यास में बच्चों को कौन-सी ध्वनियाँ सीखनी हैं?
'त', 'घ' और 'ड़' — इन तीन ध्वनियों को पहचानने और उनसे बनने वाले शब्द लिखने का अभ्यास है।
08कविता में 'कमाल' शब्द का क्या अर्थ है?
यहाँ 'कमाल' का अर्थ है अपनी खूबी या हुनर दिखाना — बच्चा चाहता है कि दाल खाने के बाद घोड़ा अपना जादू दिखाए।
09अभ्यास में 'घोड़ा' किस ध्वनि वाले शब्दों की सूची में आता है?
'घोड़ा' शब्द में 'घ' और 'ड़' दोनों ध्वनियाँ हैं, इसलिए यह दोनों सूचियों में आ सकता है।
10पाठ के शब्द-अभ्यास में कौन-कौन से शब्द दिए गए हैं?
घोड़ा, ताला, पेड़, डाल, दाल, तोता, घर, धागा, सड़क — ये शब्द 'त', 'घ' और 'ड़' ध्वनि पहचानने के लिए दिए गए हैं।
11यह कविता किस पाठ्यपुस्तक में है?
यह कविता कक्षा 1 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक 'सारंगी' के पाठ 7 में है।
12कविता का शीर्षक 'वाह, मेरे घोड़े!' क्यों रखा गया है?
कविता में बच्चा अपने घोड़े की तेज़ और सुंदर चाल देखकर खुशी से 'वाह' कहता है, इसीलिए कविता का नाम यह रखा गया है।
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